संसाधन नहीं तो कैसे साफ हो उन्नाव

Unnao Updated Thu, 12 Jul 2012 12:00 PM IST
उन्नाव। करीब 21 वर्ग किलोमीटर में फैले उन्नाव नगर पालिका क्षेत्र में करीब तीन लाख लोग निवास करते हैं। हालांकि नगर पालिका के रिकार्ड में उन्नाव की आबादी एक लाख 44 हजार ही है। पालिका के कुछ हिस्से में औद्योगिक क्षेत्र भी है। क्षेत्र बड़ा और आबादी अधिक है इसलिए कूड़ा करकट होना लाजमी है, किंतु सफाई के लिए नगर पालिका परिषद के पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। नियमानुसार दस हजार लोगों पर 28 से 29 सफाई कर्मचारी होने चाहिए लेकिन नगर में इसके आधे भी नहीं हैं। इस मानक से तीन लाख आबादी पर करीब साढ़े आठ सौ सफाई कर्मी होने चाहिए लेकिन हैं इसके आधे भी नहीं। ईओ एसके ने बताया कि नगर पालिका के पास सफाई के लिए मेन पावर के साथ ही संसाधनों की भी कमी है। उन्होेंने बताया कि सफाई निरीक्षकों के दो पद सृजित हैं जबकि तैनाती केवल एक पर ही है। इसी तरह 144 नियमित सफाई कर्मचारी हैं जबकि 171 संविदा पर कार्यरत हैं। 10 सफाई कर्मी उच्च न्यायालय के आदेशानुसार कार्य कर रहे हैं। सफाई के लिए शहर को 12 सेक्टर में बांटा गया है। इन सभी सेक्टरों में एक-एक सफाई नायक की जरूरत है, लेकिन पालिका के पास केवल तीन सफाई नायक ही हैं।
इसी तरह शहर के रोजाना निकलने वाले करीब 90 टन कूड़े को उठाने के लिए पर्याप्त संसाधन भी नहीं हैं। महज तीन ट्रैक्टर ट्रालियां शहर का कूड़ा डंपिंग को ले जाने के लिए हैं। कूड़े की मात्रा को देखते हुए कम से कम इतनी ही ट्रैक्टर ट्रालियों की और जरूरत है।


हर वार्ड में हो एक कूड़ा घर
उन्नाव। सफाई निरीक्षक आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि मैन पावर की कमी के बावजूद जैसे तैसे शहर को साफ रखने की कोशिश रहती है। सबसे बड़ी समस्या गलियों का कूड़ा एकत्र करने के लिए जगह न होने से आती है। सफाई कर्मी गलियों आदि का कूड़ा ट्रालियों में लाकर एक जगह जमा करते हैं। वहां से कचरे को ट्रालियों में भरकर डंपिंग ग्राउंड ले जाया जाता है। किंतु लोग कूड़ा जमा करने का विरोध करते हैं, इससे आए दिन विवाद की स्थिति बनती है। अगर सभी 12 सेक्टरों में एक-एक कूड़ा घर बन जाए तो सफाई कर्मियों को सहूलियत हो जाए।


सभासद आगे आएं तो निकल आए समाधान
उन्नाव। गलियों से निकला कचरा एकत्र करने में आए दिन विवाद होता है। सभासद भी लोगों की हां में हां मिलाकर विरोध करने लगते हैं। किंतु वह समाधान का रास्ता नहीं निकालते। अगर सभी सभासद मिलकर कम से कम 12 कूड़ा घरों के लिए प्रयास करें तो आए दिन होने वाले विवाद तो खत्म हो ही जाएंगे, शहर को साफ रखने में भी मदद मिलेगी। कूड़ा घर बनने से लोग सड़कों पर कचरा डालने के बजाए इसी में फेकेंगे।

डंपिंग ग्राउंड में भरा पानी
दो वर्ष पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती के दौरे के समय जिला प्रशासन ने आनन फानन में नगर के बाहर कूड़ा डंपिंग ग्राउंड का चयन किया था। शहर के काफी दूर लंबे चौड़े गड्ढे में बनाए गए नियम विरुद्ध इस डंपिंग ग्राउंड पर हालांकि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आपत्ति जताई थी लेकिन बाद में वह भी चुप हो गया। अब इस ग्राउंड में बारिश का पानी भर गया है। इससे पालिका के कर्मचारी सड़कों के किनारे कचरा फेंक रहे हैं।



जनसंख्या के हिसाब से सफाई कर्मियों की खासी कमी है। शासन ने अभी तक भर्तियों पर रोक लगा रखी थी। नगरीय प्रशासन मंत्री ने फिर भर्तियां करने की बात कही है। उनका निर्णय स्वागत योग्य है। पालिका की बैठक में सफाई कर्मियों की भर्ती का प्रस्ताव पारित करा शासन को भेजा जाएगा। नगर को क्लीन रखने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
-रामचंद्र गुप्ता, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद उन्नाव

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