आपका शहर Close

हर छठवां बच्चा अस्थमा की चपेट में

Varanasi

Updated Tue, 01 May 2012 12:00 PM IST
वाराणसी। दुनिया की प्राचीनतम जीवंत नगरी काशी की आबोहवा स्वास्थ्य के लिए घातक होती जा रही है। बड़े तो बड़े बच्चे भी ट्रैफिक जाम और टूटी-खुदी सड़कों पर वाहनों के धुएं और धूल के चलते सांस की बीमारियों की चपेट में आते जा रहे हैं। पिछले दो वर्षों में सरकारी और निजी चिकित्सकों के यहां उपचार के लिए पहुंचने वाले ऐसे बच्चों की संख्या में करीब 30 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। नवीनतम आंकड़े के अनुसार, नगर में हर छठवां बच्चा सांस संबंधी (अस्थमा) शिकायत से परेशान है।
पांडेयपुर समेत वरुणा पार क्षेत्र, नरिया - भिखारीपुर मार्ग, डीएल़डबल्यू - ककरमत्ता मार्ग, मंडुवाडीह से महमूरगंज मार्ग आदि पर कमोबेश नजारा एक सा है। इन क्षेत्रों के आसपास स्कूली बच्चों में यह शिकायत सबसे तेजी से बढ़ी है। इन क्षेत्रों में तीन साल पहले तक चिकित्सकों के पास अस्थमा या सांस संबंधी शिकायत के साथ पहुंचने वाले मरीजों में बच्चों की संख्या नाम मात्र की होती थी। लेकिन अब यह करीब एक तिहाई तक पहुंच जा रही है। बच्चों में सांस की शिकायत की समस्या सबसे ज्यादा महीन धूल या धुएं के कणों के चलते हो रही है। विशेषज्ञ चिकित्सकों के अनुसार, ऐसे बच्चों की सांस संबंधी तकलीफ को नजरअंदाज करना खतरनाक होता है। इससे लंबे समय में (10 से 20 साल में) फेफड़े की शुद्ध हवा को रक्त में भेजने और अशुद्ध हवा को बाहर निकालने की प्रक्रिया बाधित होने का खतरा रहता है।

धूल-धुएं कण का फेफड़े पर यूं पड़ता है प्रभाव
1. महीन कण ही बच्चों के फेफड़े को तत्काल ज्यादा संक्रमित करते हैं। वाहनों के इंजन से निकले पेट्रोल, डीजल आदि के महीन कणों के अलावा बारीक धूल कण भी सांस प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं। गले में खरास और बलगम में कालापन दिखता है। इसका उपचार आसानी से हो सकता है।
2. अपेक्षाकृत बड़े कण फेफड़े में तत्काल अपना असर नहीं दिखाते। ये 10 से 20 साल में अपना प्रभाव इंटर स्टीशियल फेफड़ा रोग के रूप में दिखाते हैं। इसमें फेफड़े के भीतर रक्त में शुद्ध हवा को भेजने और अशुद्ध हवा को बाहर निकालने की प्रक्रिया बाधित होती है। यह गंभीर होता है और उपचार प्रक्रिया अपेक्षाकृत लंबी हो सकती है।


अस्थमा पीडि़तों के आंकड़े
बीएचयू के हर चेस्ट ओपीडी में वर्ष 1981-82 औसतन 30 रोगी आते थे, उनमें दो-तीन अस्थमा के होते थे
वर्ष 2001-02 में हर ओपीडी में औसतन 110 रोगी पहुंचते थे, उनमें करीब 30 अस्थमा के होते थे
वर्ष 2011-12 में यहां हर ओपीडी में औसतन ढाई सौ मरीज आते हैं, इनमें करीब 200 दमा पीडि़त होते हैं


चिकित्सकीय सलाह
चोकर रहित भोजन की दिनचर्या आज के बच्चों में रक्त प्रतिरोधक क्षमता कम कर रही है। पिज्जा, बर्गर, न्यूडल्स, मैदा के पराठे आदि का सेवन और शारीरिक श्रम (जिसमें सांस की कसरत हो) वाली खेल गतिविधि की कमी के चलते बच्चों की शारीरिक संरचना क्रिया ही बदल जा रही है। उनमें मोटापा की भी शिकायत हो रही है। श्रेष्ठ यह है कि गरमी के दिनों में बच्चों को तैराकी सिखाएं, चोकर युक्त भोज्य दें। बच्चों के फेफड़े काफी कोमल होते हैं। काफी कम मात्रा में ही तत्काल दवा के डोज से उपचार शुरू करने पर रोग नियंत्रित हो जाता है। - प्रो. एसके अग्रवाल, पूर्व विभागाध्यक्ष, चेस्ट विभाग, बीएचयू चिकित्सा विज्ञान संस्थान।
Comments

Browse By Tags

chathvan child asthma

स्पॉटलाइट

विराट-अनुष्का की शादी में हो गई जमकर लड़ाई, आपस में भिड़े डिजाइनर और फोटोग्राफर

  • बुधवार, 13 दिसंबर 2017
  • +

विराट-अनुष्का की शादी में एक मेहमान का खर्च था 1 करोड़, पूरी शादी का खर्च सुन दिमाग हिल जाएगा

  • मंगलवार, 12 दिसंबर 2017
  • +

OMG: विराट ने अनुष्का को पहनाई 1 करोड़ की अंगूठी, 3 महीने तक दुनिया के हर कोने में ढूंढा

  • मंगलवार, 12 दिसंबर 2017
  • +

मांग में सिंदूर, हाथ में चूड़ा पहने अनुष्का की पहली तस्वीर आई सामने, देखें UNSEEN PHOTO और VIDEO

  • मंगलवार, 12 दिसंबर 2017
  • +

अनुष्‍का के लिए विराट ने शादी में सुनाया रोमांटिक गाना, कुछ देर पहले ही वीडियो आया सामने

  • मंगलवार, 12 दिसंबर 2017
  • +

Most Read

जब 'गोलगप्पा बना काल', तड़प-तड़पकर टूट गईं नरेश की सांसें

Death by eating Panipuri
  • गुरुवार, 7 दिसंबर 2017
  • +

फोर्टिस अस्पताल ने चार घंटे इलाज का बिल एक लाख रुपये दिया

Fortis Hospital given one lakh rupees Bill for treatment four hours in noida
  • बुधवार, 13 दिसंबर 2017
  • +

गोलियों की तड़तड़ाहट से दहला आईएफटीएम, कांपे छात्र 

firing in university
  • मंगलवार, 12 दिसंबर 2017
  • +

58 हजार का बिल देख मरीज को छोड़ भागे परिजन, मेडिक्लेम कंपनी पैसा देने से मुकरी

relative leave the patient after 58 thousand bill in yathaarth hospital of noida
  • बुधवार, 13 दिसंबर 2017
  • +

CM योगी की तस्वीर से सांकेतिक विवाह करने वाली महिला पर देशद्रोह का केस, 14 दिन जेल

woman who did marriage with yogi adityanath pic sent to jail.
  • रविवार, 10 दिसंबर 2017
  • +

सीएम योगी की तस्वीर से शादी करने वाली महिला पर लगी देशद्रोह की धारा हटाई गई

sedition charge removed against anganbadi activists of sitapur.
  • बुधवार, 13 दिसंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!