रामनगर अस्पताल का रिकार्ड खंगाला रही सीबीआई

Varanasi Updated Fri, 08 Jun 2012 12:00 PM IST
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वाराणसी। एनआरएचएम घोटाले की आंच रामनगर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल तक पहुंच गई है। सीबीआई अब इस अस्पताल के विकास मद में हुए खर्च का हिसाब लगाने में जुट गई है। यही वजह है कि यहां हुई उपकरणों की खरीदारी और जननी सुरक्षा योजना में हुए खर्च का रिकार्ड खंगाला जा रहा है। शुक्रवार को इस अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. एके दूबे को पांडेयपुर स्थित कैंप कार्यालय में पूछताछ के लिए भी बुलाया गया है। उनका बयान भी दर्ज किया जाएगा।
रामनगर अस्पताल में गर्भवती महिलाआें के लिए जननी सुरक्षा योजना, टीकाकरण, राष्ट्रीय क्षय रोग निवारण कार्यक्रम के तहत टीबी के मरीजाें के लिए दवाएं और जांच किट उपलब्ध कराने, माडूलर ओटी के लिए भवन निर्माण आदि का कार्य किया गया है। तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री अनंत मिश्र ने 2010 में इस अस्पताल का दौरा कर एनआरएचएम के मद से कई महत्वपूर्ण कार्य कराने का निर्देश दिया था। उनके निर्देश के बाद काम भी हुए। यह वजह है कि सीबीआई इन कार्यों की सच्चाई जानने और फाइलाें में इनपर दर्शाई गई धनराशि का लेखाजोखा जुटा रही है।
इनसेट:
सीबीआई की मदद करेगा सीएमओ दफ्तर का बाबू
वाराणसी। जिले में सबसे अधिक गड़बड़ी की आशंका अस्पतालाें में दवा की सप्लाई में जताई जा रही है। इसका पता लगाने के लिए सीबीआई ने दवा सप्लाई संबंधी शासन के आदेश, मार्गदर्शन, स्थानीय तौर पर की गई व्यवस्था के बारे में जानकारी लेने के लिए सीएमओ कार्यालय के एक कर्मचारी को अपने साथ ड्यूटी पर लगाया है। बता दें कि सीबीआई ने इन कार्यों में मदद के लिए अपर निदेशक कार्यालय को पत्र भेजा था। वहां से निर्देश मिलते ही सीएमओ कार्यालय में तैनात एक कर्मचारी की ड्यूटी लगा दी गई। वह शुक्रवार से फाइलाें और भौतिक सत्यापन में सीबीआई की मदद करेगा।

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