जुमे-तुल विदा पर नम हुई रोजेदारों की आंखे

Unnao Updated Sat, 18 Aug 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
उन्नाव। मुकद्दस रमजान-उल मुबारक के आखिरी जुमे (शुक्रवार) को अलविदा की नमाज पढ़ी गई। शहर की सभी मस्जिदों में उलेमाओं ने जुमे-तुले विदा की फजीलतें बयान की। नमाज में शामिल लोगों ने इस मुबारक महीने के जुदा होने पर अफसोस जताया और खुदा से रो-रोकर अपनी मगफिरत की दुआ मांगी। इज्तिमाई दुआ में मुल्क में अमन ओ सलामती की दुआ भी की गई।
इस्लामी महीनों में रमजान-उल-मुबारक के महीने को सबसे ज्यादा अफजल और बरकत वाला महीना करार दिया गया है। इस मुकद्दस माह के आखिरी जुमे (शुक्रवार) को जुमे-तुल-विदा या अलविदा कहा गया है। इसमें रमजान शरीफ के माह को विदा किया जाता है। इसलिए मुसलमान इसके जुदा होने पर गम जाहिर करते हैं। हदीस शरीफ से रिवायत है कि नबी करीम सल्लल्लाहो अलैह वसल्लम ने फरमाया कि जिसने रमजान के आमद की खुशी और जाने का गम मनाया तो अल्लाह उसकी मगफिरत फरमा देता है। जिसे यह मुबारक माह मिले तो उसे चाहिए की वह अल्लाह से अपने गुनाहों की मगफिरत तलब करे और हर बुरे काम से खुद को बचा ले।
मदीना मस्जिद तकीनगर के इमाम कारी मो. तौसीफ रजा ने बताया कि मुकद्दस व बरकत का महीना रमजान हमें गुनाहोें से पाक करता है। दिन रात रहमतों का नुजूल होता है और जब यह सारी रहमतों हमसे जुदा होती हैं तो अफसोस होता है। अगले साल हमें यह बरकत वाला महीना नसीब हो या न हो। शुक्रवार को मस्जिदों और उसके आसपास सफाई की गई। नमाज के लिए बड़ों के साथ बच्चे भी इस्लामी लिबास कुर्ता-पायजामा और सिर पर टोपी पहनकर मस्जिदों मेें दाखिल हुए। मस्जिदों में उलेमाओं ने तकरीर करते हुए अलविदा की फजीलतें बयान की गई। कंजी वाली मस्जिद में हाफिज अब्दुल हफीज, मदीना मस्जिद में कारी तौसीफ रजा, शाही मस्जिद तालिब सराय में मौलाना निसार अहमद मिस्बाही, जामा मस्जिद मेें मौलाना नईम, अताउल्लाह वाली मस्जिद में कारी मो. हसीब, स्टेशन रोड स्थित बुद्धनशाह मस्जिद में कारी समीं नूरी, दादा मियां एक मिनारी मस्जिद में हाफिज अब्दुल मुकीत, छोटी ईदगाह में हाफिज अब्दुल मजीद और अनवार नगर में हाफिज बरकतुल्लाह ने अलविदा की नमाज पढ़ाई। नमाज के बाद लोगों ने इज्तिमाई दुआ करके अपने गुनाहों की माफी खुदा से तलब की और मुल्क में अमन ओ सलामती व कामयाबी की दुआ भी की। इस मौके पर मस्जिदों के आसपास पुलिस प्रशासन द्वारा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई। नवाबगंज प्रतिनिधि के अनुसार अलविदा की नमाज को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए क्षेत्र की मस्जिदों में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए। कस्बे सहित क्षेत्र की विभिन्न मस्जिदों में हजारों की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नमाज अता की। कस्बे की सराय मोहल्ले की मस्जिद के इमाम आल मोहम्मद ने अलविदा की नमाज अता कराई। दुर्गागंज मोहल्ले के अतिरिक्त रैनापुर, दरियापुर, बहाउद्दीनपुर सेवरा, अजगैन, आशाखेड़ा की मस्जिदों में अलविदा की नमाज अता की गई। मस्जिदों के इमामों ने रोजेदारों को नमाज अता कराई। अलविदा की नमाज के मौके पर नगर प्रशासन द्वारा मस्जिदों के इर्द-गिर्द साफ सफाई के साथ चूने आदि का छिड़काव कराया गया।
बांगरमऊ प्रतिनिधि के मुताबिक रमजान पाक माह के अंतिम शुक्रवार को नगर के सैय्यादवाड़ा मोहल्ला स्थित दरगाह यासीनियां, दरगाह शरीफ की जामा मस्जिद, पुर्विया टोला की नूरी मस्जिद, नानामऊ मार्ग तिराहा की आलिम शाह मस्जिद, नसीमगंज की फारुके आजम मस्जिद तथा शीशमहल मस्जिद आदि में हजारोें रोजेदारों ने अलविदा की नमाज अदा की। क्षेत्र के जगतनगर, माढ़ापुर, दरियापुर, सादीपुर, कांटागुलजारपुर, मऊ, सुरसेनी, भठियापुर, शीतलगंज व आशायस में भी अलविदा की नमाज अदा की गई। शांति व्यवस्था हेतु जिला प्रशासन द्वारा सभी मस्जिदों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Madhya Pradesh

खातों में कम बैलेंस पर पीएनबी ने वसूला 151 करोड़ रुपये जुर्माना

मशहूर अर्थशास्त्री जयंतीलाल भंडारी ने जुर्माने की इस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।

18 जुलाई 2018

Related Videos

VIDEO: महिला से रेप की कोशिश का VIDEO वायरल, चारों आरोपी गिरफ्तार

यूपी के उन्नाव से महिलाओं की सुरक्षा के दावों की धज्जियां उड़ाता एक वीडियो वायरल हुआ है।  तीन युवकों ने एक महिला को जबरदस्ती घर से उठाकर उसके साथ रेप करने की कोशिश की है।

7 जुलाई 2018

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen