हे भगवान! अबकी न आए बाढ़

Unnao Updated Sat, 14 Jul 2012 12:00 PM IST
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परियर (उन्नाव)। जिले के बाढ़ प्रभावित रहे गावों के निवासी इस वर्ष अभी से सहमे हैं। ग्रामीण गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर रखे हैं। दो साल से लगातार बाढ़ की विभीषिका झेल रहे यह किसान इस बार गंगा से मना रहे हैं, कि हे भगवान इस बार बाढ़ न आए।
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सदर तहसील के गंगा कटरी के परियर, माना बंगला, जूड़ा पुरवा, बाबू बंगला, चंडीबंग्ला, मरौंदा, पनपथा, गंगादीन खेड़ा, कोलवा, बरधना, अतरी, भदेवना, बिधनू, लिंगड़ापुरवा,कन्हवापुर, फत्तेपुर, रौतापुर, घोंघी, सिद्धन, सहित करीब एक सैकड़ा गांव बाढ़ की विभीषिका झेल चुके हैं। 2010-11 में आई बाढ़ से इन गांवों के निवासियों की गृहस्थी पूरी तरह तबाह हो गई थी। बाढ़ ने खेतों में तैयार खड़ी फसलों को भी पूरी तरह बर्बाद कर दिया था। एक सैकड़ा गांवों के निवासियों को परिवार का भरण पोषण करना भी मुश्किल हो गया था। किसी तरह जीने लायक गृहस्थी जोड़ कर रह रहे इन ग्रामीणों को दोबारा बाढ़ का डर सताने लगा है। बाढ़ पीडि़त गांव मानाबंग्ला निवासी गुड्डू निषाद कहते हैं कि गृहस्थी जोड़ने मेंवह पहले ही कर्जदार हो चुके हैं। यदि अबकी बाढ़ आती है तो वह पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगे। गांव की ही चंदादेवी ने बताया कि पिछली बाढ़ में उनका घर और फसल बर्बाद हो गई थी। इस बार गंगा मइया से बाढ़ न आने की मनौती मानी है। ललतू पुरवा निवासी शिक्षामित्र राम प्रकाश यादव का कहना है कि बाढ़ के कारण अभी तक माना बंग्ला प्राथमिक पाठशाला मेें किसी शिक्षक ने चार्ज नहीं संभाला है। माना बंग्ला निवासिनी शांतिदेवी बाढ़ का नाम सुनते ही उदास हो जाती हैं। परेशान होकर वह आसमान की ओर हाथ जोड़कर कहती हैं अरे भगवान अबकि बाढ़ न कियो नाहीं तो हमार सबकुछ खतम हुई जाई।
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