प्रशासन से अधिवक्ताओं की तकरार

Varanasi Updated Fri, 12 Jul 2013 05:31 AM IST
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वाराणसी। रायफल क्लब के पास सड़क के किनारे स्थित खाली जमीन पर गुरुवार को की जा रही इंटरलाकिंग के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अफसरों से अधिवक्ताओं की तकरार हुई। रायफल क्लब की रेलिंग से सटे कुछ अधिवक्ताओं की चौकियां हटाए जाने की बात को लेकर अधिवक्ता आक्रोशित थे। प्रशासन के अफसरों ने जैसे ही पुलिस बल को बुलाकर चौकियां हटाने की कोशिश की, अधिवक्ता विरोध में आगे आ गए। देर शाम तक मौके पर तनातनी की स्थिति बनी थी। बाद में आपसी सहमति से तय हुआ कि वहां से अधिवक्ताओं की चौकियां रायफल क्लब के सामने स्थित राज्य कर्मचारी कल्याण निगम की कैंटीन के पास शिफ्ट की जाएंगी।
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इस समझौते के बाद शाम करीब सात बजे मौके पर एक क्रेन पहुंच गया था। कैंटीन के पास खड़े एक जर्जर वाहन को हटाने के बाद अधिवक्ताओं की चौकियां वहां लगाई जाएंगी। जिलाधिकारी के निर्देश पर इंस्पेक्टर कैंट अनिरुद्ध सिंह मयफोर्स दोपहर डेढ़ बजे कलेक्ट्रेट पहुंचे और रायफल क्लब के पास लगी एक अधिवक्ता की चौकी हटाने लगे। इसपर आक्रोशित हुए अधिवक्ताओं की तकरार कैंट इंस्पेक्टर और सिटी मजिस्ट्रेट महेंद्र प्रसाद से र्हुई। सिटी मजिस्ट्रेट के कक्ष में पहुंचे सेंट्रल बार के महामंत्री कमलेश सिंह ने कहा कि प्रशासन को वकीलों की चौकियों से दिक्कत है तो सेंट्रल बार एसोसिएशन में आपत्ति दर्ज कराए। शाम तक मौके पर तनाव की स्थिति बनी हुई थी। मयफोर्स सिटी मजिस्ट्रेट को कार्यालय में उपस्थित देख अधिवक्ता भी डटे रहे। देर शाम अधिवक्ताओं की वार्ता सिटी मजिस्ट्रेट से हुई। बातचीत में रायफल क्लब के पास स्थित अधिवक्ताओं की चौकियों को राज्य कर्मचारी कल्याण निगम की कैंटीन के पास रखने पर सहमति बनी। जिलाधिकारी प्रांजल यादव ने कहा कि बातचीत से इस समस्या का समाधान कर लिया गया है।


इनसेट
आज डीएम से मिलेंगे बार पदाधिकारी
वाराणसी। कलेक्ट्रेट में इंटरलाकिंग के लिए चौकियां हटाने के प्रशासन के फैसले से अधिवक्ता नाराज हैं। सेंट्रल बार के अध्यक्ष प्रमोद पाठक का कहना है कि शुक्रवार को जिलाधिकारी प्रांजल यादव से मुलाकात कर इस समस्या का हल निकाला जाएगा। बताया कि गुरुवार को डीएम के आदेश का हवाला देते हुए रायफल क्लब के पास से अधिवक्ताओं की चौकियां हटाने की बात सिटी मजिस्ट्रेट ने कही। वर्षों से उस स्थान पर बैठ रहे अधिवक्ताओं को हटाने का आदेश ठीक नहीं है। महामंत्री कमलेश सिंह कमलू का कहना है कि अधिवक्ताओं को हटाकर सौंदर्यीकरण करना उचित नहीं है। इस मुद्दे पर प्रशासन को सोच समझकर निर्णय लेना चाहिए।

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