हल्की बारिश में ही नरक बना शहर

Varanasi Updated Wed, 20 Jun 2012 12:00 PM IST
वाराणसी। हल्की बरसात से ही नगर निगम की तैयारियों की पोल खुल गई। कीचड़ सनी सड़कें दिनभर राहगीरोें की अग्निपरीक्षा लेती रहीं। फिसलकर गिरने से किसी के हाथ टूटे तो किसी के पैर। सारा शहर नरक बन गया। दरअसल सीवर और ड्रेनेज पाइप लाइन डालने के लिए कई स्थानों पर खोदी गईं सड़कों की मिट्टी हल्की बारिश से ही कीचड़ में तब्दील हो गई। दीनदयाल अस्पताल मार्ग, महाबीर मंदिर से गैस गोदाम रोड, भोजूबीर से सिंधोरा मार्ग, बाईपास से शिवपुर मार्ग, इंग्लिशिया लाइन से लहरतारा, पहडि़या-बेला मार्ग सहित कई अन्य शहर के ज्यादातर इलाकों में सड़कों पर हुए छोटे-बड़े गड्ढों और किनारों पर जल जमाव हो गया। नतीजतन सड़कों पर चलना कांटों पर चलने से कम नहीं था। यही नहीं लापरवाही की हद तो यह है कि नालों की सफाई कर किनारों पर रखी सिल्ट फिर नालों में मिल गई।
बरसात से पहले 15 जून तक नालों की सफाई हो जानी चाहिए थी। लेकिन, सफाई के लिए बनी कार्ययोजना में शामिल 160 नालों में से अब तक 60 फीसदी की ही सफाई की गई है। अधिकांश नालों की सिल्ट सफाई के बाद किनारे पर ही छोड़ दी गई थी। इसके चलते सोमवार की रात हुई बरसात के बाद सिल्ट का अधिकांश हिस्सा फिर नालों में मिल गया। जबकि, अमर उजाला ने कुछ दिन पहले ही नालों के किनारों पर छोड़ी गई सिल्ट की तरफ निगम प्रशासन का ध्यान आकृष्ट किया था। सदर तहसील मार्ग, सिगरा-महमूरगंज, पंचक्रोशी चौराहे से सारंग तालाब मार्ग के किनारे बने नालों, दौलतपुर नाला, मरी माई मंदिर से चौकाघाट पुल तक, यूपी कालेज के पीछे पंचक्रोशी नाला, शिवपुर सफाई चौकी से लालजी कुंआ नाले की सफाई कर सिल्ट ऐसे ही छोड़ दी गई थी। बरसात के कारण अधिकांश सिल्ट फिर नालों में मिल गई। गिलट बाजार, संकटमोचन पुलिया से ब्रह्मानंद होते हुए अस्सी नाले तक सिल्ट की सफाई की जा रही थी। इसकी सिल्ट भी फिर नालों में मिल गई। बादशाह बाग क्षेत्र के नालों, सर्किट हाउस के बगल के नाले की सफाई के बाद पूरी सिल्ट नहीं उठाई गई थी। यह सिल्ट भी नाले में मिल गई। उधर, महाबीर मंदिर से दीनदयाल अस्पताल होते हुए पांडेयपुर तक सीवर लाइन डालने के लिए खोदी गई सड़क बगैर बनाए ही छोड़ दी गई है। बरसात के कारण इस मार्ग पर बने छोटे-बड़े गड्ढों में पानी लगने तथा मिट्टी के कारण कीचड़ हो जाने से आने-जाने वालों को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यही स्थिति महाबीर मंदिर से टकटकपुर गैस गोदाम रोड की भी रही। भोजूबीर से सिंधोरा रोड पर सड़क क्षतिग्रस्त होने तथा सीवर लाइन डालने के बाद वैसे ही छोड़ देने के कारण स्थिति नारकीय हो गई है। बाईपास से शिवपुर जाने वाले मार्ग पर भी आना-जाना मुश्किल हो गया है। इंग्लिशिया लाइन से लहरतारा तक मार्ग के दोनों तरफ जल जमाव हो गया है। पहडि़या-बेला मार्ग पर पहडि़या, अकथा, बेनीपुर में पानी जमा हो गया है। कंचनपुर, ककरमत्ता ओवरब्रिज के पास हसनपुर में जल जमाव की स्थिति पैदा हो गई है। ककरमत्ता ओवरब्रिज के नीचे संपर्क मार्ग पर श्यामा नगर के पास भी पानी इकट्ठा हो गया है। इसके अलावा लहुराबीर, टेलीफोन कालोनी सिगरा, खोजवां, कंदवां, सरायनंदन, दशमी सहित कई अन्य इलाकों में हल्की बरसात होने पर ही जल जमाव की स्थिति पैदा हो गई।

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