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गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों में जल्द पड़ेगा ताला

Unnao Updated Tue, 31 Jul 2012 12:00 PM IST
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उन्नाव। जिले के विभिन्न ब्लाकों में संचालित बिना मान्यता विद्यालय संचालकों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। बीएसए के सख्त तेवरों के कारण अब उन्हें जल्द ही स्कूलों में ताला डालना पड़ सकता है। बीएसए ने ऐसे सभी स्कूलों को अपने खंड शिक्षाधिकारियों के माध्यम से चिह्नित करा लिया है। पूर्व में भी बीएसए की ओर से ऐसे स्ंाचालकों को स्वत: विद्यालय बंद करने की चेतावनी दी चुकी है। जिले भर में करीब ढाई सौ स्कूलों को बीईओ की ओर से चिह्नित किए जाने का अनुमान है। जिले के सभी ब्लाकों में अब तक विभाग की आखों में धूल झोंककर और अधिकारियों की मिली भगत से संचालित किए जा रहे गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों पर अब संकट के बादल मंडराने लगे हैं। शिक्षा सत्र प्रारंभ होने के साथ ही बीएसए ने ऐसे सभी स्कूलों के प्रबंधकों को चेतावनी देते हुए खंड शिक्षाधिकारियों को ऐसे स्कूलों का चिह्नांकन कर सूची तैयार करने के लिए निर्देशित किया था। जुलाई समाप्त होने के साथ ही बीएसए की ओर से सूची का संकलन कर लिया गया है। इस सूचना के बाद अब संचालकों में हड़कंप की स्थिति है। अब तक वे जिन अधिकारियों के भरोसे स्कूलों का संचालन कर धन कमाने में जुटे थे वे उनसे ही बचने का रास्ता पूछते नजर आ रहे हैं। कुछ संचालक ऐसे भी हैं जिनका कहना है कि बीएसए ने निर्धारित तिथि पर बैठक कर मान्यता देने की कार्रवाई करने के बजाए उनकी फाइलों में क्वैरी लगा दी है। वे अपने स्कूल में पंजीकृत किए जा चुके बच्चों के भविष्य की भी दुहाई देने से नहीं चूक रहे हैं। नियमानुसार मान्यता मिलने के पूर्व तक छात्रों का प्रवेश नहीं लिया जाना चाहिए। सूत्रों की मानें तो बीएसए के पास अपने चहेते स्कूल संचालकों पर कोई कार्रवाई न किए जाने के संबंध में राजनीतिज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों तक की सिफारिशें आ रही हैं।
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इनसेट-
जोर अजमाइस में जुटे प्रबंधक
शिक्षा को व्यापार मानकर चल रहे कई स्कूलों के प्रबंधकों ने बीएसए की सख्त कार्यशैली को गंभीरता से लिया है। सख्ती होने की स्थिति में उन्हें अपने स्कूलों का संचालन बंद करने में छोटापन महसूस हो रहा है। इसी के चलते अब वे साम, दाम, दंड, भेद आदि सारे जतन कर बीएसए पर दबाव बनाने में लगे हैं।

इनसेट-
मान्यता वाले स्कूलों में रौनक
गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों पर सख्ती किए जाने से मान्यता प्राप्त स्कूलों के प्रबंधकों में खुशी दिखाई दे रही है। शहर के ही कई स्कूलों के प्रबंधकों का कहना है कि बीएसए यदि इन पर नकेल कसते हैं तो उन्हें तो लाभ होगा ही अभिभावक भी ठगे जाने से बच जाएंगे। गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों में ताला लगाए जाने की स्थिति में पास के स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ने की पूरी उम्मीद है।

इनसेट-
बीएसए बोले, स्वयं बंद कर दें विद्यालय
बीएसए डा. मुकेश कुमार सिंह का कहना है कि वे चाहते हैं कि उनके कार्यकाल में कोई नियमों को दरकिनार कर कार्य न करे। बीएसए का कहना है कि पद पर रहते वे गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों का संचालन नहीं होने देंगे, हां मान्यता की शर्तें पूरी करने वालों को मान्यता दिलाने में भी देर नहीं की जाएगी। मालूम हो कि गैर मान्यता के स्कूल संचालन करते पकड़े जाने पर नियमानुसार एक लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।

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