खेल का मैदान बनी जलविहीन वरुणा

Varanasi Updated Sat, 09 Jun 2012 12:00 PM IST
वाराणसी। वरुणा के कारुणिक हालात पर्यावरण प्रेमियों को स्याह कर देंगे। त्रेता युग में जहां कभी भगवान राम ने पड़ाव डाला था, उस रामेश्वर तीर्थ से लगे इलाकों में पांच स्थानों पर वरुणा जलराशि विहीन होकर खेल का मैदान बन गई है। भूगर्भीय जलस्रोतों के दबकर नष्ट होने से कई मुसीबतें पैदा हो गई हैं। तटवर्ती बस्तियों के तालाब-पोखरे सूख गए हैं तो कुओं का पानी सड़न के चलते पीने लायक नहीं है। इसके चलते पेयजल संकट गहरा गया है। वाटर रिचार्जिगिं की दिशा में शीघ्र कदम नहीं उठाए गए तो पशु-पक्षी भी पानी के लिए तरस जाएंगे।
रामेश्वर तीर्थ के पास ही वरुणा काशी में प्रवेश करती है। यहां कोरौत नाले के अलावा आधा दर्जन से अधिक बस्तियों का भी अवजल वरुणा में जहर घोलता रहा है। जगह-जगह सूख चुके नदी के पेटे देख कोई भी सिहर जाएगा। यह गुनाह किसने किया? आखिर किन वजहों से जीवनदायिनी नदी अस्तित्व खोने के कगार पर चली गई? ऐसे तमाम सवाल अनसुलझे हुए हैं। न जनता यह गुनाह कबूलने को तैयार है और प्रशासन। रसूलपुर, औसानपुर, तेंदुई, रामेश्वर, लच्छीपुर घाटों पर पानी न होने से बच्चे गिल्ली-डंडा खेलने लगे हैं। वहीं तटीय इलाकों में जलस्रोत मिटने से जग्गापट्टी, पांडेयपुर, परसीपुर, खंडा, इंदरपुर, अनौरा एवं चक्का जैसी डेढ़ सौ से अधिक बस्तियों में पेयजल संकट गहरा गया है। कुएं प्रदूषित हो गए हैं। हैंडपंपों का पानी खिसक कर नीचे चला गया है। खास बात यह है कि इन बस्तियों के लोग सिंचाई, पेयजल, पशुपालन से लेकर कर्मकांड तक के लिए वरुणा पर ही निर्भर हैं। नदी को पुनर्जीवित करने के उपाय न हुए तो वरुणा कहानी-किस्सा का हिस्सा बन जाएगी।

प्वाइंटर
05 स्थानों पर रामेश्वर तीर्थ के बाद सूख गई नदी
150 से अधिक तटीय बस्तियों में पानी को लेकर चिंता बढ़ी
20 से ज्यादा तालाब-पोखरे सूखने से बढ़ गई है मुसीबत

मंत्री का भरोसा टूटने से जनता के तेवर तल्ख
रामेश्वर। वरुणा की दुर्दशा पर जहां इलाके की जनता चिंतित है, वहीं लोक निर्माण एवं सिंचाई राज्य मंत्री सुरेंद्र पटेल की पहल बेकार जाने से आमजन के तेवर तल्ख हो गए हैं। नागरिकों की गुहार पर मंत्री ने फोन पर भरोसा दिलाया था कि लिफ्ट कैनाल से वरुणा में पानी भरवा दिया जाएगा लेकिन अफसरों को या तो जानकारी नहीं मिली या फिर उन्होंने जानबूझकर नदी की रिचार्जिगिं पर अमल नहीं किया।
ग्राम प्रधान संघ हरहुआ के मधुबन यादव ने वरुणा में जल की उपलब्धता बनाए रखने के लिए जगह-जगह छलका बनाने का सुझाव दिया और जिला प्रशासन से नदी में तत्काल पानी छोड़ने की मांग की है। वरुणा की दयनीय दशा को लेकर इलाके के लोग बेहद चिंतातुर हैं। अवधेश सिंह ‘सारथी’, केएल पथिक, राजबली पटेल, नमामि शंकर राय ‘पंडा गुरु’, राधा कृष्ण मंदिर के महंत राम मूर्ति दास उर्फ मद्रासी बाबा, दिनेश सिंह एवं घनश्याम सिंह ने जिलाधिकारी से वरुणा को पुनर्जीवित करने के लिए स्थायी रास्ता निकालने की मांग की है।

Spotlight

Most Read

Delhi NCR

आप विधायकों को हाईकोर्ट ने भी नहीं दी राहत, अब सोमवार को होगी सुनवाई

लाभ के पद के मामले में चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को अयोग्य घोषित करने के मामले में अब सोमवार को होगी सुनवाई।

19 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: सोनभद्र में सफाई कर्मचारियों ने इसलिए मुंडवाया अपना सिर

पूर्वी यूपी के सोमभद्र में उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के लोगों ने कलेक्ट्रेट पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान अपनी 11 सूत्रीय मांगों को पूरी कराने को लेकर दर्जनों सफाईकर्मियों  ने सिर मुंडन कराया।

19 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper