अविरलता का जज्बा लिए निकले गंगा के मतवाले

Varanasi Updated Fri, 15 Jun 2012 12:00 PM IST
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वाराणसी। भोले की नगरी काशी में गंगा मुक्ति के लिए हर तरफ लामबंदी होने लगी है। गुरुवार को गंगा के मतवालों के जोश देखते ही बन रहे थे। दिल्ली के लिए रवाना हुई अविरल गंगा यात्रा में युवा ही नहीं, तमाम महिलाएं भी तपिश की परवाह किए बिना शामिल हुईं। अस्सी घाट, जहां से अविरल गंगा रथ निकलना था, वहां से डुमराव बाग कालोनी तक वाहनों का तांता लगने से कहीं तिल रखने की जगह नहीं थी। लग्जरी वाहनों की संख्या पर अमल करें तो बनारस से दिल्ली के सफर में सिर्फ 150 गाडि़यों पर ही अनुमानित 35 लाख रुपये खर्च होंगे। हालांकि अधिकतर वाहनों में चार से पांच भक्त सवार थे। कुछ गाडि़यां खाली भी नजर आईं।
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अविरल गंगा रथ यात्रा के अलग-अलग रंग नजर आए। वातानुकूलित बस पर सबसे आगे ज्योतिष, द्वारका-शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का चित्र आसन पर रखा गया था। रास्ते पर गंगा मुक्ति संदेश बांटते हुए भक्त रवाना हुए। इसमें शामिल गंगा भक्तों, तपस्वियों के चेहरे पर उत्साह साफ झलक रहा था। संतों के साथ कदम मिलाने और गंगा का जयघोष करने में कोई पीछे नहीं था लेकिन विसंगतियां भी खूब नजर आईं। कुछ लग्जरी गाडि़यां जहां खाली थीं, वहीं कुछ में सिर्फ एक-एक व्यक्ति ही सवार दिखे। 15 जून को पहला पड़ाव इलाहाबाद में अंदावा के पास जीटी रोड स्थित ऋषभ देव मंदिर के नजदीक होगा। 16 को गंगा यात्रा कानपुर से प्रस्थान करेगी तो 17 को मथुरा में कारवां दाखिल हो जाएगा। मथुरा में निर्मल यमुना रथ भी इस यात्रा में शामिल हो जाएगी। उसी दिन सौ तपस्वियों का यह काफिला दिल्ली पहुंच जाएगा। डुमरांव बाग में यात्रा रवाना होने से पहले ध्वज उठाने वालों में मेयर पद के प्रत्याशी डॉ. अशोक सिंह, गंगा सेवा अभियानम् के प्रदेश समन्वयक राकेश चंद्र पांडेय, यतींद्र नाथ चतुर्वेदी, डॉ. रामनारायण द्विवेदी, त्रिलोचन शर्मा, राजेंद्र तिवारी बब्लू, डॉ. आरएस दुबे, आत्माराम दुबे समेत सैकड़ों लोग थे। यहां से वाहनों पर वागीशदत्त मिश्र, जीसी तिवारी, प्रभाकर सिंह, मोहिनी महेंद्र, पालू बिंद, बब्लू बिंद आदि सवार हुए।
इनसेट
लू के थपेड़ों ने रोकी चोपड़ा की राह
वाराणसी। गंगा सेवा अभियानम् के सेवांसद रमेश चोपड़ा रथ यात्रा को लेकर जहां व्यापक तैयारियों में जुटे थे, वहीं सुबह से ही वाहन पर्चियां बांटने, लोगों को स्टीमर से घाट की ओर भेजने के अलावा झंडियों की खेप विद्यामठ भिजवाने में उनकी सक्रियता रही। जयघोष के साथ वह सपत्नीक यात्रा में शामिल होने के लिए पहुंचे। संयोगवश उन्हें वहां लू लग गई। तेज बुखार से तपने की वजह से उनकी गाड़ी चौक स्थित घर के लिए लौट गई।
बयान
गंगा की अविरलता और निर्मलता के लिए 18 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती की मौजूदगी में देश भर के साधु-संत निर्णायक जंग में शामिल होंगे। उसमें शामिल होने के लिए काशी से गंगा सेवा अभियानम की ओर से सौ तपस्वियों की टोली अविरल गंगा रथ के रूप में दिल्ली रवाना की गई। गंगा सेवा अभियानम के सार्वभौम संयोजक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती।

प्वाइंटर
100 तपस्वी शामिल हुए हैं यात्रा में
400 गंगा भक्त दिल्ली के लिए हुए रवाना
150 वाहनों के काफिले के साथ निकली रथ यात्रा
15 से अधिक गाडि़यां गईं खाली
35 लाख से अधिक खर्च सिर्फ लग्जरी वाहनों पर
05 पड़ावों से होकर गुजरेगी यात्रा
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वाहनों पर एक नजर
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इनोवा- 49 टवेरा- 35
जाइलो- 08 इंडिगो- 11
क्रूजर- 06 विक्टा- 02
एंबुलेंस - 02 एसी बस- 02
(अन्य वाहनों की संख्या है 35)
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