संन्यासी चोला उतारने के सवाल पर पर प्रो. अग्रवाल मौन

Varanasi Updated Fri, 25 May 2012 12:00 PM IST
जौनपुर। बस से हरिद्वार जाते समय जौनपुर में स्वामी सानंद काफी गुस्से में दिखे। जब पूछा गया कि आप अचानक आंदोलन छोड़ कहां जा रहे हैं। इस सवाल पर असहज होते हुए कहा कि आपको क्यों बताएं कि कहां जा रहे हैं। फिर थोड़ा रुक कर खुलासा किया कि गंगा दशहरा से पहले नहीं लौटेंगे। यह भी बताया कि हरिद्वार होते हुए जोशीमठ पहुंचेंगे। वहीं, गंगा दशहरा के आयोजन में हिस्सा लेंगे। संन्यासी वस्त्र त्यागने के सवाल पर कोई जवाब नहीं दिया। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से किसी तरह के विवाद से उन्होंने इनकार किया। कहा कि वह हमारे गुरु हैं। शिष्य अपने गुरु से कैसे नाराज हो सकता है। सफाई दी कि गुरुजी से विचार विमर्श के बाद ही निकले हैं। गंगा आंदोलन आस्था और लोगों की जनभावनाओं का प्रतीक है। इसे कौन रोक सकता है। कहा, गंगा जब तक मुक्त नहीं हो जाती तब तक आंदोलन चलता रहेगा। इतनी गर्मी में बस से यात्रा करने के सवाल पर सानंद ने कहा कि यह उनकी इच्छा है कि वह कैसे यात्रा करें। फिर सफाई दी कि वह ट्रेन से जाने वाले थे। रिजर्वेशन भी था लेकिन समय से नहीं निकल सके।
---------------

अलकनंदा में कूदकर जान देने की सानंद की धमकी
पीएमओ के अफसर से वार्ता के समय दी थी चेतावनी
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने किया खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। गंगा सेवा अभियानम के राष्ट्रीय प्रमुख स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद ने जान देने की धमकी देकर करीबियों को सकते में डाल दिया है। गुरुवार को यह खुलासा किया उनके गुरु और अभियानम के सार्वभौम संयोजक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने। उनका कहना है कि गंगा को बंधन मुक्त कराने के सवाल की अनदेखी से आहत होकर सानंद ने मठ छोड़ने से पहले उनसे कहा था कि कोई रास्ता नजर न आने पर अब वह अलकनंदा पर बन रही श्रीनगर बांध परियोजना की दीवार से छलांग लगाकर जल समाधि ले लेंगे। हालांकि, उन्हें ऐसा कदम उठाने से मना किया गया है और उम्मीद है वह वीर की भांति तपस्या करते-करते भले प्राण त्याग दें लेकिन आत्महत्या नहीं करेंगे।
स्वामी सानंद के मठ छोड़ने के कदम से अभियानम के भीतर और बाहर दोनों तरफ हड़कंप मच गया है। उन्होंने क्यों और किन परिस्थितियों में मठ त्यागा, लोग इसकी जानकारी जुटाने में लगे हैं। लेकिन, एक बात साफ है कि वह हाल के दिनों में गंगा पर शुरू हुई सियासत से बेहद खफा थे। वह अभी महासंग्राम और दिल्ली कूच के पक्ष में भी नहीं थे। उन्होंने कहा था कि महासंग्राम कैसा? पहले गंगा के शत्रुओं की पहचान की जानी चाहिए। इससे पहले हथियार उठाना हवा में तीर चलाने के बराबर होगा। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की मानें तो केंद्र की उदासीनता से निराश हो चुके सानंद ने हाल ही में वार्ता के लिए मठ आए पीएमओ के संयुक्त सचिव शत्रुघ्न सिंह को बंद कमरे में चेताया था कि गंगा को बांधमुक्त करने का फैसला नहीं हुआ तो वे अलकनंदा में कूद कर जान दे देंगे। पीएमओ के अफसर के समक्ष आत्महत्या की धमकी देने की बात सानंद ने बाद में अविमुक्तेश्वरानंद को बताई थी। इससे पहले महासंग्राम के दौरान बेनियाबाग के मंच पर भी वह खुद को थका-हारा बताकर गंगा की गोद में हमेशा के लिए सो जाने की दुहाई देते सुने गए थे।

Spotlight

Most Read

National

पुरुष के वेश में करती थी लूटपाट, गिरफ्तारी के बाद सुलझे नौ मामले

महिला लड़कों के ड्रेस में लूटपाट को अंजाम देती थी। अपने चेहरे को ढंकने के लिए वह मुंह पर कपड़ा बांधती थी और फिर गॉगल्स लगा लेती थी।

20 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: श्रीलंका का ये सांस्कृतिक नृत्य देख कर झूम उठेंगे आप

बीएचयू के संगीत एवं मंच कला संकाय के पंडित ओंकार नाथ ठाकुर सभागार में गुरुवार की शाम श्रीलंकाई कलाकारों के नाम रही। यहां श्रीलंका से आए 10 कलाकारों के ‘ठुरैया ग्रुप’ ने पारंपरिक नृत्य से समां बांध दिया।

20 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper