काश! हम भी शामिल होते महासम्मेलन में

Varanasi Updated Tue, 22 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
तपस्वियों को बेनियाबाग न पहुंच पाने का अफसोस
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। अस्पताल में तपस्या कर रहे तपस्वियों को महासम्मेलन में शामिल न हो पाने का अफसोस है। उनका कहना है कि अगर वह भी महासम्मेलन में शिरकत करते तो अच्छा होता। हालांकि, उन्हें इस बात की खुशी भी है कि वह मां गंगा के लिए तपस्या तो कर ही रहे हैं। उनका कहना है कि अगर संवेदनहीन सरकार चेत जाए तो तपस्या सफल हो जाएगी।
गंगा के लिए तपस्यारत संत और साध्वी के चेहरे पर महासम्मेलन में शामिल न हो पाने का अफसोस साफ झलक रहा था पर उनकी वाणी में मुहिम को अंजाम तक पहुंचाने का जोश बरकरार दिखा। जलत्याग कर अस्पताल में तपस्या कर रहीं साध्वी पूर्णांबा का कहना था कि वह भगवान से प्रार्थना कर रही हैं कि महासम्मेलन में जो भी निर्णय हो उस पर जल्द अमल हो। ब्रह्मचारी कृष्णप्रियानंद ने कहा कि मां गंगा की अविरलता से कम कुछ भी स्वीकार नहीं होगा। प्रशासन तपस्या में चाहे जितनी अड़चने डाले, लेकिन मां गंगा के प्रति आस्था कम नहीं होगी। कहा कि महासम्मेलन में जो भी निर्णय लिया जाएगा वह दिल को सुकून पहुंचाने वाला होगा। तपस्थल पर जलत्याग कर तपस्या कर रहीं साध्वी शारदांबा का कहना है कि कम से कम अब तो केंद्र सरकार को चेत जाना चाहिए। गंगा प्रेमी भिक्षु ने भी इशारे से महासम्मेलन में न जा पाने का अफसोस जताया और श्रीमदभागवत गीता के श्रवण में जुटे रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us