UP Election 2022: नवाबों के शहर लखनऊ में चाय पर चुनावी चर्चा, लोगों ने योगी सरकार के लिए कही ये बात

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: मुकेश कुमार झा Updated Tue, 07 Dec 2021 10:46 AM IST

सार

पश्चिमी और ब्रज के 22 जिलों को कवर करने के बाद 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' मंगलवार को नवाबों के शहर लखनऊ पहुंचा। यहां के शर्मा चायवाला, लालबाग पर चाय पर चर्चा के दौरान लोगों ने खुलकर चुनावी मुद्दों पर अपनी बात रखी। 
लखनऊ, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022, चाय पर चुनावी चर्चा
लखनऊ, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022, चाय पर चुनावी चर्चा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

नवाबों के शहर लखनऊ में चाय पर चर्चा बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। सभी ने खुलकर लखनऊ में हुए कामकाज और कमियों को लेकर बात की। कई लोगों ने सरकार के कामकाज की तारीफ की। वहीं, कुछ लोगों ने महंगाई, रोजगार, सड़कों की समस्या का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा। पढ़िए किसने क्या कहा? 
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क्या बोले लखनऊ के लोग?
दुर्गेश कुमार त्रिपाठी ने वर्तमान सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि कहा देश आगे बढ़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमने पूरी दुनिया को वैक्सीन दिया। प्रदेश में हमें पारदर्शिता के साथ चीजें दिख रही हैं। वहीं, उन्होंने रोजगार के मामले में सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि रोजगार के मामले में कमी आई है। 




इस बार सत्ता बदलेगी
मशरूफ खान (एलएलबी) ने कहा कि मुझे लग रहा है कि इस बार सपा की सरकार आएगी। अखिलेश की यही खासियत यही है कि वो काम के मुद्दे पर हैं और उसी की बात करते हैं। खान ने कहा कि यहां बेरोजगारी हद रही हैं। इन्होंने (भाजपा) जब चाहे बोल दिया कि हमने 10 लाख युवाओं को रोजगार दिया लेकिन रोजगार जाता कहां हैं? अगर रोजगार देते हैं तो भाजपा की भी आने की उम्मीद है। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सब कुछ करे पर विकास पर लड़े तो काफी अच्छा लगता है चाहे कोई भी पार्टी क्यों न हो? चुनाव के समय में ये लोग जो धार्मिक मुद्दे बढ़ा देते हैं, यह लोगों के काफी नुकसान दायक है। वहीं हफीज नाम के शख्स ने कहा कि इस बार सत्ता बदलेगी। 

लखनऊ, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022, चाय पर चुनावी चर्चा
लखनऊ, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022, चाय पर चुनावी चर्चा - फोटो : अमर उजाला
प्रदीप कुमार तिवारी (वकील) ने कहा कि जब कोई सरकार सत्ता में आती है तो उसका प्रथम उद्देशय यही होना चाहिए कि वह जनता के हितों के लिए काम करे न कि हिन्दु-मुस्लिम में उलझे, इससे न तो राज्य और न ही देश का भला होने वाला है। जनता बेरोजगारी से परेशान है। 69000 शिक्षक भर्ती के जो लोग हैं वो करीब तीन-चार महीने से प्रदर्शन कर रहे हैं और जब वो अपना अधिकार मांगने जाते हैं तो उनके साथ बर्बरता की जाती है। प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ बोल रहे थे कि यहां कोई योग्य उम्मीदवार ही नहीं है और उन योग्य उम्मीदवारों के साथ छल कपट करके अपने मनचाहे लोगों की भर्ती कर दी गई है। आज जनता चाहती है कि उसके लिए अस्पताल बने, युवाओं के लिए विश्वविद्यालय बने..आदि। ऐसे कोई काम ये गिना नहीं सकते हैं जिसकी नींव रखे हों और साढ़े चार में पूरा कर दिए हों। उधर, विकास के नाम पर नीरज नाम के एक युवक ने कहा कि बहुत सी ऐसी चीजें हैं, आने वाले समय में पता चलेगा कि योगी और मोदी ने क्या कहा?

मोहम्मद गुलजार खान ने कहा कि पांच साल में हमने केवल अर्थियां सजते देखा है। कोरोना काल में लोगों को विस्तर नहीं मिली, हमने किसानों की शहादतें देखीं। अमेजन में 7000 लोगों की भर्तियां हुई थीं लेकिन अब 1400 बचे हैं। रोजगार के लाले पड़े हैं। विपिन कुमार ने कहा कि जनता भाजपा को हराना चाहती है। संजय कुमार यादव ने कहा कि शिक्षकों के हित का सवाल हो, ग्रांट का सवाल हो, उनके मानदेय का सवाल हो या फिर शिक्षामित्र को नियमित करने का सवाल हो सिर्फ और सिर्फ नेता जी व अखिलेश जी की सरकार में हुआ है। 

सारे विकास अधूरे पड़े हैं
धनंजय नाम के एक शख्स ने कहा कि बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या है। पिछले दो साल से शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। वही बच्चे पढ़ पा रहे हैं, जिनके पास लैपटॉप और मोबाइल है। गरीब बच्चे परेशान हैं। मुद्रा योजना पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे इसके तहत लोन नहीं मिला। मांगने जाते हैं तो वो कमीशन मांगते हैं। साथ ही उन्होंने यूपी सीटेट परीक्षा लीक होने का मामला भी उठाया। उन्होंने प्रश्न पत्र लीक होने की वजह से गरीब बच्चे रो रहे थे। विकास नाम के एक युवक ने कहा कि यहां सड़कों का बुरा हाल है। योगी जी के सारे विकास अधूरे पड़े हैं।

लखनऊ, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022, चाय पर चुनावी चर्चा
लखनऊ, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022, चाय पर चुनावी चर्चा - फोटो : अमर उजाला
साढ़े चार साल से विकास मर गया है
राजेश चौरसिया ने कहा कि पिछले दो साल से बेरोजगार हो गए हैं। न भत्ता और न रोजगार है, कोई पूछने वाला तक नहीं है। घर का बेच के काम चला रहे हैं। अगर कोई बीमार पड़ जाए तो उतना पैसा नहीं जो कुछ कर सके। रही विकास की बात तो यहां कोई विकास नहीं हुआ है वही फीते कटे हैं, जो अखिलेश ने काटे थे। वही फीते दिखाए जा रहे हैं, जो अखिलेश यादव ने दिखाए थे। कोई तीसरा फीता नहीं आया है। वही एक फीता है अखिलेश यादव का जो योगी बाबा काट रहे हैं। चौरसिया ने आगे कहा कि लखनऊ शहर में जिस सड़क पर चलिए गड्ढे मिलेंगे। विकास के नाम पर विकास मर गया है। साढ़े चार साल से विकास मर गया है। 

न कोई रोजगार है और न कोई कारोबार
मोहम्मद मोईन ने कहा कि बेरोजगारी बढ़ गई है। न कोई रोजगार है और न कोई कारोबार। नौकरी मांगने के लिए भी प्रदर्शन करते हैं तो लाठचार्ज की जाती है और मारा जाता है। हक के लिए लड़ते हैं तो अंदर कर दिया जाता है। इस सरकार में यही दिक्कतें हैं। 
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