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इलाज से मना करने पर चली गई जान

Updated Mon, 05 Jun 2017 12:55 AM IST
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एफआईआर न होने पर डाक्टर ने इलाज से मना किया, मौत
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मऊ। कोतवाली के धरौली गांव में धान की नर्सरी में शौच करने को लेकर शनिवार को मारपीट में घायल वृद्ध की चिकित्सा के अभाव में मौत हो गई। पुलिस ने मारपीट की रिपोर्ट नहीं लिखी और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डाक्टर ने पुलिस केस बताते हुए बगैर एफआईआर के इलाज करने से मना कर दिया। नतीजतन थाने और अस्पताल के बीच भटक रहे घायल की रविवार की दोपहर घोसी कोतवाली गेट पर मौत हो गई। इससे परिवारीजन और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने शव को कोतवाली गेट पर रखकर सड़क पर जाम लगा दिया। प्रभारी पुलिस अधीक्षक/एएसपी नीरज पांडेय ने इस मामले में दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया जबकि सीएचसी घोसी के चिकित्साधीक्षक डा. एसएन आर्य ने कहा है कि मामले की जांच कर जिम्मेदार डाक्टर और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। मृतक के परिजनों ने कार्रवाई और मुआवजा मिलने के आश्वासन के बाद जाम समाप्त किया।
कोतवाली क्षेत्र के धरौली निवासी रामप्यारे (60) पुत्र रामेश्वर राम ने गांव के सरकारी नलकूप के पास अपने खेत में धान की नर्सरी डाला था। शनिवार की शाम 6 बजे वह खेत देखने गए थे। उसी समय बड़ागांव राजभर बस्ती निवासी छोटू राजभर पुत्र रामबृक्ष थोड़ी दूरी पर नाली के पास बैठकर खुले में शौच करने लगा। जिस पर रामप्यारे ने उसे मना किया। दोनों के बीच विवाद हुआ और मामला मारपीट में तब्दील हो गया। इससे छोटू राजभर ने रामप्यारे की जमकर पिटाई कर दी, जिससे वह घायल हो गया।

सूचना मिलने पर शनिवार की रात रामप्यारे के घरवाले उसको लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। चिकित्सकों ने इसे पुलिस केस कहकर कोतवाली भेजा। यहां थाने में तैनात दरोगा ने परिजनों को डांटकर भगा दिया। इस पर परिवार के लोग पुन: सरकारी अस्पताल पहुंचे। यहां फिर पुलिस केस कहकर एफआईआर के बाद ही इलाज की बात डाक्टर ने कर्ही। परिजन परेशान होकर घायल को प्राइवेट अस्पताल लेकर गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद परिवार के लोग वृद्ध को घर लेकर आ गए। रविवार की सुबह 8 बजे के करीब पीड़ित परिवार के सदस्य मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए घोसी कोतवाली पहुंचे। इस दौरान पुलिस आनाकानी करने लगी। तभी घायल रामप्यारे की हालत बिगड़ने लगी। परिवार के लोग अभी कुछ करते कि कोतवाली गेट पर ही रामप्यारे की मौत हो गई। पुलिस और डाक्टरों की इस लापरवाही पर मृतक के परिवार के सदस्य आक्रोशित हो गए। उन्होंने हंगामा करते हुए वृद्घ के शव को कोतवाली के गेट पर ही रखकर जाम लगा दिए। आक्रोशित लोगों ने कोतवाली के गेट पर हंगामा करने के बाद शव को गांव के पास धरौली मोड़ पर रखकर वाराणसी गोरखपुर मार्ग पर जाम कर दिया। सुबह साढ़े दस बजे से शुरू हुआ यह जाम साढ़े बारह बजे तक चला। सूचना पाकर मौके पर तहसीलदार घोसी एसबी गिरी और सीओ रविंद्र सिंह पहुंचे। अधिकारी द्वय ने घटना में कार्रवाई के साथ परिवार को किसान दुर्घटना बीमा की धनराशि देने के साथ संबंधित दरोगा के विरुद्ध कार्यवाई करने का आश्वासन दिया। इसके बाद जाम समाप्त हुआ। मृतक के पुत्र विजय की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी छोटू राजभर के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे प्रभारी पुलिस अधीक्षक एएसपी नीरज पांडेय ने दरोगा अजय तिवारी को लाइन हाजिर कर दिया। साथ ही पूरे मामले की जांच सीओ घोसी को करने के आदेश दिए।
सीएचसी घोसी के चिकित्साधीक्षक डा. एसएन आर्य ने बताया कि पुलिस केस के मामले में मजरूबियत की जरूरत पड़ती है। रही बात उपचार की तो इसकी जांच की जाएगी, कि ड्युटी पर कौन डाक्टर था, उसने ऐसी लापरवाही क्यों की। जांच के बाद डाक्टर और कर्मचारियों के विरूद्घ कार्रवाई की जाएगी।

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