निर्माण कार्यों में देरी पर डीएम सख्त

Unnao Updated Sun, 16 Sep 2012 12:00 PM IST
उन्नाव। ग्रामीणों की सुविधा के लिए बनाए जाने वाले सचिवालय भवन समय सीमा समाप्त होने के बाद भी पूर्ण नहीं हो सके हैं। वित्तीय वर्ष 2011-12 में 213 भवनों का निर्माण किया जाना था। इनमें आधे भवन भी अभी तैयार नहीं हो सके हैं। चालू वित्तीय वर्ष में भी 132 सामुदायिक भवनों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। पांच माह से अधिक गुजर जाने के बाद भी मात्र तीन भवन ही पूर्ण हो सके हैं। नतीजतन ग्रामीणों को सुविधा का कोई लाभ नहीं मिल रहा
पंचायतों में सामाजिक और प्रशासनिक कार्यों के लिए सचिवालय भवन बनाए जाने हैं। वर्ष 2011-12 में 213 सचिवालय भवनों के निर्माण का लक्ष्य था। उस समय एक भवन की लागत 14 लाख 84 हजार रुपया तय की गई थी। भवनों के निर्माण के लिए जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत, यूपी प्रोजेक्ट, पैकफेड आदि को कार्यदायी संस्था बनाया गया था। सभी संबंधित निर्माण संस्था को 21 करोड़ 67 लाख 74 हजार 900 रुपया भी जारी किया जा चुका है। इनमें से केवल यूपी प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड ने ही 67 भवनों के निर्माण के अपने लक्ष्य को लगभग पूर्ण किया। उ.प्र श्रम एवं निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड लखनऊ को आवंटित 21 भवनों में अभी तक निर्माण शुरू भी नहीं हुआ है। क्षेत्र पंचायतों को 91 सचिवालय भवन बनाने थे इनमें से मात्र 20 ही पूर्ण हो सके हैं 70 का निर्माण कार्य चल रहा है और एक अभी भी रुका पड़ा है। जिला पंचायत को 30 सचिवालय भवन बनाने थे इनमें से 11 अभी भी निर्माणाधीन है। पैकफेड को चार भवनों के निर्माण का जिम्मा सौंपा गया था, तीन पूर्ण हो चुके हैं जबकि एक निर्माणाधीन है। अभी पिछले वित्तीय वर्ष के लक्ष्य पूरे भी नहीं हो सके हैं और वर्तमान वित्तीय वर्ष में 132 और सचिवालय भवनों के निर्माण का लक्ष्य दिया गया है। इनके लिए 10 करोड़ 76 लाख 74 हजार 300 रुपया भी विभिन्न निर्माण एजेंसियों को जारी किया गया है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में बनने वाले सचिवालय भवनों में कसे 75 के निर्माण, क्षेत्र पंचायतों को, 30 जिला पंचायत, लेबरफेडरेशन को 21, यूपी प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड को 2 और पैकफेड को 4 सचिवालय भवनों के निर्माण का जिम्मा सौंपा गया है। यूपी प्रोजेक्ट कार्पोरेशन ने दोनों सचिवालय भवनों को निर्माण कर दिया है। जबकि क्षेत्र पंचायत ने एक सचिवालय भवन का निर्माण पूर्ण किया है। जिलाधिकारी शीतल वर्मा ने बताया कि उन्होेंने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित कर दिया है कि यदि 30 अक्टूबर तक सचिवालय भवन बन कर तैयार नहीं हुए तो संस्थाओं के एकाउंट सीज कर उनके खिलाफ आरसी जारी कराई जाएगी।

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स्वास्थ्य उपकेंद्र जल्द बनकर तैयार हों
उन्नाव। स्वास्थ्य विभाग के अधूरे पड़े उपकेंद्राेें को पूर्ण कराने के लिए जिलाधिकारी ने कड़े तेवर अपनाए हैं। शनिवार को उन्होंने इन स्वास्थ्य उपकेंद्रों के निर्माण की कार्यदायी संस्था पैक्सफेड के अधिकारियों को इनका निर्माण जल्द से जल्द कराए जाने के निर्देश दिए।
पैक्सफेड को जिले में 65 स्वास्थ्य उपकेंद्रों का निर्माण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने पैक्सफेड को पांच करोड़ 35 लाख की धनराशि दी गई है। पिछले दिनों निर्माण कार्य प्रगति समीक्षा में पाया गया कि कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है। सोलह उपकेंद्रों का निर्माण कार्य अभी तक शुरू ही नहीं हुआ था। उन्होंने पैक्सफे ड के अधिकारियों से कहा कि अगर समय से कार्य पूरा नहीं होता है तो इस संस्था से बाकी कार्य वापस ले लिया जाएगा और पैसा भी वापस ले लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कहीं पर भी सरकारी धन का दुरुपयोग होते पाया गया तो दोषी अधिकारी और कर्मचारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

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