सोयेपुर के लोगों में पुलिस के फैसले से आक्रोश

Varanasi Updated Fri, 13 Jul 2012 12:00 PM IST
वाराणसी। चर्चित सोयेपुर जहरीली शराब कांड मामले में यू टर्न आने के बाद सोयेपुर के लोग पुलिस की भूमिका से आक्रोशित हैं। हालांकि फंसने के भय से कोई अपना मुंह खोलने को तैयार नहीं है। घटना में मृत लोगों के परिजन प्रशासन की कार्रवाई से निराश हैं। उनका कहना है कि जो प्रशासन चाह रहा है, वही हो रहा है। घटना के बाद गांव के लोगों ने काफी भागदौड़ की लेकिन किसी का भला नहीं हुआ।
सोयेपुर के लोग आज भी 17 फरवरी, 2010 की काली रात को याद कर सिहर उठते हैं। उस रात शराब पीने से लालजी राजभर की भी मौत हो गई थी। उनकी पत्नी सुरसती का कहना है कि पति की मौत के बाद उनको कोई मदद नहीं मिली। पुलिस जिस ढंग से चाहती थी, वैसा ही फैसला हुआ। लालजी के आठ पुत्र हैं। इनमें बड़े बेटे महेश ने बताया कि घटना के बाद काफी लिखा-पढ़ी हुई। लगता था कि गांव वालों को न्याय मिलेगा लेकिन हालात यह हैं कि शराब कांड के दबंग आरोपी आज भी मड़ई का छाजन बनाने से रोक रहे हैं।
गुरुवार को गांव के कई घरों में महिलाएं अगरबत्ती बनाती दिखीं। उनका कहना था कि घटना के बाद से ज्यादातर पुरुषों नेे शराब पीनी छोड़ दी है। पहले घर में महिलाएं आजीविका के लिए अगरबत्ती बनाती थीं और पुरुष उनके पैसे से दारू पीते थे। इसी गांव के शिवचरन राजभर भी जहरीली शराब के शिकार हुए। उनके पुत्र त्रिभुवन उर्फ तीरी ने बताया कि सिर्फ विधानसभाध्यक्ष सुखदेव राजभर ने एक लाख दिया था। वह पैसा खर्च हो गया है। अब किसी प्रकार मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे हैं।
प्रभु राजभर भी जहरीली शराब के शिकार हुए थे। उनके पांच बेटे हैं जो पिता का साया सिर से उठने के बाद मेहनत-मजदूरी करते हैं। उन्होंने घटना के बाद निराश होकर सोयेपुर कांड में आगे क्या हो रहा है, इससे बिलकुल मुंह ही फेर लिया। इसी प्रकार के हालात ज्ञानदास के परिजनों के हैं। शराब पीने से गांव के नंदू राजभर की आंखें चली गईं। नंदू का परिवार भी पुलिस से न्याय नहीं मिलने से आक्रोशित है। गांव के कुछ लोगों ने गुस्से में कहा कि इसी तरह की रिपोर्ट देनी है तो सबको छोड़ दे पुलिस...।
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विवेचक छुट्टी पर, नहीं पहुंचे अदालत
वाराणसी (ब्यूरो)। सोयेपुर जहरीली शराब कांड में फाइनल रिपोर्ट पेश करने वाले विवेचक विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर अवनीश सक्सेना की अदालत में पेश नहीं हुए। अदालत में पुुलिस की ओर से रिपोर्ट आई कि विवेचक छुट्टी पर चले गए हैं। इस मामले में अदालत ने सुनवाई के लिए 20 जुलाई की तिथि निर्धारित की है।
विवेचक ने बुधवार को सोयेपुर शराब कांड मामले की अंतिम रिपोर्ट अदालत में प्रेषित कर दी थी। इस मामले में अदालत ने जेल में बंद माता सिंह और चरणजीत सिंह दत्ता को रिहा करने का परवाना जारी किया लेकिन जमीन के मामले में अभी दोनों आरोपियों पर मुकदमा चल रहा है। इसी प्रकरण के आरोपी पूर्व सांसद जवाहर लाल जायसवाल, विजय जायसवाल और हीरा जायसवाल जेल से बाहर हैं। तीनों को इस प्रकरण से बरी कर दिया गया है। इसके पहले एसएसपी ने पांचों आरोपियों की चार्जशीट कैंसिल कर जांच एसआईएस को सौंप दी थी। एसआईएस के विवेचक ने पांच लोगों के मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाकर आरोपियों का रास्ता आसान कर दिया।

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