पीडी होने पर भी भेजा बिल, जुर्माना

Unnao Updated Mon, 23 Jul 2012 12:00 PM IST
उन्नाव। बिजली कनेक्शन विच्छेद (पीडी) कराने के बाद भी विभाग ने उपभोक्ता को बिल भेज दिया। उपभोक्ता ने अधिकारियों के काफी चक्कर लगाए लेकिन समस्या का समाधान न हुआ। इस पर पीड़ित ने उपभोक्ता फोरम की शरण ली। फोरम के तामील कराने के बाद भी विद्युत विभाग ने प्रतिवाद पत्र दाखिल नहीं किया। इस पर फोरम ने पीड़ित के कागजों के आधार पर सुनवाई करते हुए मामले मेें विद्युत विभाग की ओर से सेवा मेें कमी माना। फोरम ने विभाग पर जुर्माना लगाते हुए पीड़ित को 5 हजार रुपए क्षतिपूर्ति व एक हजार रुपए परिवाद व्यय के देने के आदेश दिए।
सिविल लाइन कल्याणी निवासी जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने गांधी नगर मोहल्ले में ओम प्लाजा मार्केट में दुकान किराए पर ली थी। 22 मई 2006 को 1838 रुपए जमा करके बिजली का कनेक्शन कराया। कुछ समय बाद जितेंद्र को जब दुकान बंद करनी पड़ी तो उसने 30 जून 2008 को बिजली कार्यालय जाकर सभी बिल जमा कर दिए और 275 रुपए विच्छेदन के लिए अलग से जमा किए। 7 जुलाई 2008 को कनेक्शन कटने की सूचना के बाद उन्होंने दुकान छोड़ दी। 22 नवंबर 2011 को जितेंद्र को 28,870 रुपए का बिल मिला। इसके बाद वह उसे सही कराने के लिए विभाग के चक्कर लगाता रहा लेकिन सुनवाई नहीं हुई। जितेंद्र ने उपभोक्ता फोरम की शरण ली। फोरम के तामील के बावजूद बिजली विभाग की ओर से प्रतिवाद पत्र दाखिल नहीं किया गया। परिवादी द्वारा फोरम में जमा किए गए कागजों को सही माना गया। फोरम अध्यक्ष पीयूष कुमार व सदस्य अब्दुल हफीज अंसारी ने मामले में विभाग द्वारा उपभोक्ता सेवा में की गई कमी माना। अध्यक्ष ने विभाग पर जुर्माना लगाते हुए उपभोक्ता को 5 हजार रुपए क्षतिपूर्ति व एक हजार रुपए परिवाद व्यय के अदा करने के आदेश जारी किए। साथ ही निर्णय की प्रति व परिवादी द्वारा दाखिल किए गए सभी कागजों की छायाप्रति मुख्य प्रबन्ध निदेशक पावर कारपोरेशन को भेजे जाने के आदेश भी दिए हैं।


एसडीओ का कार्यप्रणाली से हुआ विवाद
उन्नाव। कागजातों को देखने पर फोरम को जानकारी हुई कि अधिशाषी अभियंता राजस्व ने उपखंड अधिकारी विद्युत वितरण खंड प्रथम को भेजे गए पत्र में परिवादी के विच्छेदन शुल्क व पिछला बिल जमा करने के बारे में बताया था। लेकिन एसडीओ ने इस पत्र पर कोई रिपोर्ट एक्सईन राजस्व को नहीं भेजी। फोरम ने माना कि या तो एसडीओ ने लापरवाही से रिपोर्ट नहीं भेजी या किसी विशिष्ट उद्देश्य से वह कागज अपने पास दबाए बैठे रहे। एसडीओ की कार्यप्रणाली से ही विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई। फोरम के मुताबिक, जो भी क्षतिपूर्ति राशि विभाग को देनी पड़ती है वह 7 जुलाई 2008 को तत्कालीन एसडीओ से वसूलने के अधिकारी होंगे। फोरम ने विभाग द्वारा जारी उक्त बिल निरस्त कर दिया। विभाग 1 जून 2008 से 21 जुलाई 2008 की अवधि की विद्युत उपभोग की राशि पाने के अधिकारी हैं लेकिन इसके लिए पहले सही डिमांड परिवादी को भेजनी पड़ेगी।

Spotlight

Most Read

Bareilly

बच्चो! 100 रुपये में स्वेटर खा लो

नकारा सिस्टम सरकारी योजनाओं को तो पलीता लगाता ही है, उसे गरीब बच्चों से भी कोई हमदर्दी नहीं है। सर्दी में बच्चों को स्वेटर बांटने की व्यवस्था ही देख लीजिए..

20 जनवरी 2018

Related Videos

यूपी में कोहरे का कहर जारी, ट्रक और कार की टक्कर में तीन की मौत

कन्नौज के तालग्राम में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर कोहरे के चलते एक भीषण सड़क हादसा हो गया। कोहरे की वजह से पीछे से आ रही कार के चालक को सड़क पर खड़ा ट्रक  नजर नहीं आया और उनमें कार जा टकराई। हादसे में तीन की मौत हो गई।

10 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper