मोदी को सभा की अनुमति नहीं देने पर बिफरे वकील

Varanasi Updated Fri, 09 May 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
वाराणसी। भाजपा के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी को बेनियाबाग में सभा करने की अनुमति नहीं दिए जाने पर वकीलों ने जबरदस्त आक्रोश जताया। आक्रोशित अधिवक्ताओं ने बनारस बार सभागार से हुजूम में जूलूस निकाला और नारेबाजी करते हुए डीएम पोर्टिको में एक घंटे तक जबरदस्त प्रदर्शन किया। इस दौरान डीएम वापस जाओ के नारे से कचहरी गूंजती रही आरोप लगाया गया कि शासन के दबाब में दल विशेष के प्रत्याशी को हराने के लिए अनुमति नहीं दी गई जिससे लोकतंत्र का गला घोंटा गया। सेंट्रल बार के अध्यक्ष डा.नीलकंठ तिवारी ने डीएम को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट सुभाष चंद्र चौधरी को सौंपा गया जिसमें जिला प्रशासन द्वारा नरेंद्र मोदी को बेनियाबाग में रैली की अनुमति नहीें दिए जाने पर प्रशासन की घोर निंदा की गई कहा गया किसी प्रत्याशी को उसके लोकसभा क्षेत्र में भ्रमण,सभा,जनसभा,जनसंपर्क,मतदाताओं से उनके घर जाकर संपर्क करना संवैधानिक अधिकार है इस बाबत निर्वाचन आयोग द्वारा कोई रोक नहीं लगाया गया है। ज्ञापन में कहा गया कि नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय दल के प्रत्याशी है। उनको सभी अधिकार प्राप्त होने के बावजूद सभा की अनुमति नहीं दिया जाना राजनैतिक पंरपरा एवं विधि की अवहेलना है। सुरक्षा के मुद्दे पर कहा गया कि यह शर्मनाक स्थिति है कि भारत में देश का नागरिक किसी क्षेत्र विशेष में सुरक्षा कारणों से जाने से रोक दिया जाता है,किसी नागरिक को किसी विशेष क्षेत्र में यदि प्रशासन सुरक्षा करने में असमर्थ है तो उस प्रशासन एवं प्रशासनिक अधिकारी को बने रहना देश हित में नही है। प्रदर्शन के दौरान बनारस बार महामंत्री सत्येंद्र सिन्हा,अजय सिंह,मुरलीधर सिंह,शशांकशेखर त्रिपाठी,आरपी पांडेय,वीरेंद्र सिंह,राकेश पांडेय,दीपक मिश्र,पंकज प्रकाश पांडेय,अवधेश सिंह,केके द्विवेदी,संजय मिश्र,श्रीनिवास मिश्र,सुरेश चौबे,सुशील श्रीवास्तव समेत तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय तीखा हो गया जब प्रशासन द्वारा मतदाता जागरूकता के तहत कचहरी में जागरूक कर रहे लोगो से अधिवक्ता उलझ गए,मौके पर मौजूद कैंट इंस्पेक्टर ने किसी तरह स्थिति को काबू में किया।
विज्ञापन

