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घर देकर कहीं का न छोड़ा

Unnao Updated Wed, 15 Aug 2012 12:00 PM IST
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उन्नाव। बसपा शासनकाल में शहर के 1577 परिवारों को मान्यवर कांशीराम कालोनी में घर तो मिल गए लेकिन शहर से उनकी नागरिकता समाप्त कर दी गई है। जिस गांव की सीमा में कालोनी बनी है वह पंचायत शहर के इन गरीबों को अपना मानने से इनकार कर रही है। आजाद देश के ये लोग अब कहां के नागरिक हैं ये न ही नगर पालिका प्रशासन को पता है और न ही तहसील प्रशासन को।
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पूर्ववर्ती प्रदेश सरकार ने अपने शासनकाल में शहरी गरीबों के लिए मान्यवर कांशीराम शहरी आवासीय योजना लागू की थी। उन्नाव नगर पालिका क्षेत्र के गरीबों की भी कालोनियां बनाने को शासन ने हरी झंडी दिखाई। नगर पालिका क्षेत्र में कालोनियों के लिए कहीं जगह नहीं मिली तो प्रशासन ने आनन-फानन में बरबट ग्राम पंचायत की जमीन का अधिग्रहण किया। इस जमीन पर उन्नाव शुक्लागंज विकास प्राधिकरण को तीन चरण में आवास बनाने थे। पहले चरण में 1577 आवासों का आवंटन हो चुका है और दूसरे चरण में 840 आवास बनाने का लक्ष्य है, जबकि सत्ता बदलने पर तीसरे चरण का पैसा लौट गया है। दूसरे चरण के आवासों के आवंटन के लिए 519 लोगों की लिस्ट तहसील से डूडा के पास पहुंच गई है। इसमें 77 आवासों की रजिस्ट्री भी हो चुकी है।
सत्ता बदलने के साथ ही करीब एक वर्ष से मान्यवर कांशीराम कालोनी में रह रहे 1577 परिवारों की नागरिकता छिन गई है। मसलन कांशीराम कालोनी को न ही नगर पालिका उन्नाव अपना मान नहीं है और न ही बरबट ग्राम पंचायत।
छह महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में कालोनी के लोगों ने शहर के जीनाथजी इंटर कालेज के कमरा नंबर आठ में बनाए गए बूथ संख्या 129 अ और कमरा नंबर 9 में बूथ संख्या 129 ब में वोट डाले थे। कांशीराम कालोनी के लोगों को शहर के वार्ड नंबर 22 के पोलिंग बूथ 129 में जोड़ा गया था। किंतु सत्ता बदलने के बाद हुए नगर पालिका चुनाव में कांशीराम कालोनी के लोगों से शहर में वोट डालने का हक छीन लिया गया। अब ये लोग न ही उन्नाव शहर के नागरिक रह गए हैं और न ही बरबट ग्राम पंचायत ने इन्हें कुबूल किया है। दो महीने बाद नए राशनकार्ड बनने हैं। ऐसे में इन ग्रामीणों के राशनकार्ड कौन बनाएगा इसका उत्तर किसी के पास नहीं है।

क्या कहते हैं जिम्मेदार
मान्यवर कांशीराम कालोनी नगर पालिका क्षेत्र के बाहर है। इसलिए वहां सुविधाएं मुहैया कराना हमारा काम नहीं है, हालांकि पालिका की ओर से सफाई कार्य कराया जा रहा है, अन्य सुविधाएं हम नहीं दे सकते हैं।
अनूप वाजपेयी, ईओ नगर पालिका उन्नाव।
अगर कांशीराम कालोनी शहर में नहीं है तो राजस्व रिकार्ड के हिसाब से बरबट पुर गांव में होनी चाहिए। इस मामले को दिखवाकर समाधान किया जाएगा।
सुरेश कुमार सोनी, तहसीलदार सदर

मैं हाल ही में जिले में आई हूं। मामला गंभीर है, इसे दिखकर जल्द से जल्द हल कराया जाएगा।
शीतल वर्मा , जिलाधिकारी उन्नाव
कांशीराम कालोनी के लोग हमारे गांव के निवासी नहीं हैं।
न ही वहां के लोगों के नाम हमारे गांव की वोटर लिस्ट में हैं और न ही गांव में उनके राशनकार्ड ही बने हैं।
राजेश वर्मा, प्रधान बरबट ग्राम पंचायत

कांशीराम कालोनी के लोग बरबट गांव के निवासी नहीं हैं। उनके नाम का कोई रिकार्ड ग्राम पंचायत में नहीं है और उनके परिवार रजिस्टर का ही ब्योरा गांव में है। गांव से किसी तरह की सुविधा कांशीराम कालोनी के लोगों को नहीं दी जाती है।
विनोद वर्मा, ग्राम पंचायत अधिकारी, बरबट

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