जूतों की मिट्टी को क्यों नहीं भेजा लैब

Varanasi Updated Fri, 21 Mar 2014 05:31 AM IST
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वाराणसी। जापानी युवक के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के साथ ही लंका पुलिस ने जांच पूरी मान ली है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट को पर्याप्त मानते हुए पुलिस ने घटनास्थल से जुटाए गए सैंपल्स को जांच के लिए लैब नहीं भेजा। जबकि, युवक की मौत से जुड़े कई अनसुलझे सवाल अभी भी जस के तस हैं। पुलिस का दावा है कि जापानी युवक की मौत हैंगिंग से हुई थी। जानकारों का कहना है कि अगर युवक के जूतों पर लगी मिट्टी अलग-अलग जगह की हुई तो घटनास्थल कहीं और हो सकता है। वहीं पुलिस इस मामले में आगे किसी भी प्रकार की जांच की जरूरत नहीं समझ रही है। यही कारण है कि जूतों की मिट्टी, घटना से स्थल से पाया गया सिगरेट का टुकड़ा और जुटाए गए अन्य सैंपल लैब में नहीं भेजे गए हैं।
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गंगोत्री विहार कालोनी स्थित सूखा आश्रम के सामने 15 मार्च की सुबह जापानी युवक इमेजेटो एटेमो (24) का शव बैरिकेडिंग के बांस से लटकता हुआ मिला था। उसके कमर से नीचे का हिस्सा जमीन पर टिका था और गर्दन कपड़े के फंदे से कसी थी। एटेमो के पैर जमीन का छू रहे थे। इस आधार पर उसकी हत्या की संभावना जताई जा रही थी। घटनास्थल पर पहुंचे डॉग स्क्वाड का खोजी कुत्ता भी कुछ तलाशते हुए लगभग दो सौ मीटर दूर स्थित एक गेस्टहाउस तक गया था। दो डाक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम के बाद हैंगिंग के चलते जापानी युवक की मौत की पुष्टि की है लेकिन उसने आत्महत्या की या उसकी हत्या की गई यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। घटनास्थल से फील्ड यूनिट की टीम ने युवक के लार, जूतों की मिट्टी और मौके पर गिरे सिगरेट के टुकड़ों को भी इकट्ठा किया था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम तो करा दिया लेकिन जूतों की मिट्टी को प्रयोगशाला नही भेजा। पूरे मामले पर नजर डाली जाए तो कई अनसुलझे सवाल निकल कर सामने आते हैं जैसे, डाग स्क्वाड गेस्ट हाउस क्यों गया था। क्या डाग स्क्वाड का गेस्टहाउस तक जाना निराधार था। जापानी युवक वाराणसी पहली बार आया था ऐसे में वह गलियों से होते हुए गंगोत्री बिहार कालोनी तक गंगा के किनारे तक कैसे पहुंच गया। एसपी सिटी राहुल राज का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट स्पष्ट है, यदि रिपोर्ट में कारण अस्पष्ट होता तो घटनास्थल पर मिले साक्ष्य प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे जा सकते थे।

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