मेयर पद पर चतुष्कोणीय मुकाबले के आसार

Varanasi Updated Sun, 24 Jun 2012 12:00 PM IST
वाराणसी। नगर निगम चुनाव में मेयर पद पर चतुष्कोणीय लड़ाई दिख रही है। हालांकि भाजपा के रामगोपाल मोहले तथा कांग्रेस के डा. अशोक सिंह अपनी-अपनी पार्टी के बेस वोट के साथ पूरे शहर में लड़ाई में दिख रहे हैं लेकिन निर्दल रत्नाकर त्रिपाठी और सपा समर्थित कन्हैयालाल गुप्ता मुकाबले को चतुष्कोणीय बनाते नजर आ रहे हैं। अपना दल के विशाल जायसवाल, निर्दल सुधीर सिंह, बदरुद्दीन अहमद, पारसनाथ जायसवाल और बसपा समर्थित प्रमोद गुप्ता अग्रहरि भी गंभीर रूप से लड़ते दिख रहे हैं। बावजूद इसके मुस्लिम मतों के ध्रुवीकरण तथा किसी बागी उम्मीदवार की दमदार उपस्थिति परिणाम में उलटफेर कर सकती है।
मोहले को ब्राह्मण तथा वैश्य मतदाताओं के अलावा भाजपा के परंपरागत वोटों का सहारा है। कांग्रेस के डा. अशोक कुमार सिंह वरुणापार इलाके में 60-62 हजार स्वजातीय वोटों, चिकित्सकों तथा कांग्रेसी वोटों के बल पर जीत का दावा कर रहे हैं। कांग्रेस प्रत्याशी के लिए बागी सत्यनारायण पांडेय और रत्नाकर त्रिपाठी घातक साबित होते दिख रहे हैं। कन्हैयालाल गुप्त को लगभग एक लाख वैश्य मतदाताओं पर भरोसा है। इसके साथ ही यादव और मुस्लिम मतों के बल पर उन्हें अगले मेयर के रूप में पार्टी देख रही है। उन्हें भी बागियों पारस जायसवाल, बदरुद्दीन अहमद और सुधीर सिंह की ताकत से जूझना पड़ रहा है। निर्दल रत्नाकर त्रिपाठी को ब्राह्मण, युवाओं तथा शुभचिंतकों के वोट का सहारा है। अपना दल के विशाल जायसवाल को कुर्मी मतदाताओं तथा वैश्य बिरादरी के वोट की उम्मीद है। लगभग 50 हजार कुर्मी मतदाता हैं जिन्हें इस बार भाजपा से तोड़ने की कोशिश दिख रही है। इसके अलावा निर्दल पारस जायसवाल और सुधीर सिंह भी दमदार तरीके से लगे हुए हैं। पारस के साथ जायसवाल मतों के अलावा सपाई वोट भी जाता दिख रहा हैं, जबकि सुधीर सिंह का कुछ मुस्लिम बहुल इलाकों में जोर है।
वरुणापार में कांग्रेस का जोर है तो भाजपा के लिए वरुणापार और आदमपुर जोन चुनौती साबित हो सकते हैं। शेष तीन जोन में भाजपा प्रत्याशी से ही सभी की लड़ाई दिख रही है। शहर के लगभग 1.36 लाख मुस्लिम मतों के ध्रुवीकरण पर सबकी नजर है। फिलहाल कांग्रेस तथा सपा समर्थित प्रत्याशियों में मुस्लिम वोट बंटता नजर आ रहा है। वरुणापार जोन में कांग्रेस प्रत्याशी डा. अशोक कुमार सिंह और निर्दल रत्नाकर त्रिपाठी की अच्छी स्थिति बताई जा रही है। यहां पार्षद पद के बागी भाजपा की गणित बिगाड़ नजर आ रहे हैं। भेलूपुर जोन में लोकसभा तथा विधानसभा चुनाव में भाजपा को यहां से सर्वाधिक वोट मिले थे। सपा समर्थित प्रत्याशी को यादव बहुल जंगमबाड़ी, सोनारपुरा, बागहाड़ा, शिवाला, भदैनी व नगवां तथा वैश्य बहुल किरहिया, खोजवां, सुंदरपुर जैसे इलाकों से उम्मीद है। आदमपुर जोन के कुछ वार्डों में बदरुद्दीन अहमद की स्थिति अच्छी दिख रही है। यहां बीएचयू से जुड़े रहे छात्रनेता रत्नाकर त्रिपाठी भी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते दिख रहे हैं। उन्हें भी कांग्रेस के परंपरागत वोटों से उम्मीद है। दशाश्वमेध जोन में भाजपा तथा सपा समर्थित प्रत्याशी के बीच लड़ाई देखने को मिल रही है। दशाश्वमेध, जंगमबाड़ी, लक्सा, लहंगपुरा, शिवपुरवा, लहरतारा, काजीपुरा में भाजपा की अच्छी उपस्थिति है। रामापुरा, लक्सा, सिगरा व हड़हा में कांग्रेस का जोर देखने को मिल रहा है। कोतवाली जोन में भाजपा तथा सपा समर्थित प्रत्याशी के बीच लड़ाई देखने को मिल रही है। पक्के महाल में भाजपा की दमदार उपस्थिति दिख रही है तो ईश्वरगंगी, दारानगर, पियरी कला आदि क्षेत्रों में सपा की।

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