विज्ञापन

अधकचरे विकास से सानंद असंतुष्ट

Varanasi Updated Fri, 11 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
वाराणसी। महामना मदन मोहन मालवीय ने जिस गंगा महासभा की कभी नींव रखी थी, उसके कर्ताधर्ताओं को स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद ने गुरुवार को जमकर नसीहत दी। कहा, गंगा के तटीय अतिक्रमण को हटाने और नालों का बहाव रोकने पर प्रदेश सरकार की संजीदगी सार्थक परिणाम दे सकती है। गंगा को लेकर काशी से जुड़ी समस्याओं पर भी चिंतन की जरूरत बताई।
विज्ञापन
कबीरचौरा अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बंद कक्ष में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ गुफ्तगू रोककर कुछ देर सानंद ने गोविंदाचार्य से गंगा पर चर्चा की। गोविंदाचार्य को उन्होंने सलाह दी कि गंगा महासभा को सिर्फ गोमुख से गंगासागर के बीच की बतकही छोड़कर काशी की समस्याओं पर भी राज्य सरकार का ध्यान आकृष्ट कराना चाहिए। राज्य सरकार तटीय नालों का बहाव रोकने के अलावा अतिक्रमण हटाने की दिशा में पहल करना चाहती है, तो ऐसे उसे एक्सपर्ट राय दी जानी चाहिए। सानंद ने कहा कि वरुणापार की सभी विकास योजनाओं को तत्काल बंद कर उनकी समीक्षा होनी चाहिए। उनका इशारा था कि काशी में उत्पन्न तमाम समस्याएं गंगा के बिगड़े पर्यावरण की ही देन हैं। उनसे निजात पाने के लिए नगर निगम और वीडीए के साथ ठोस बातचीत होनी चाहिए। वह गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की ओर से जल निकास के लिए कराए जा रहे कार्यों की पुर्नसमीक्षा पर जोर दे रहे थे।

इनसेट
पहली बार मूड में दिखे सानंद, लगे ठहाके
वाराणसी। प्रो. जीडी अग्रवाल उर्फ स्वामी सानंद गुरुवार को बेहद प्रसन्न मुद्रा में थे। आंदोलन के दौरान अरसा बाद उनका यह मूड देखा गया। तपस्या और सरकार को लेकर वह कभी मुहावरे पढ़ते तो कभी ठहाके लगातेे। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और केएन गोविंदाचार्य के साथ गुफ्तगू उन्होंने ठहाकों के बीच पूरी की। गोविंदाचार्य ने आंदोलन के सवाल पर संस्कृत में कुछ कहा तो स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विद्वता की उनकी परिवारिक परिपाटी पर रोशनी डालने लगे। बताया कि गोविंदाचार्य के पिता भी संस्कृत के अच्छे विद्वान थे, तभी प्रोफेसर सानंद ने मुहावरा जड़ दिया। बोले- पिता पर पूत नश्ल पर घोड़ा, बहुत नहीं तो थोड़ा-थोड़ा...। एक -दूसरे को देख इमरजेंसी वार्ड में ठहाके गूंजने लगे। सानंद सरकार को भी चिकोटी काटने से नहीं चूके। आंदोलन के भविष्य और उनकी तपस्या पर सवाल किया जाता तबतक उन्होंने एक शेर जड़ दिया। कहा- मेरी वही रजा है जिसमें तेरी रजा है, इसमें भी वाह वाह है उसमें भी वाह वाह है...। चंद मुलाकातियों और गंगा प्रेमियों के बीच फिर लगने लगे ठहाके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Disclaimer


हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।
Agree
Election
  • Downloads

Follow Us