वायरल वीडियो मामले में चार जेलकर्मियों का तबादला

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 28 Jun 2019 12:45 AM IST
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उन्नाव/लखनऊ। जेल के भीतर बेखौफ अपराधियों के पिस्टल लहराने, दावत उड़ाने और जाम छलकाते हुए वीडियो के वायरल होने के मामले में सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहे चार जेल कर्मियों का अपर महानिरीक्षक कारागार ने दूसरे जिलों में तबादला कर दिया है। प्रकरण में चारों की संलिप्तता मानते हुए विभागीय जांच भी शुरू कर दी है। जेल अधीक्षक और जेलर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वीडियो में पिस्टल लहराते हुए जेल प्रशासन और सरकार को चुनौती देने वाले कैदी और बंदी को भी दूसरी जेल में शिफ्ट करने की शासन से अनुमति मांगी गई है।
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सोशल मीडिया पर बुधवार को जेल में मोबाइल फोन से बनाए गए चार वीडियो वायरल हुए थे। वीडियो में जेल की बैरक में कुछ बंदी लजीज भोजन परोसते, बोतल उठाकर पहले पैग बनाने की बात कह रहे हैं। हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा मेरठ जिले के किठौर थाना के गांव भतीपुर निवासी कैदी अमरीश सिंह व रायबरेली के थाना बछरावां के हसनपुर गांव निवासी गौरव प्रताप सिंह उर्फ अंकुर हत्या के एक मुकदमे में विचाराधीन बंदी है। दोनों वर्ष 2017 से उन्नाव जेल में हैं।

मामला प्रदेश सरकार तक पहुंचने के बाद कार्रवाई शुरू हो गई है। अपर महानिरीक्षक कारागार शरद कुलश्रेष्ठ ने बताया कि हेड वार्डर माता प्रसाद को महाराजगंज जिला जेल, हेमराज का सेंट्रल जेल वाराणसी, वार्डर अवधेश साहू का भदोही जिले की ज्ञानपुर जेल और सलीम खां का जिला कारागार बस्ती तबादला कर दिया गया है। बताया कि चारों के खिलाफ सेक्शन सात के तहत विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। उन्होंने जेल अधीक्षक एके सिंह और जेलर ब्रजेंद्र सिंह को भी कारण बताओ नोटिस दी है। साथ ही वीडियो बनाने वाले कैदी और बंदी को दूसरी अलग-अलग जेल में स्थानांतरण के लिए शासन से अनुमति मांगी गई है।
प्रकरण की जांच में लीपापोती!
सूत्रों के मुताबिक जिला प्रशासन की ओर से कराई गई जांच में अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में आरोपी बंदी व कैदी द्वारा मिट्टी का पिस्टल बनाकर वीडियो बनाने की बात कही है। उन्होंने रिपोर्ट में कहा है कि दोनों से पिस्टल बनाने को कहा गया तो 15 मिनट में बनाकर दिखा दिया। बैरक के भीतर प्लेटों में रखे भोजन में कुछ भी बाहर का नहीं है। नीले रंग की बोतल में शराब नहीं तेल था, लेकिन जांच अधिकारी यह नहीं नकार पा रहे हैं कि जेल में खुलेआम मोबाइल का प्रयोग किया गया। बंदी और कैदी जेल परिसर और वॉच टावर के आसपास भी घूम-घूम कर वीडियो बनाते रहे। जेल की सुरक्षा में तैनात सैकड़ों कर्मियों को इसकी भनक कैसे नहीं लगी। टीम अपनी जांच रिपोर्ट शुक्रवार को सौंपेगी।

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