विज्ञापन

तटीय इलाकों में और बढ़ा तबाही का खतरा

Varanasi Bureau Updated Sun, 04 Jun 2017 01:55 AM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
वाराणसी। पिछले साल ही वरुणा किनारे बाढ़ ने जबरदस्त तबाही मचाई थी। हजारों परिवारों को राहत शिविरों में पनाह लेनी पड़ी थी। घर-मकान, गली-मुहल्ला सब कुछ डूब गया था। सैकड़ों परिवारों की गृहस्थी बर्बाद हो गई थी। महीनों तक दो वक्त की रोटी के लाले पड़ गए थे लेकिन उसके बाद भी आंखें नहीं खुलीं। अवैध निर्माणों का सिलसिला नहीं रुका। जिन पर निगरानी की जिम्मेदारी, उन्हीं विभागों के अफसर और मुलाजिम वरुणा की तलहटी पटवाकर उस पर कब्जे की होड़ में मददगार बन गए। डीएम आवास के पीछे से आदि केशव घाट तक नदी की कोख में सैकड़ों अवैध निर्माणों से बहाव क्षेत्र बाधित होने का खामियाजा आने वाले समय में पूरे शहर को भुगतना पड़ सकता है। कुछ उसी तरह, जैसे पिछले वर्षों में कश्मीर और उत्तराखंड में बहाव क्षेत्र बाधित होने से नदियों की विनाशलीला देख हर किसी की रूह कांप उठी थी। बड़े-बड़े मकान, होटल, कॉलोनिया तिनके की तरह बह गए थे।
विज्ञापन
बारिश के दिनों में बाढ़ की आपदा और बीमारियों की आफत के बावजूद न तो सरकारी मशीनरी चेत रही और न ही वरुणा की कोख में अवैध निर्माण कराने वाले। राजस्व विभाग, वीडीए, नगर निगम की मिलीभगत से डूब क्षेत्र में धड़ल्ले से कराए गए अवैध निर्माणों ने अब पूरे शहर के लिए आफत खड़ी कर दी है। नदी किनारे तलहटी तक कई मकान और होटल तन गए हैं। कॉलोनियां बसा ली गई हैं। 1978 में आई बाढ़ के उच्चतम बिंदु में किसी प्रकार के निर्माण को प्रतिबंधित किया गया है। बावजूद इसके डीएम आवास के पीछे से लेकर आदिकेशव घाट तक होटल और भवन बनते गए, किसी ने कोई रोकटोक नहीं की। पिछले साल वरुणा कॉरिडोर के लिए सीमांकन में 893 अवैध निर्माणों को चिह्नित कर उन्हें नोटिस दिया गया लेकिन उसके बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई। अलबत्ता, सरकारी मुलाजिमों की मिलीभगत से नए अवैध निर्माणों का सिलसिला भी नहीं थम पाया। सरैया, नक्खी घाट, चौकाघाट, पुराना पुल आदि इलाके ऐसे हैं जहां नदी की तलहटी तक घुसकर निर्माण कराया गया है।
नदी विशेषज्ञों का कहना है कि काशी की पहचान से जुड़ी वरुणा की रक्षा के साथ ही शहर पर मंडराते बाढ़ के संकट से निबटने के लिए अभियान चलाकर बहाव क्षेत्र खाली कराया जाना चाहिए। नदी का बहाव प्रभावित होने का खामियाजा सिर्फ वरुणा की तटीय बस्तियां ही नहीं, बल्कि पूरे शहर को भुगतना पड़ सकता है। केदार घाटी की घटना से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। कभी बाढ़ के मौसम में वरुणा ने विकराल रूप लिया तो यहां भी बड़ी तबाही तय है।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Varanasi

यूपीः खेत के चारों तरफ लगे तारों में दौड़ाया करेंट, चपेट में आए किशोर की मौत

यूपी के आजमगढ़ में सब्जी के खेत के चारों ओर कटीले तार लगाकर करेंट दौड़ाए जाने से बुधवार को एक किशोर की मौत हो गई जबकि एक बालक झुलस गया।

17 अक्टूबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

वाराणसी में लगे पोस्टर, ‘गुजराती नरेंद्र मोदी भारत छोड़ो’

गुजरात में यूपी और बिहार के लोगों पर होने वाले हमलों को लेकर वाराणसी में जगह-जगह पोस्टर चस्पा कर दिए गए हैं। पोस्टर में पीएम मोदी को गुजराती बताते हुए उन्हें गुजरात वापस जाने की चेतावनी ही गई है।

9 अक्टूबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree