सब हाईस्कूल तक शिक्षित होंगे

Unnao Updated Mon, 23 Jul 2012 12:00 PM IST
उन्नाव। सर्व शिक्षा अभियान के माध्यम से कक्षा एक से आठ तक की शिक्षा देने के बाद अब प्रत्येक बच्चे को हाई स्कूल तक शिक्षित करने की रूपरेखा तैयार है। इसके तहत कक्षा आठ पास छात्र व छात्राओं का आगे का ब्यौरा तैयार करने के लिए निर्देशित किया जा चुका है। इसके लिए भी बाकायदा राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान की घोषणा की गई है। प्रदेश सरकार की ओर से पहले भी हाईस्कूल पास करने और इंटर पास करने पर अलग अलग लाभ दिए जाने की घोषणाएं की जा चुकी हैं।
ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में रहने वाले अशिक्षितों को शिक्षित कर समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के उद्देश्य से चलाए गए सर्व शिक्षा अभियान की सफलता के बाद अब राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान की घोषणा की गई है। इसके तहत कक्षा आठ पास करने के बाद छात्रों के मूवमेंट को रिकार्ड किया जाएगा। यह कार्य बीएसए और डीआईओएस साथ मिलकर पूरा करेंगे। बीएसए को इसके लिए सभी परिषदीय जूनियर और मान्यता प्राप्त जूनियर हाई स्कूलों से उत्तीर्ण हुए बच्चों की सूची तैयार करने के लिए प्रधानाचार्यों को निर्देशित कर दिया गया है। डीआईओएस को कक्षा नौ में प्रवेश लेने वाले बच्चों की सूची तैयार कराने को कहा गया है। दोनाें सूची का मिलान करने के बाद स्कूल से विरत होने वाले बच्चों के नाम और संख्या का अंदाजा हो जाएगा।
प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा सुनील कुमार और सचिव माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन की ओर से जारी संयुक्त शासनादेश में अभियान को तिथिवार पूरा करने के लिए बिंदुवार जिम्मेदारियां दी गई हैं। इसमें कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की जिम्मेदारी वार्डेन को सौंपी गई है। परिषदीय जूनियर स्कूलों में प्रधान या इंचार्ज शिक्षक अपने स्कूल की सूची तैयार कर बीआरसी में जमा करेंगे। मान्यता प्राप्त स्कूलों के प्रधानाचार्य इस जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे। बीआरसी से सभी सूचियां बीएसए को सौंपी जाएंगी। इसी प्रकार माध्यमिक स्कूलों में भी डीआईओएस को सभी स्कूलों से सूची का संकलन करना होगा। सभी चरणों से गुजरते हुए सूची को 14 अगस्त तक माध्यमिक शिक्षा निदेशक तक रिपोर्ट भेजनी है।

मिल सकेगी हाई स्कूल तक की शिक्षा
उन्नाव। अमूमन लोग कक्षा आठ तक गांव में ही स्कूल होने के कारण अब ग्रामीण सर्वशिक्षा के तहत मिलने वाली सुविधाओं का लाभ लेने के लिए अपने बच्चों को स्कूल भेजने लगे हैं। आगे की कक्षाओं में प्रवेश लेने के लिए बाहर के स्कूलों में पंजीकरण कराना होता है। ऐसे में घरेलू व खेती आदि के कार्यों से भी बच्चे विरत हो जाते हैं। जबकि आज भी गांवों में बच्चे घर से खेत तक के कार्य में अपने परिजनों का सहयोग करते हैं। ऐसे समय में वे स्कूल से अनुपस्थित हो जाते हैं। यही कारण है कि ग्रामीण क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों में छात्र उपस्थिति न्यूनतम रहती है। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के प्रभावी होने पर इस बात का खुलासा हो जाएगा कि कितने बच्चे कक्षा आठ के बाद स्कूल से वंचित रह जाते हैं। माना जा रहा है कि अगले चरण में इन्हीं बच्चों को स्कूल तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

किसे मिली क्या जिम्मेदारी
जूनियर व मान्यता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों के प्रधानाध्यापक कक्षा 8 पास विद्यार्थियों की सूची तैयार करेंगे।
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में कक्षा 8 उत्तीर्ण छात्राओं की सूची वार्डेन तैयार करें।
कक्षा 9 में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं की सूची माध्यमिक स्कूलों के प्रधानाचार्य बनाएंगे
10 अगस्त तक बीएसए सभी बीईओ से सूचियां लेकर डीआईओएस को उपलब्ध कराएंगे।
14 अगस्त को डीआईओएस निदेशक माध्यमिक शिक्षा को सूचियां उपलब्ध कराएंगे।
20 अगस्त को निदेशक समस्त ब्यौरा शासन को उपलब्ध कराएंगे।

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