युवा समाजशास्त्रियों को दिए जाएंगे अवार्ड

Varanasi Updated Mon, 01 Dec 2014 05:30 AM IST
ख़बर सुनें
वाराणसी। इंडियन सोशियोलॉजिकल सोसाइटी ने रिसर्च ग्रुप में चार नए विषयों को शामिल करेगी। इसमें दैनिक जीवनचर्या, अल्पसंख्यक समुदाय, खेल और बचपन विषय में शोध कराए जाएंगे। वहीं, युवा समाजशास्त्रियों को प्रोत्साहित करने के लिए दो यंग सोशियोलॉजिस्ट अवार्ड भी इसी साल से शुरू होंगे। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में चल रही तीन दिवसीय कांफ्रेंस में दूसरे दिन रविवार को पदाधिकारियों की बैठक में ये फैसले लिए गए।
सोसाइटी के अध्यक्ष प्रो. आनंद कुमार ने बताया कि विश्वविद्यालयों को पत्र भेजकर इन चारों विषयों में शोध कराने की प्रक्रिया शुरू करने की अपील की जाएगी। उन्होंने बताया कि युवा समाजशास्त्रियों के इस साल से दो नए अवार्ड शुरू किए जा रहे हैं। अब सागर विश्वविद्यालय में समाजशास्त्र विभाग के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. एनके गौराहा और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में समाजशास्त्र विभाग में संस्थापक प्रो. रंगनाथ की स्मृति में ये अवार्ड दिए जाएंगे।

00000
लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रसार जरूरी : गुलाम रजा
भारत के साथ ईरान, ब्राजील, साउथ अफ्रीका के विद्वानों ने रखे विचार
डॉ. अमिता की पुस्तक लिंग एवं समाज का किया गया विमोचन
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। लोकतंत्र की अवधारणा एवं उसके मूल्यों की अभिव्यक्ति राजतंत्र में ही नहीं बल्कि संस्कृति में भी होनी चाहिए। ऐसे में लोकतंत्र के सामने आ रही समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास करने होंगे। ये बातें काशी विद्यापीठ में चल रही सोशियोलाजिकल कांफ्रेंस में रविवार को अलमुस्तफा विश्वविद्यालय, तेहरान के कुलपति गुलाम रजा महादवी ने कहीं।
काफ्रेंस में दूसरे दिन विकास, विविधता और लोकतंत्र विषय पर भारत के साथ ही ईरान, ब्राजील, साउथ अफ्रीका से आए विद्वानों ने अपने विचार रखे। ब्राजील समाजशास्त्र परिषद की अध्यक्ष प्रो. सोराया कार्टेस ने उदार लोकतंत्र के लिए ठोस विकास करने की बात कही। उन्होंने कहा कि ब्राजील में ऐसी संस्थाएं हैं, जिन्होंने राजनीति और समाज के बीच व्याप्त मतभेद को खत्म करने का काम किया है। इससे निचले तबके के लोगों को समाज में सहभागिता के अवसर मिल हैं। विश्व समाजशास्त्र एसोसिएशन की पूर्व अध्यक्ष न्यूयार्क की प्रो. मार्गरेट अब्राहम ने सामाजिक परिवर्तन के दौर में नीति निर्माण के प्रति समाजशास्त्रियों को गंभीरता पूर्वक विचार करने को कहा। कांठमांडू के प्रो. चैतन्य मिश्र और दक्षिण अफ्रीका के प्रो. फ्रीक क्रोन्ज ने भी विचार रखे। अंत में काशी विद्यापीठ की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमिता सिंह की पुस्तक लिंग एवं समाज का विमोचन किया गया।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Rampur

गर्मी का कहर: शाहबाद क्षेत्र में झुलसी पालेज , किसान परेशान

गर्मी का कहर: शाहबाद क्षेत्र में झुलसी पालेज , किसान परेशान

23 मई 2018

Related Videos

एसपी नेता के बिगड़े बोल, "शरीर की बनावट के हिसाब से महिलाएं कपड़े पहने"

बलिया में समाजवादी पार्टी के नेता रामशंकर विद्यार्थी ने महिलाओं के कपड़ों को लेकर एक चौंकाने वाली बात कही है। एसपी नेता के मुताबिक महिलाएं ऐसे कपड़े पहने जिससे अश्लीलता न फैले।

22 मई 2018

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen