लिंगदोह समिति की सिफारिश खारिज करे केंद्र

Varanasi Updated Sat, 07 Jul 2012 12:00 PM IST
वाराणसी। लिंगदोह समिति की सिफारिशाें के आधार पर जहां भी छात्रसंघ के चुनाव कराए गए हैं, वहां धनबल और बाहुबल पर रोक नहीं लग पाई। इसीलिए केंद्र सरकार को समिति की सिफारिशाें को खारिज कर देना चाहिए। शुक्रवार को लंका स्थित स्वयंवर वाटिका में आयोजित प्रेसवार्ता में जेएनयू के छात्रसंघ उपाध्यक्ष अभिषेक यादव ने ये बातें कहीं।
पत्रकारों को संबोधित करते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय में लिंगदोह समिति के आधार पर ही चुनाव कराया गया था, जहां धनबल और बाहुबल खूब का खासा प्रभाव देखा गया। उन्होंने कहा कि वास्तव में समिति का उद्देश्य संगठित छात्र आंदोलन की संभावनाआें का समाप्त कर देना है, ताकि उच्च शिक्षा में कारपोरेट परस्त नीतियाें को लागू किया जा सके। उन्हाेंने भारत सरकार तथा सभी राजनीतिक पार्टियाें से समिति के शिफारिश की समीक्षा करने की मांग की। उन्हाेंने उतर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा प्रदेश में छात्रसंघ बहाल करने के फैसले का स्वागत किया तथा इसे छात्र आंदोलन की एक बड़ी जीत करार दी। कहा कि 21 जुलाई को जेएनयू छात्रसंघ द्वारा दिल्ली में एक देशव्यापी मोर्चा बनाने के लिए सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।

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