हटा तनि अखिलेश भइया के देखे दा

Varanasi Updated Wed, 07 May 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
वाराणसी। ‘हटा! तनि अखिलेश भइया के देखे दा।’ कुरौना के देव पोखरी मैदान में जैसे ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मंच पर आए बेकरार कार्यकर्ताओं के बीच से ऐसा ही शोर शुरू हो गया। धक्कामुक्की, नारेबाजी और शोर-शराबे के बीच कई बार समर्थक डी के भीतर जाने की कोशिश करने लगे, जिसे रोकने के लिए सुरक्षाकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। भाषण तक तो किसी तरह डी एरिया सुरक्षित रहा लेकिन उसके बाद समर्थकों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी। हेलिपैड पर उमड़ी भीड़ को हटाने के लिए मुख्यमंत्री के सुरक्षा गार्डों को जमीन पर लाठियां तक पटकनी पड़ीं।
विज्ञापन

मैदान में दोपहर 12 बजे से जुलूसों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। योगेश सिंह, वरुण सिंह, सुधीर सिंह, रितेश केशरी, नवनीत पांडेय अतुल, काजू यादव, रामशरण बिंद, अशफाक अहमद डब्लू सहित तमाम नेता अलग-अलग जगहों से जुलूस लेकर पहुंचे। पंडाल और लोक गायकों के लिए बने मंच पर पहले से ही तमाम समर्थक कब्जा जमाए बैठे थे। वहां इतनी भीड़ हो गई थी कि गायक ठीक से खड़े नहीं हो पा रहे थे। चंदौली, मिर्जापुर और वाराणसी लोकसभा क्षेत्रों की सीमा पर सभास्थल होने के कारण बढ़ी संख्या में समर्थक तीनों ही लोकसभा क्षेत्रों से पहुंचे थे। दिन में एक बजते-बजते पूरा पंडाल भर गया। समर्थक टीलों और पेड़ों पर भी चढ़ गए। लोकसभा प्रभारी एसपी पांडेय सहित तमाम वरिष्ठ नेताओं को मंच पर जगह ही नहीं मिली। वे बाहर गेट पर ही बैठे रहे। आशा यादव, शीला चतुर्वेदी, अशफाक अहमद डब्लू, मनीष राय, संजय मिश्रा, अवधेश पाठक, डा. उमाशंकर सिंह, राम सिंह सहित तमाम नेता हेलिपैड के कोने में खड़े थे। जैसे ही हेलिकाप्टर आया, सभी हेलिपैड पर पहुंच गए। सुरक्षाकर्मी मुख्यमंत्री को मंच पर ले आए तो पंडाल में बैठे कार्यकर्ता एक-दूसरे के ऊपर चढ़ने लगे। उनके धक्के से कई बार सुरक्षा घेरा टूटने की नौबत आई।
मुख्यमंत्री ने आगे खड़े कई नेताओं का नाम लेकर बैठने का अनुरोध किया। तभी गायकों के मंच पर खड़े एक नेता ने अपनी शर्ट उतारकर हवा में लहरानी शुरू कर दी। उसे देखते ही मुख्यमंत्री ने कहा कि शंकर प्रधान मैंने देख लिया, अब कपड़े पहन लो। उन्होंने चंद्रजीत दूधिया को आवाज दी तो उसने टीले पर से हाथ उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिंता मत करना, दूधियों के लिए भी यह सरकार काम करेगी। मुख्यमंत्री ने मीडिया को बातचीत करने के लिए सुरक्षा घेरे में बुलाया। जैसे ही पत्रकार भीतर गए। उनके पीछे कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा और बैरिकेडिंग टूट गई। मुख्यमंत्री खुद ही उनके बीच घिर गए। भीड़ में एक महिला दबने लगी तो मुख्यमंत्री ने उसे मंच के पास बुला लिया। एक कार्यकर्ता तो इसमें घायल और मूर्छित हो गया। मना करने के बावजूद सब हेलिपैड पर पहुंच गए और हेलिकाप्टर उड़ाना संभव नहीं रह गया था। कुछ कार्यकर्ता मुख्यमंत्री के लिए बने स्विस काटेज में घुस गए और वहां रखे पानी, खाने-पीने के सामान पर हाथ साफ कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us