अघोषित कर्फ्यू की जद में रहा बेनिया इलाका

Varanasi Updated Mon, 18 Jun 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
वाराणसी। बेनियाबाग इलाके में शनिवार की रात हुई घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में मातम से ज्यादा आक्रोश था। लोगों ने पूरी रात घटना स्थल के समीप ही घटनाक्रम पर चर्चा में गुजार दी। पल भर को किसी की आंख झपकी तक नहीं। बावजूद इसके सुबह होने पर किसी की आंखें उनींदी नहीं थी, बल्कि सुर्ख लाल आंखों में गुस्सा था। वे किसी कीमत पर हमलावरों को बख्शने को तैयार नहीं थे। नतीजा सुबह आठ बजे के करीब जैसे ही तीनों शव बेनिया पहुंचे मन का उबाल बाहर आ गया।
क्षेत्रीय नागरिकों के तेवर को जिला प्रशासन रात में ही भांप चुका था। लिहाजा रात से ही वहां नाकेबंदी कर दी गई थी। सुबह शवों के बेनिया पहुंचने पर नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने चक्का जाम किया तो पुलिस ने लहुराबीर से लेकर गिरिजाघर तक के इलाके को सील कर दिया। दोपहर बारह बजे तक काफी कड़ाई रही। किसी को पैदल भी इस रास्ते फटकने नहीं दिया गया। लेकिन दोपहर बाद कड़ाई में थोड़ी शिथिलता आई। पैदल आने-जाने वालों पर कोई रोकटोक नहीं थी। इसी बीच बैंक पीओ की परीक्षा छूटी तो सनातन धर्म इंटर कालेज से अभ्यर्थियों का हुजूम निकला जो उसी रास्ते गया लेकिन पुलिस मुस्तैदी और वहां जमे लोगों को देख वे भी सहमे रहे।
उधर, लहुराबीर से गिरिजाघर या यूं कहें कि चेतगंज से नई सड़क और मुख्य मार्ग से सटे रहने वालों का बुरा हाल था। इसमें भी सबसे ज्यादा प्रभावित महिलाएं और लड़कियां थीं जो ज्यादा शोर होने पर चिक (परदा) हटा कर बाहर का माहौल जानने में जुट जा रही थीं। हर शोर पर उनके जेहन में एक ही डर उठता कि कहीं ज्यादा बवाल न हो जाए। बच्चे, महिलाएं और लड़कियों में से आज दिन भर कोई घरों से नहीं निकला। इलाके में तनाव को देखते हुए इलाके के लोग रोजमर्रा की जरूरत की चीजें भी नहीं खरीद पाए। करीब दो किलोमीटर तक की नाकेबंदी से चेतगंज, हड़हा सराय, पुराना पानदरीबा तक के लोग घरों में कैद रहे या फिर अंदर-अंदर गलियों से ही उनका आना-जाना हो सका। भय, आक्रोश और तनाव ने लोगों की दिनचर्या भी बिगाड़ दी थी। पुरुष वर्ग जो रात से ही सड़क पर था उन्हें तो मानो न गर्मी लग रही थी न भूख-प्यास। बड़ी जोर जबरदस्ती से उनके करीबी उन्हें इक्का-दुक्का खुली दुकानों से पानी की बोतल खरीद कर पिलाते रहे।
आम तौर पर रविवार को भी गुलजार रहने वाले इस इलाके को पुलिस द्वारा चार स्थानों पर बैरिकेडिंग कर सील किए जाने से बेनियाबाग का जूता और नमकीन मार्केट, दालमंडी का कपड़ा मार्केट पूरी तरह बंद रहा। पटरी कारोबार भी बिल्कुल ठप रहा। एक तरफ चेतगंज और दूसरी ओर नई सड़क पर लगने वाले फलों के ठेले भी नजर नहीं आए। पूजन सामग्री की दुकानें भी बंद रहीं जिससे आज जिनके घरों में शादी-विवाह था वे जरूरी सामान खरीदने के लिए भटकते नजर आए। सीरगोवर्धन के रमेश राजभर, कालीमहाल के कुबेर का कहना है कि यदि उपद्रव और बढ़ा तो आम लोगों की रोजी रोटी पर संकट खड़ा हो सकता है। पुलिस को तत्काल कार्रवाई कर उपद्रव शांत करना चाहिए।
000000000000000000000

टाइम लाइन

सुबह आठ बजे : पोस्टमार्टम के बाद तीनों शव रहीम शाह बाबा मजार के पास लाए गए
सुबह साढ़े आठ बजे : आक्रोशित लोगों ने जाम लगाया, आधे घंटे बाद प्रशासन के समझाने पर माने
सुबह नौ बजे : आक्रोशित लोगों ने अमजद तथा राईन के मजार स्थित मकान में आग लगाई
सुबह साढ़े नौ बजे : मकान को नुकसान नहीं पहुंचा तो फिर हथौड़े-घन से गिराना शुरू किया
सुबह 10 बजे : लहुराबीर-गिरजाघर मार्ग को पुलिस ने सील कर दिया
सुबह 11 बजे : तीनों शवों को बारी-बारी से घर ले जाकर नहलाया गया
दोपहर दो बजे : तीनों शवों के साथ जनाजा निकला, क्षेत्र में भ्रमण
दोपहर 2.45 बजे : बेनियाबाग मैदान में जनाजे की नमाज अदा की गई
दोपहर 3.30 बजे : आक्रोशित लोगों ने फिर मजार के सामने शव रखकर विरोध प्रदर्शित किया
दोपहर 3.35 बजे : आक्रोशित लोगों ने आरोपी इकबाल अहमद राईन के कटरे पर धावा बोला, आग लगाई

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Jammu

सरकार गिरने पर घाटी में आतिशबाजी, कहा- माउथ पीस बनकर रह गई थीं महबूबा

भाजपा-पीडीपी गठबंधन सरकार के गिरने से घाटी के लोग खुश नजर आ रहे हैं। कश्मीर के कई जगह पर आतिशबाजी भी की गई

19 जून 2018

Related Videos

योगी कैबिनेट में लगेगी सेंध, बड़े नेता ने की शिवपाल यादव से मुलाकात

एक तरफ जहां बीजेपी नेता संपर्क से समर्थन अभियान में जोर शोर से जुटे हैं वहीं योगी कैबिनेट का एक बड़ा नेता विपक्षी पार्टियों के साथ संपर्क में है। देखिए इस रिपोर्ट में कौन है ये नेता है और क्या हैं इस मुलाकात के मायने।

15 जून 2018

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen