अफ्रीकी कला और संस्कृति की छटा बिखेरी

Varanasi Updated Thu, 21 Jun 2012 12:00 PM IST
वाराणसी। अफ्रीकी कलाकारों ने बुधवार को नृत्य और गीतों से अपनी संस्कृति की अद्भुत छटा बिखेरी। कलाकारों की बेहतरीन प्रस्तुतियों से ओंकारनाथ ठाकुर प्रेक्षागृह तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और दर्शक भाव-विभोर हो गए।
नेशनल काउंसिल फार कल्चर रिलेशन (आरसीसीआर) की ओर से बुधवार को बीएचयू के आेंकारनाथ ठाकुर प्रेक्षागृह में अफ्रीका फेस्टिवल का आयोजन किया गया। अफ्रीकी कलाकारों के दल ने गीत-संगीत और नृत्य के विविध कार्यक्रम पेश किए। बंधक बनाए जाने पर आधारित कोटिस ऐन ग्लीशान नामक कार्यक्रम से शुरुआत हुई। कलाकाराें ने हाथ में बांस लेकर अफ्रीका में मशहूर डांस सोली ले काउसे और पारंपरिक खेल सोली शान की प्रस्तुतियों से खूब तालियां बटोरीं। इसके बाद मेगा टी पेनियन कार्यक्रम के माध्यम से कलाकारों ने अफ्रीका में मछली पकड़ने की विधियां पेश की। सामूहिक नृत्य से फेस्टिवल का समापन हुआ। आईसीसीआर के क्षेत्रीय अधिकारी अनुराग सिंह ने बताया कि अफ्रीकी कला और संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह आयोजन किया गया। इस अवसर पर बीएचयू के नृत्य विभाग के अध्यक्ष प्रेमचंद हाेंबल ने कलाकाराें को पुरस्कृत किया।

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