शहर में बिजली-पानी के लिए हाहाकार

Varanasi Updated Thu, 17 May 2012 12:00 PM IST
वाराणसी। आकाश से बरसते अंगारों के बीच शहर बिजली-पानी के बिन हलकान है। कटौती का कोई निश्चित समय नहीं रहा। जब मन आया काट दी बिजली। खास तौर पर सुबह और शाम के समय बिजली गुल होने से पेयजल भी मयस्सर नहीं हो पा रहा। लोगों की दिनचर्या बिगड़ रही है सो अलग। रात में सो नहीं पाने से तनवा बढ़ रहा है और लोग चिड़चिड़े होते जा रहे हैं। पर्याप्त नींद के अभाव में दिन में सरकारी दफ्तरों में कामकाज प्रभावित हो रहा तो बाजार पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। कुल मिला कर शहर में हाहाकार मचा है।
शहर में नियमित कटौती का शिड्यूल है दोपहर तीन से सायं पांच बजे तक। लेकिन आज दोपहर में तीन से साढ़े पांच बजे तक कटौती हुई। शाम साढ़े पांच बजे आपूर्ति जैसे ही बहाल हुई सभी 33 और 11 केवी फीडरों पर लोड बढ़ा तो ट्रिपिंग शुरू हो गई। यह सिलसिला देर रात तक जारी रहा। इसके अलावा लाइन मैन्स की कमी के चलते लोकल फाल्ट मसलन पोल से जंफर उड़ने, टूटे तार जोड़ने में भी घंटों-घंटों को लोगों को बिजली के लिए तरसना पड़ा। यह हाल पूरे शहर में रहा। शंकुलधारा स्थित 33 केवी उपकेंद्र से जुड़े टेकरामठ, नईबस्ती रामापुरा और गुरुबाग इलाके के ट्रांसफार्मरों के खराब होने के चलते शाम सात से रात दस बजे तक बिजली गुल रही। तभी लखनऊ कंट्रोल से दूसरी बार रात 10-11 बजे तक पूरे शहर की बत्ती गुल करा दी गई। नतीजा शाम की पाली में लोग पानी भी स्टोर नहीं कर पाए। उधर तहसील के समीप मंगलवार की शाम जला ट्रांसफार्मर बुधवार शाम तक न दुरुस्त किया जा सका न बदला जा सका। लिहाजा लोग भीषण गर्मी में बिजली-पानी बिन बेचैन रहे। देर शाम दूसरा ट्रांसफार्मर लगा दिया गया था। फिर भी कल रात से आपूर्ति ठप होने के चलते पानी के लिए लोगों को सुबह-शाम हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ा। इधर, दौलतपुर उपकेंद्र का रमरेपुर फीडर रात नौ बजे बंद हो गया। वहीं गणपतनगर में तार टूटने से आपूर्ति ठप है। चौकाघाट उपकेंद्र का हाल तो सबसे बुरा है। इस उपकेंद्र से जुड़े नाटी इमली, ईश्वरगंगी, संजय नगर,जैतपुरा इलाकों में शाम पांच से रात 11 बजे तक हर पांच मिनट पर बिजली आ-जा रही है। कारण ओवर लोड बताया जाता है।
इससे पूर्व मंगल और बुधवार की मध्य रात्रि के बाद सवा बारह बजे बिजली आई तो जरूर पर बमुश्किल आधे घंटे बाद फिर कई इलाकों में अंधेरा छा गया। इसें सुंदरपुर, चितईपुर, ककरमत्ता आदि इलाके प्रमुख रहे। सुबह सात बजे फिर गायब हो गई बिजली जिसके चलते वाटर सप्लाई बाधित हो गई।
दिक्कत इतनी भर नहीं है, शहर के कई हिस्से ऐसे हैं जहां बिजली रहने पर भी संकट बना रहता है। आलम यह कि स्टेपलाइजर लगाने के बाद भी टीवी, फ्रिज नहीं चल रहे हैं। सीलिंग फैन डोल रहा है। लो वोल्टेज के चलते वाटर पंप नहीं चल पा रहे तो पानी भी नहीं स्टोर हो पा रहा है। डीरेका-ककरमत्ता के समीप श्रीरामनगर कालोनी और आस-पास के इलाके में तो यही हाल है। इस बाबत क्षेत्रीय अवर अभियंता से लोगों ने बात की तो उसने बताया कि इस क्षेत्र की लाइन पर ज्यादा भार डाल देने से ऐसा हो रहा है। उधर सरायनंदन दशमी इलाके में भी यही हाल है।


विभाग की मानें तो 23 सौ में सिर्फ 13 ही खराब
वाराणसी। शहरी क्षेत्र में छोटे बड़े कुल 23 सौ ट्रांसफार्मर हैं। विद्युत विभाग की मानें तो इसमें से सिर्फ 13 ही खराब हैं। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के वाराणसी क्षेत्र के मुख्य अभियंता का कहना है कि जहां भी ट्रांसफार्मर खराब हैं वहां ट्राली ट्रांसफार्मर से आपूर्ति की जा रही है। इस तरह अगर मुख्यअभियंता की मानें तो शहर में ट्रांसफार्मर का संकट नहीं है। जबकि तहसील क्षेत्र में मंगलवार की रात जिस ट्रांसफार्मर में आग लग गई थी उसे 24 घंटे बाद भी नहीं बदला जा सका है। यह तो एक नजीर है, ऐसे और भी क्षेत्र हैं जहां ट्रांसफार्मर के चलते विद्युत संकट है।

बिजली के लिए किया प्रदर्शन
वाराणसी,(ब्यूरो)। दूसरी तरफ, समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष डा. ओपी सिंह के नेतृत्व में बुधवार को सपा का एक प्रतिनिधिमंडल पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक विजय विश्वास पंत से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने शहर में हो रही बेतहाशा कटौती पर आपत्ति जताई और प्रदेश सरकार द्वारा जारी आदेश के मुताबिक बिजली उपलब्ध कराने की मांग की। जगदीश यादव, बीके सिंह, रामबाबू यादव, इकबाल अंसारी, भैयालाल सोनकर मौजूद थे। उधर, अखिल भारतीय लोकाधिकार संगठन के जिलाध्यक्ष अविनाश मिश्रा के नेतृत्व में शंकुलधारा केंद्र पर धरना-प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर गंगा सहाय पांडेय ने आपूर्ति में मनमानी और मीटर चेक के नाम पर धनउगाही की निंदा की।

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