जिला पंचायतः गहमा-गहमी के बीच अविश्वास प्रस्ताव पारित

Varanasi Updated Fri, 29 Jun 2012 12:00 PM IST
वाराणसी। तीन दिन तक चली पुलिसिया कार्रवाई के बावजूद जिला पंचायत अध्यक्ष मधुकर मौर्या के खिलाफ गुरुवार को अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया। प्रस्ताव के पक्ष में 20 सदस्यों ने मतदान किया जबकि विपक्ष में एक भी मत नहीं पड़ा। कारण, सदन में प्रस्ताव के समर्थक सदस्य ही मौजूद थे।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत गुरुवार को दिन में 11 बजे से जिला पंचायत कार्यालय में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होनी थी। इसके लिए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (न्यायालय संख्या 13 ) राम मनोहर नारायण मिश्र की अध्यक्षता में बैठक की कार्यवाही शुरू हुई। निर्धारित समय तक 39 में से 20 सदस्य ही सदन में मौजूद थे। लिहाजा पीठासीन अधिकारी ने आधे घंटे का समय दिया ताकि सभी सदस्य उपस्थित हो जाएं। पर 11.30 बजे तक अन्य किसी के न आने पर कार्यवाही शुरू हो गई। पीठासीन अधिकारी ने पहले प्रस्ताव पर चर्चा करानी चाही लेकिन उपस्थित सदस्यों ने सीधे मतदान का अनुरोध किया। इस पर अध्यक्ष ने दोबारा चर्चा की बात कही, लेकिन सदस्य मतदान पर अड़े रहे। ऐसे में दोपहर करीब 12 बजे मतदान शुरू हुआ और कुछ ही पलों में सदन के बाहर परिणाम का इंतजार करने वालों तक सूचना आ गई कि अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया। कुछ ही देर में विजयी मुद्रा में पंचायत सदस्य सभागार से बाहर निकलने लगे। उन्हें देखते ही पंचायत कार्यालय के बाहर जमा समर्थकों ने नारेबाजी भी की। पीठासीन अधिकारी ने करीब साढ़े तीन बजे परिणाम की औपचारिक घोषणा की। परिणाम की प्रति पंचायत कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर भी चस्पा कर दी गई।
बता दें कि गत छह जून को जिला पंचायत सदस्य सुजीत सिंह उर्फ डाक्टर के नेतृत्व में 23 सदस्यों ने जिलाधिकारी को अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया था। डीएम ने नोटिस को संज्ञान में लेते हुए उस पर चर्चा के लिए 28 जून की तिथि मुकर्रर की थी। जैसे-जैसे बैठक की तिथि नजदीक आती गई सरगमी बढ़ती गई। यहां तक कि मंगलवार की रात अचानक जिले की पुलिस सक्रिय हो गई और प्रस्ताव के समर्थक सदस्यों के घरों पर छापेमारी होने लगी। यह सिलसिला गुरुवार की सुबह तक जरी रही। कई सदस्यों ने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसके लिए सत्ताधारी दल के एक स्थानीय नेता को जिम्मेदार ठहराया था। हालांकि, चर्चा यह भी रही कि समूची प्रशासनिक कार्रवाई के पीछे सत्ताधारी दल के किसी बड़े नेता का हाथ है।

बैठक में शामिल सदस्य
सुजीत सिंह, उदयभान सिंह, अज्ञात उर्फ रमेश, गौरी, अमित कुमार सोनकर, सुरेंद्र नारायण सिंह, शिवलोचन, फूलचंद कन्नौजिया, खंझाटी उर्फ ओमप्रकाश, काशीनाथ, इशरत जहां, माया कन्नौजिया, जय देवी कन्नौजिया, उर्मिला, प्रीति मिश्रा, शबनम, रणधीर उर्फ विनोद, जितेंद्र सिंह, अंजनि नंदन पांडेय, हंसराज।

नोटिस देने वाले ये सदस्य नहीं आए
योगेश सिंह, संजय कुमार, सुरेंद्र, सरोज सिंह, प्रमिला।

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