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तिहरे हत्याकांड से भड़का आक्रोश, तोड़फोड़ और आगजनी

Varanasi Updated Mon, 18 Jun 2012 12:00 PM IST
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वाराणसी। बेनिया क्षेत्र स्थित कब्रिस्तान की जमीन के विवाद में शनिवार की रात मुजावर समेत तीन लोगों की हत्या के दूसरे दिन क्षेत्रीय लोगों का आक्रोश भड़क उठा। रविवार सुबह तकरीबन आठ बजे जैसे ही तीनों शव पोस्टमार्टम के बाद बेनिया क्षेत्र स्थित मजार के समीप लाए गए लोगों का गुस्सा आपे से बाहर हो गया। पहले तो उन्होंने मजार के सामने शवों को चौकी पर रखकर चक्काजाम कर दिया। जाम करीब आधे घंटे तक चला। इसके बाद आक्रोशित भीड़ पहुंची आरोपी अमजद एवं इकबाल राइन के मकान पर और उसे आग के हवाले कर दिया। इतना ही नहीं आग के बुझते ही वे उसे ढहाने में जुट गए और सात घंटे की तोड़फोड़ के बाद मकान को जमींदोज कर दिया। दोपहर में उत्तेजित लोगों ने आरोपी राइन के पुराना पानदरीबा स्थित एक कटरे में बनी दुकान में आग लगा दी। इससे एक बाइक, साइकिल और फर्नीचर जल गए। दमकल ने किसी तरह आग पर काबू पाया। इस दौरान गिरजाघर से लहुराबीर के बीच अघोषित कर्फ्यू का माहौल रहा। पूरे इलाके को सील कर दिया गया था। क्षेत्र में जबरदस्त तनाव था। पुलिस और प्रशासनिक अफसर मौजूद रहकर केवल घटना पर नजर रखे थे। उधर, बीती रात की घटना में घायल तीन लोगों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।
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बीएचयू स्थित पोस्टमार्टम हाउस से रविवार की सुबह लगभग आठ बजे मुजावर सफीक उर्फ राजू बाबा (45), मोहम्मद कामिल (70) और जियाउद्दीन उर्फ जाऊ के शव रहीमशाह बाबा की मजार के सामने पहुंचे तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित भीड़ ने मजार के पीछे बने आरोपी अमजद और इकबाल राइन के मकान पर धावा बोल दिया। भीड़ में शामिल लोग लगातार नारे लगाते रहे। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पर्याप्त संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर बने रहे। समूचे क्षेत्र में आक्रोश के साथ जबरदस्त तनाव था। आसपास के घरों की खिड़कियों से लोग झांकते रहे। आवाजाही नगण्य रही। थोड़ी-थोड़ी दूरी पर लोग इकट्ठा होकर घटनाक्रम की चर्चा करते रहे। दोपहर 12 बजे स्थिति कुछ सामान्य हुई। डेढ़ बजे मस्जिद से ऐलान हुआ कि दो बजे बेनिया मैदान में नमाज-ए-जनाजा पढ़ा जाएगा। इसके कुछ देर बाद निकली शवयात्रा में इलाके के सैकड़ों लोग शामिल हए। शवयात्रा पुराना पानदरीबा, हड़हासराय, दालमंडी होते बेनिया पहुंची। वहां नमाज अदा होने के बाद जब शवों को सुपुर्देखाक करने के लिए ले जाया जा रहा था तब भी लोगों के चेहरे तमतमाए थे। इस बीच शव जैसे ही मजार के सामने पहुंचे लोगों ने पुन: शवों को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और पुलिस विरोधी नारे लगाने लगे। वे हमलावरों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। मुफ्ती हन्नान के हस्तक्षेप करने पर लोग किसी तरह शांत हुए। इसी दरम्यान कुछ लोग पुराना पानदरीबा स्थित आरोपी राइन की दुकान में आग लगाने पहुंच गए। मौके की नजाकत को भांपते हुए एडीएम सिटी और एसपी सिटी भी फौरन मौके पर पहुंच गए। फायर ब्रिगेड को भी बुला लिया गया। दमकल ने किसी तरह आग बुझाई। तनाव के बीच करीब तीन बजे तीनों शवों को सुपुर्देखाक किया गया। शाम चार बजे तक भीड़ ने अमजद और इकबाल के मकान को जमींदोज कर दिया। पता चला है कि इस मामले में उपद्रव करने वालों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने का मन बनाया है।
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