अधिकारियों के सामने यात्रियों की फजीहत

Varanasi Updated Wed, 11 Jul 2012 12:00 PM IST
वाराणसी। तत्काल टिकट का समय बदलकर 10 बजे करने से यात्रियों को पहले दिन कोई राहत नहीं मिली, अलबत्ता उनकी परेशानी और बढ़ गई। टिकट पाने की उम्मीद में चार बजे भोर से ही लाइन में लगे यात्रियों को मात्र पंद्रह मिनट में वेटिंग टिकट मिलने लगा। हां, यह जरूर है कि अधिकारियों की मौजूदगी के चलते पहले दिन दलालों की दाल नहीं गली।
तत्काल टिकट के बदले समय का पहले दिन जायजा लेने अमर उजाला की टीम कैंट स्टेशन के आरक्षण केंद्र पहुंची तो वहां अव्यवस्था का आलम दिखा। आरक्षण केंद्र के बाहर लोग चार बजे भोर से ही तत्काल टिकट लेने के लिए खड़े थे। आठ बजे आरपीएफ के जवान वहां पहुंचे। उन्होंने यात्रियों की लाइन लगवा दी। इस बीच अचानक सवा नौ बजे बाहर से लाइन हटवाकर आरक्षण केंद्र परिसर के अंदर लगवा दी गई। इसके चलते जो लोग घंटों से आगे लाइन में खड़े थे, वे पीछे चले गए और पीछे वाले आगे पहुंच गए। इसे लेकर यात्रियों में नोकझोंक भी होती रही। इसके बाद एक-एक यात्रियों के फार्म पर काउंटर नंबर लिखकर उन्हें टिकट के लिए भेजा जाने लगा। सबसे ज्यादा दिक्कत हुई महिलाओं, विकलांगों और वरिष्ठ नागरिकों को, क्योंकि इनके लिए एक ही काउंटर निर्धारित किया गया था। इन सबके बीच मात्र 15 मिनट बाद ही कंफर्म बर्थ के बजाय वेटिंग टिकट मिलने लगा। ऐसे में लोगों की घंटों की मेहनत पर पानी फिर गया। जिन्हें वेटिंग टिकट लेना था, उन्होंने तो लिया लेकिन अधिकांश वापस चले गए। तत्काल टिकट के लिए लगी भीड़ के चलते सामान्य आरक्षण टिकट पाने वालों को भी परेशानी झेलनी पड़ी क्योंकि उन्हें काउंटरों से पूर्वाह्न 9:40 से 10:30 बजे तक हटा दिया गया था। बदली व्यवस्था का पहला दिन होने से क्षेत्रीय प्रबंधक आमोद गुप्ता, स्टेशन प्रबंधक एके पांडेय, आरपीएफ प्रभारी कमलेश्वर सिंह फोर्स के साथ डटे थे। क्षेत्रीय प्रबंधक अमोद गुप्ता का कहना था कि एक सप्ताह तक तत्काल काउंटरों पर विशेष जांच चलेगी। सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रहेगी।
उधर, सिटी स्टेशन पर रोज की तुलना में मंगलवार को यात्रियों को राहत मिली। यहां मुंबई के लिए ज्यादा टिकट लिए गए। यहां लाइन में लगे यात्रियों ने तत्काल के समय में बदलाव का स्वागत किया। उनका कहना था कि चूंकि इस समय अधिकारी मौजूद रहते हैं, ऐसे में दलालों की नहीं चलेगी।

तीन दिन से लौटना पड़ रहा
भोपाल का टिकट लेने के लिए कैंट स्टेशन के तत्काल काउंटर पर तीन दिनों से सुबह से ही लाइन में लग रही हूं, लेकिन टिकट नहीं मिल रहा। आज से व्यवस्था बदली तो उम्मीद जगी थी कि टिकट मिल जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका-दीपमाला

पांच बजे से लाइन लगाई, नहीं मिला टिकट
सुबह पांच बजे से लाइन में खड़ी थी। इसके बावजूद नई दिल्ली का टिकट नहीं मिला। तीन दिनों से रोज कैंट स्टेशन आ रही हूं, लेकिन निराशा हाथ लग रही है। टिकट केवल उन्हीं को मिलता है जिनकी पुलिस और रेलवे कर्मियों से पहचान है-संगीता देवी

दो दिनों से दौड़ रहा हूं टिकट के लिए
पत्नी के इलाज के लिए मुंबई जाना जरूरी है। दो दिनों से तत्काल टिकट के लिए लाइन में लग रहा हूं, पर निराश लौटना पड़ रहा है। टिकट लिए अधिकारियों के यहां भी भागदौड़ कर चुका फिर भी कुछ नहीं हुआ-रामकृपाल, वरिष्ठ नागरिक

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