------------
इनसेट
डीएम हैं निष्पक्ष,निष्पक्षता पर सवाल ओछी राजनीति
विधि संवाददाता
वाराणसी। एक राजनैतिक पार्टी द्वारा वाराणसी के डीएम प्रंाजल यादव के खिलाफ पक्षपात व अर्नगल आरोप लगाए जाने के खिलाफ कतिपय अधिवक्ताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय के पास दोपहर बाद धरना दिया और मुख्य निर्वाचन आयुक्त को संबोधित सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में कहा गया कि डीएम ने निष्पक्षता पूर्वक वाराणसी का कायाकल्प किया,उनकी ईमानदारी व निष्पक्षता पर सवाल उठाना ओछी राजनीति है। उन पर कार्यवाही हुई तो काशीवासियों का अपमान व दुर्भाग्य होगा। ऐसे में जिला निर्वाचन अधिकारी डीएम के विरूद्ध राजनैतिक लाभ के लिए लगाए गए अनरगल आरोप को संज्ञान में न लेते हुए काशी के हित में समुचित निर्णय लेने का आग्रह किया गया। प्रदर्शन में घनश्याम सिंह,उमाकांत यादव,भूपेंद्र सिंह,जर्नादन यादव,शारदा यादव,हसन मंसूर शास्त्री,डीएन यादव,अनिल रघुवंशी,जितेंद्र पांडेय,विवेक सिंह,रहमान अख्तर आदि रहे।
-------------------
शिक्षक और स्नातक की तरह एडवोकेट कांस्टीच्यूएंसी भी हो
विधि संवाददाता
वाराणसी। शिक्षक व स्नातक एमएलसी की तरह अधिवक्ताओं की लिए भी एडवोकेट कांस्टीच्यूएंसी की मांग राजनीतिक पार्टियों से की गई है। एडवोकेट कांस्टीच्यूएंसी इन इंडिया के प्रणेता मुजफ्फर नगर बिहार निवासी अशोक भारती बनारस पहुंचकर एडवोकेट कांस्टीच्यूएंसी की मांग रखी है। इसके समर्थन में सेंट्रल बार अध्यक्ष नीलकंठ तिवारी,महामंत्री रामाश्रय पटेल,बनारस बार अध्यक्ष संजय वर्मा,महामंत्री सत्येंद्र सिन्हा से भाजपा प्रधानमंत्री पद के दावेदार नरेंद्र मोदी को पत्र अग्रसारित कराया है जिसमें कहा गया कि ग्रेजुएट,टीचर्स कांस्टीच्यूएंसी की तरह राष्ट्रीय स्तर पर एडवोकेट कांस्टीच्यूएंसी होनी चाहिए ताकि अधिवक्ताओं की समस्याओं को सदन में उठाया जा सके।
----------------

सेना की एलएमजी बरामदगी में पूर्व पुलिसकर्मी को कैद
-भगोड़े सैनिक से बिक्री के लिए मुख्तार कर रहे थे डील -एसटीएफ के पूर्व डीएसपी ने दे दिया था इस्तीफा
विधि संवाददाता
वाराणसी। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम शशिकांत शुक्ला की अदालत ने भारतीय सेना के लाइट मशीन गन बरामदगी प्रकरण में अभियुक्त रिटायर्ड पुलिसकर्मी मुन्दर प्रसाद यादव को दोषी पाते हुए पांच वर्ष की कैद के साथ 20 हजार जुर्माने की सजा गुरूवार को सुनाई है। अभियुक्त सेना के भगोड़े सैनिक बाबूलाल यादव का मामा था और चौबेपुर स्थित डुढुवां गांव स्थित अपने घर के भूसे वाले कमरे में एलएमजी मशीन और 322 कारतूस छिपाकर रखा हुआ था। एडीजीसी आलोकचंद्र शुक्ला के मुताबिक, मामले का खुलासा 20 जनवरी 2004 को तब हुआ जब एसटीएफ ने सर्विलांस दौरान सुना गया कि सेना का फौजी बाबूलाल लाइट मशीन गन का सौदा कुख्यात मुख्तार अंसारी से कर रहा है। तहकीकात के बाद बाबूलाल को बलुआ के गुरैरा के पास टेलीफोन पर बातचीत करते अभियुक्त बाबूलाल को 24 जनवरी 2004 को हिरासत में लिया गया तब उसने कबूल किया कि जून 2003 में अपनी यूनिट से एलएमजी व लगभग 300 कारतूस चुृरा लाया था जो अपने मामा के यहां छिपाकर कर रखा है। इस जानकारी पर एसटीएफ ने बलुआ और चौबेपुर पुलिस को लेकर अभियुक्त के मामा के घर उसी दिन दबिश दी तब मामा की निशानदेही पर भूसे में छिपाकर रखे गए एलएमजी व 322 कारतूस बरामद किया गया। इस मामले में जब मुख्तार की गिरफ्तारी की बात होने लगी तब शासन के दबाब बनाने पर तत्कालीन डिप्टी एसपी शैलेंद्र सिंह ने इस्तीफा दे दिया जिसको लेकर काफी हो हल्ला मचा था। मामले के मुख्य आरोपी बाबूलाल का सेना ने कोर्ट मार्शल कर सजा दे दी जबकि उसके मामा को अदालत एलएमजी को छिपाने का दोषी पाया और सजा सुना दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us