बजरंगी का शूटर एसटीएफ के फंदे में

Varanasi Updated Sat, 16 Jun 2012 12:00 PM IST
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वाराणसी। स्पेशल टास्क फोर्स को शुक्रवार को तड़के बड़ी सफलता हाथ लगी जब उसने फतेहपुर रेलवे स्टेशन से मुन्ना बजरंगी के प्रमुख शूटर और दस साल से फरार चल रहे विजय उर्फ मुन्ना तिवारी को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए बदमाश पर तीन साल पहले दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। छह सालों से मथुरा में ठिकाना बनाकर रह रहे इस बदमाश पर लक्सा के सभासद विजय वर्मा, रेस्टोरेंट मालिक सुरेश चंद साहू की हत्या के अलावा भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
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एसटीएफ के एसएसपी सत्येंद्र वीर सिंह को जब नरायनपुर डाफी (लंका) निवासी इनामी शूटर विजय उर्फ मुन्नू तिवारी के बारे में सूचना मिली तो उसकी गिरफ्तार के लिए उन्होंने सीओ दुर्गेश कुमार के नेतृत्व में शैलेश प्रताप सिंह, धनंजय कुमार पांडेय, वृंदावन राय और अंगद यादव की टीम लगाई। टीम ने अथक प्रयास के बाद शुक्रवार को तड़के तीन बजे फतेहपुर रेलवे स्टेशन पर इनामी बदमाश को धर दबोचा। गिरफ्तार बदमाश पर लक्सा के सभासद विजय वर्मा, रेस्टोरेंट मालिक सुरेश चंद साहू की हत्या के बाद से फरार चल रहा था। सभासद की हत्या के बाद डीआईजी ने तीन साल पहले मुन्नू तिवारी पर दस हजार रुपये का इनाम घोषित कर किया था। दस साल पहले मुन्नू को कैंट पुलिस ने बंटी अफरोज के साथ गिरफ्तार किया था, लेकिन जमानत पर छूटने के बाद यह शूटर पंजाब में रहकर गैंग संचालित करने लगा। जब वहां पुलिस का दबाव बढ़ा तो वह छह साल पहले मथुरा आ गया। गिरफ्तार बदमाश विजय का नाम 15 साल पहले नरिया हत्याकांड में भी आया था। इस घटना में मुन्ना बजरंगी गैंग ने काशी विद्यापीठ के छात्रसंघ अध्यक्ष समेत पांच लोगों की हत्या की थी। औढ़े के रहने वाले दया गुरु की मिर्जापुर में लाश मिलने पर भी विजय का नाम प्रकाश में आया था।
इन्सेट
खतरा जताते हुए मांगी अदालत से सुरक्षा
वाराणसी। प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रामेंद्र सिंह की अदालत में आरोपी मुन्नू तिवारी ने अधिवक्ता अनुज यादव के जरिये शिव सरदार से अपनी जान का खतरा बताते हुए पेशी के दौरान विशेष सुरक्षा मुहैया कराने का अनुरोध किया। आरोपी ने आवेदन में आरोप लगाया कि शिव उसकी हत्या की फिराक में है। उन्हीं के प्रभाव में पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी की है। कोर्ट ने प्रार्थनापत्र के परिप्रेक्ष्य में जिला कारागार अधीक्षक को नियमानुसार कार्यवाही का आदेश दिया। इसके पहले पुलिस ने मुन्नू तिवारी को अदालत में पेश किया, जहां से 21 नवंबर 2008 को पूर्व सभासद विजय वर्मा की गोली मारकर हत्या करने और प्रभु वर्मा पर जानलेवा हमले के मामले में आरोपी का रिमांड बनाते हुए उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया।
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