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कहीं यह फूट डालने की कोशिश तो नहीं...

Varanasi Updated Sun, 20 May 2012 12:00 PM IST
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वाराणसी। मंडलीय अस्पताल में शनिवार को पूरे दिन के घटनाक्रमों ने गंगा प्रेमियों के माथे पर बल डाल दिया। एक तरफ प्रशासन साध्वी पूर्णांबा को सर सुंदरलाल अस्पताल ले जाने और फोर्स फीडिंग कराने की ताक में था तो दूसरी ओर अफसर वार्ता के क्रम को लेकर भी साधु-संतों को उलझाए रहे।
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साध्वी पूर्णांबा की हालत बिगड़ने और उनके हाथों की उंगलियों में कंपन होने के बाद गंगा सेवा अभियानम के संयोजक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सुबह ही मंडलीय अस्पताल पहुंच गए थे। सुबह साढ़े 10 बजे एडीएम प्रशासन रामयज्ञ मिश्र दल-बल के साथ अस्पताल पहुंचे। पीएमओ के अफसरों के आने और बातचीत बारे में उन्होंने संत से मशविरा किया। एडीएम के जरिये अफसरों को सूचना दी गई कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अस्पताल में हैं। वह यहां आएं। फिर विद्यामठ पहुंचकर सानंद के साथ बात होगी। इस बीच एडीएम ने बताया कि अफसर सीधे सानंद से बात करने मठ जा रहे हैं। इसपर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता। वह वहां कतई नहीं जाएंगे। पीएम के दूत सानंद से ही बात करने आ रहे हैं, वहां मेरी जरूरत नहीं है। एडीएम ने फिर आग्रह किया कि वह सानंद को बात करने की अनुमति तो दे दें। इसपर अविमुक्तेश्वरानंद ने सानंद से फोन बात की। सानंद ने उनसे कहा कि वह सिर्फ अपना व्यक्तिगत पक्ष रखेंगे, अभियानम की ओर से बात वह नहीं करेंगे। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का कहना था कि वह अभियानम के प्रमुख हैं, जो करेंगे अच्छा करेंगे। प्रशासन की फूट डालने की नीति के सवाल पर उनका कहना था कि ऐसा हो सकता है लेकिन उनकी कड़ी जब मजबूत होगी तो अधिकारियों को ऐसा करने का मौका ही नहीं मिलेगा।
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