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मंदिर से तीन करोड़ की मूर्तियां चोरी

Unnao Updated Tue, 17 Jul 2012 12:00 PM IST
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औरास (उन्नाव)। करीब दो सौ साल पुराने मंदिर के ताले तोड़कर चोर सात मूर्तियां उड़ा ले गए। अष्टधातु की मूर्तियों की कीमत तीन करोड़ से अधिक बताई जा रही है। पुलिस घटना की जांच कर रही है। पुलिस विभाग की फील्ड यूनिट टीम भी जांच में जुटी है।
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थाना क्षेत्र के रामपुर खझड़ी गांव निवासी प्रेम नारायण शाह के घर के परिसर में ही करीब दो सौ साल पुराना जनकपुर मंदिर है। रविवार की रात चोर दीवार काटकर भीतर घुसे और मंदिर के दो दरवाजों के ताले तोड़कर वहां स्थापित राम-लक्ष्मण, सीता, जनक समेत सात मूर्तियां चुरा ले गए। मंदिर के पुजारी उमेश गुप्ता के मुताबिक सभी मूर्तियां करीब डेढ़ फिट ऊंची और प्रत्येक मूर्ति तीस से पैंतीस किलो की थी। इनमें सबसे बड़ी मूर्ति सीता की थी जो करीब पैंतालिस किलो की होगी। पुजारी के मुताबिक सुबह करीब पांच बजे उसका भाई राकेश मंदिर की सफाई करने पहुंचा तो मंदिर के दो दरवाजे और चैनल खुला पड़ा था और मूर्तियां नदारत थीं। घटना की जानकारी होते ही ग्रामीणों का मजमा लग गया। इधर उधर खोजा तो गांव के बाहर नन्हा के खेत में दो सिंहासन और दो मूर्तियां पड़ी मिलीं। सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष जावेद अहमद ने खेत में मिली दोनों मूर्तियों और सिंहासन को मंदिर पहुंचवाया। मंदिर स्वामी प्रेम नारायण की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि घटना की तफ्तीश की जा रही है। उन्होंने बताया कि फील्ड यूनिट टीम भी फिंगर प्रिंट और स्निफर डाग की मदद से पड़ताल कर रही है। मूर्तियों के अष्टधातु होने के सवाल पर उन्होंने बताया कि इसकी भी जांच कराई जाएगी।



पहले भी हो चुकी है मूर्ति चोरी
ग्रामीणों ने बताया कि करीब दो साल पहले माधव रामनारायण शाह ने गांव में दो बड़े मंदिर जनकपुर और ठाकुरद्वारा की स्थापना कराई थी। दोनों मंदिर आमने सामने ही थे। करीब पंद्रह साल पहले ठाकुरद्वारा से राम की और दस साल पहले लक्ष्मण की मूर्ति चोरी हो गई थी।


आठ साल से चौकी में तैनाती नहीं
हरदोई जिले की सीमा से सटे होने के कारण रामपुर खझरी गांव में लूट-चोरी और डकैती आम बात हो गईं थी। 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह की संस्तुति पर मंदिर परिसर में ही पुलिस चौकी खोली गई। ग्रामीणों में सुरेश, मोती, मुन्ना आदि ने बताया कि 2004 तक तो चौकी में पुलिस रही मगर बीते आठ साल से किसी भी सिपाही की तैनाती नहीं की गई केवल बोर्ड ही लगा है।


चोरों ने कैसे खोले ताले
हैरानी की बात यह है कि चोरों ने लकड़ी के दरवाजों के ताले तोड़े लेकिन मंदिर के चैनलों के दो ताले तोड़े नहीं गए बल्कि उन्हें खोला गया है। पुलिस इस बिंदु पर भी गंभीरता से जांच कर रही है।

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