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अतिक्रमण से संकरी हो गईं शहर की सड़कें

Unnao Updated Mon, 25 Jun 2012 12:00 PM IST
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उन्नाव। अतिक्रमण के चलते शहर की सड़कें संकरी होती जा रही है। फुटपाथ तो पूरी तरह से गायब हो चुके हैं। कहीं भी पार्किगिं की व्यवस्था न होने से वाहन सवार कहीं भी गाड़ी खड़ी कर देते हैं। बेतरतीब पार्किगिं से हर समय शहर में जाम के हालात रहते हैं। बावजूद इसके लंबे समय से नगर पालिका प्रशासन ने अभियान नहीं चलाया है जिससे अतिक्रमणकारी लगातार कब्जे करते जा रहे हैं।
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शहर का शायद ही कोई ऐसा कोना हो जो अतिक्रमण की चपेट में न हो। फिर चाहे वह व्यस्ततम छोटा चौराहा हो या बड़ा चौराहा। हर तरफ दुकानदारों ने दुकानें फुटपाथों तक बढ़ा ली हैं जिससे सड़कें संकरी होती जा रही हैं। 40 फिट की सड़क 20 फिट ही बची है। शहर में हर समय जाम जैसे हालात रहते हैं। सब्जी मंडी में आधी सड़क ठेलेवाले घेरे रहते हैं। शेष का काफी हिस्सा वाहनों के खड़े होने से घिरा रहता है। ऐसे में आने-जाने के लिए मात्र 10 फिट का ही रास्ता बचता है। जिससे दोनों ओर के ट्रैफिक के निकलने में दिक्कत आती हैं और जाम लग जाता है। शहरवासियों को हर दिन जाम से जूझना पड़ता है। लगातार अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है लेकिन जिम्मेदार अभियान चलाने का कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं। जानकारों की मानें तो वोट बैंक की राजनीति अतिक्रमण हटाओ अभियान के आड़े आ जाती है। इधर नगर पालिका चुनाव में किसी भी प्रत्याशी ने अपने घोषणापत्र में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान और सड़कें साफ कराने का मुद्दा शामिल नहीं किया है। सड़क तो सड़क नाले भी अतिक्रमण की चपेट में हैं।


नवीन मंडी स्थल में जाने को तैयार नहीं दुकानदार
उन्नाव। करीब डेढ़ साल पहले नगर पालिका प्रशासन ने सब्जी दुकानदारों के लिए नवीन मंडी स्थल का निर्माण कराया था लेकिन सुविधाओं के न होने से दुकानदारों ने यहां जाने से इंकार कर दिया। पिछले साल नगर पालिका प्रशासन ने सब्जी दुकानदारों को शिफ्ट करने के लिए कवायद की थी लेकिन राजनीति के आड़े आ जाने से योजना धरी रह गई। सब्जी मंडी के बाहर ठेलेवाले सड़कों तक दुकानें सजाए हैं जो जाम बढ़ाने में सहायक है। व्यापारी नेता रजनीकांत श्रीवास्तव का कहना है कि नवीन मंडी स्थल पर न तो टीनशेड है और न पानी । जगह-जगह जलभराव की स्थिति है। सफाई होती नहीं है। कीचड़ से वाहन निकलने मुश्किल हो जाते हैं। ऐसे में कौन दुकानदार वहां पर जाकर व्यापार करना चाहेगा। इसी प्रकार अनुपम गुप्ता, अजय सिंह आदि का कहना है कि जब तक प्रशासन सही सुविधाएं मुहैया नहीं कराता है तब तक वह लोग वहां शिफ्ट नहीं करेंगे।


शहर में नहीं है पार्किगिं व्यवस्था
उन्नाव। तीन लाख की आबादी वाले शहर में कहीं भी वाहनों के लिए पार्किगिं व्यवस्था नहीं है। लोग इधर-उधर सड़कों पर ही अपने वाहन खड़े कर देते हैं। जानकारों के अनुसार, यदि शहर में तीन-चार स्थानों पर पार्किगिं स्थल बना दिए जाएं तो जाम से निजात मिल सकती है। फुटपाथों को खाली कराकर उन्हें पार्किगिं स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता है। जिला अस्पताल के पास, सब्जी मंडी, एसबीआई बैंक के पास, रामलीला मैदान आदि स्थानों पर फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कराकर पार्किगिं बनाई जा सकती है।


चुनाव समाप्त होने के बाद अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा। फुटपाथों को खाली कराया जाएगा। अतिक्रमण करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। हर हाल में शहरियों को जाम से निजात दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
अनूप कुमार बाजपेई, अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका

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