भावी संगीतज्ञ तैयार कर रहे शेख इब्राहिम

Unnao Updated Wed, 05 Sep 2012 12:00 PM IST
उन्नाव। संगीत को जीवन मानने वाले इब्राहीम शेख पिछले एक दशक से जिले के बच्चों को इस विधा में माहिर करने में लगे हैं। देश विदेश में संगीत के क्षेत्र में नाम कमाने वाले शेख अपने संगीतज्ञ पिता का सपना पूरा करने की खातिर शहर में बसे हैं। उनके शिष्य संगीत की हर विधा में महारत हासिल कर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रहे हैं।
उस्ताद अल्ला रक्खा और उस्ताद जाकिर हुसैन के पसंदीदा शिष्य रहे शेख इब्राहीम पिछले एक दशक से शहर में संगीत विद्यालय का संचालन कर रहे हैं। उनके पिता शेख पुत्तन का सपना था कि उन्नाव जिले का नाम संगीत के क्षेत्र में देश विदेश में रौशन हो। अपने पिता के इसी सपने को सच करने के लिए शेख ने शहर के पन्ना लाल पार्क मोहल्ले में संगीत विद्यालय की स्थापना की। बताया कि फीस और गुरुदक्षिणा के नाम पर वह हर शिष्य से केवल लगन और मेहनत मांगते हैं। यही कारण है कि उनके विद्यालय से निकले छात्र छात्राएं राष्ट्रीय स्तर की संगीत प्रतियोगिताओं में नाम कमा रहे हैं। मात्र 12 साल की उम्र का उनका शिष्य सिद्धांत त्रिवेदी आगरा में हुई शास्त्रीय गायन की अखिल भारतीय संगीत प्रतियोगिता में जजों की पहली पसंद रहा था।
संगीत की सेवा में जुटे शेख इब्राहीम जाकिर हुसैन, एआर रहमान, उस्ताद गुलाम मुस्तफा, अनूप जलोटा, रूप कुमार राठौड़ जैसे कलाकारों की संगत कर चुके हैं। शेख इब्राहीम संगीत में अपने योगदान के कारण संस्कृति निदेशालय उत्तर प्रदेश और भारत सरकार के संास्कृतिक मंत्रालय से पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं। उत्तर प्रदेश संगीत एवं नाटक अकादमी, प्रयाग संगीत समिति इलाहाबाद और प्राचीन कलाकेंद्र चंडीगढ़ की संगीत प्रतियोगिताओं में जज पैनल के सदस्य हैं। शेख इब्राहीम कहते हैं कि उनके जीवन का लक्ष्य जिले की संगीत प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना ही है। शिक्षक दिवस पर उनके इस जज्बे को सलाम।


लुप्तप्राय वाद्यों को जीवित करने की लगन
उन्नाव। शेख इब्राहीम ने 38 साल की छोटी से उम्र में ताल, वाद्य और गायन विधा में महारत तो हासिल की ही वह उत्तर प्रदेश और हिमालय क्षेत्र के लुप्तप्राय वाद्यों को फिर से जीवित करने की मुहिम में पिछले बीस वर्ष से जुटे हैं। प्रदेश से लुप्त हो चुके चमेली (डफली की तरह का एक ताल वाद्य) को न सिर्फ खोजा बल्कि अब उसे अपने छात्रों को सिखा रहे हैं। इसी तरह कभी शहनाई को संगत देने वाला दुक्कड़ (छोटे तबले सा ताल यंत्र) और रामकुंडली (ताल और वाद्ययंत्र का मिलाजुला रूप) को खोजा। शेख कहते हैं कि अभी तक वह एक सौ पांच वाद्य यंत्रों को खोज कर उनको बजाने की भी महारत हासिल कर चुके हैं।

Spotlight

Most Read

Lucknow

अखिलेश यादव का तंज, ...ताकि पकौड़ा तलने को नौकरी के बराबर मानें लोग

यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह पर निशाना साधा और कहा कि भाजपा देश की सोच को अवैज्ञानिक बताना चाहती है।

22 जनवरी 2018

Related Videos

यूपी में कोहरे का कहर जारी, ट्रक और कार की टक्कर में तीन की मौत

कन्नौज के तालग्राम में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर कोहरे के चलते एक भीषण सड़क हादसा हो गया। कोहरे की वजह से पीछे से आ रही कार के चालक को सड़क पर खड़ा ट्रक  नजर नहीं आया और उनमें कार जा टकराई। हादसे में तीन की मौत हो गई।

10 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper