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प्राचार्या और शिक्षकों मेें सुलह

Unnao Updated Sat, 23 Jun 2012 12:00 PM IST
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उन्नाव। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में डायट प्राचार्या व प्रशिक्षु शिक्षकों के बीच हुई कहासुनी में गुरुवार को बेसिक शिक्षाधिकारी ने दो शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया था। इस पर प्रशिक्षु शिक्षक शिक्षक विधायक राजबहादुर सिंह चंदेल से मिले ओर डायट प्राचार्या के कार्यों से अवगत कराया। शिक्षक विधायक शिक्षकों के पक्ष में डायट पहुंचे और प्राचार्या से मुलाकात की। साथ ही दोनों पक्षों में समझौता कराया।
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शिक्षक विधायक शुक्रवार को शिक्षकों के समर्थन में डायट पहुंचे। जहां शिक्षकों ने बताया कि प्रशिक्षणरत शिक्षकों से प्रथम समेस्टर की परीक्षा में प्राचार्य ने एक हजार रुपए की वसूली की। प्रशिक्षणार्थी जब अपना आकस्मिक अवकाश लेते हैं तब प्राचार्या अवकाश को काटकर अनुपस्थिति लगा देती हैं। हाजिरी रजिस्टरदेख लिया जाए तो हकीकत सामने आ जाएगी। जब मन होता है तब हाजिरी ली जाती है। कहा कि प्रशिक्षण हाल में हम लोगों ने अपने पैसे से पंखे लगवाए थे। प्राचार्या ने उसमें से एक पंखे को बदलवा दिया। अब हमको गर्मियों में पढ़ाई करना पड़ रहा है। आरोप सुनने के बाद श्री चंदेल प्राचार्या कक्ष में पहुंचे और प्राचार्या शमीम खानम से शिक्षकों के आरोपों पर चर्चा की। जब प्राचार्या कोई सही जवाब नहीं दे पाईं तो जोर जोर से रोने लगीं। इस पर चंदेल ने कहा कि रोने से सच्चाई नहीं छिपने वाली। शिक्षकों के खिलाफ जो भी शिकायत जिलाधिकारी से की गई है उसको तत्काल वापस लिया जाए नहीं तो आंदोलन किया जाएगा। शिक्षकों के आरोपों को जब डायट प्राचार्या ने सिरे से नकार दिया तो शिक्षकों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस पर विधायक ने कहा कि यदि इस मुद्दे को यहीं समाप्त करना है तो दोनो पक्ष अपनी अपनी शिकायतें वापस ले लें। प्राचार्या ने अपनी शिकायत वापस लेने का वादा किया। साथ ही शिक्षकों ने भी आरोप वापस लेने की बात कही। तब शिक्षक विधायक ने कहा कि यदि अब कोई समस्या आती है तो प्राचार्या की तरफ से एक पत्र शिक्षक विधायक को भी भेजा जाए ताकि इन मामलों को पहले से ही निपटाया जा सके। विधायक के साथ सत्यदेव सिंह, विवेक सहित अन्य लोग मौजूद थे।
प्रशिक्षुओं के लिए पीने का शुद्ध पानी
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में एक सरकारी नल को छोड़कर पीने योग्य पानी नहीं है। इसकी शिकायत जब शिक्षकों ने शिक्षक विधायक से की तो उनका पारा गरम हो गया। शिक्षकों का आरोप था कि दो महीने पहले डायट प्राचार्या ने वाटर कूलर की मोटर बनने के लिए भेजी थी। जो आज तक नहीं बन पाई। जिस पर डायट प्राचार्या से जानकारी ली गई तो वह कुछ भी जवाब नहीं दे पाईं। जिस पर श्री चंदेल ने कहा कि प्राचार्या का पद एक गरिमामयी पद है। इसके साथ आप खिलवाड़ न करें। यदि यहां हैंडपंप नहीं है तो किसी जनप्रतिनिधि को अवगत कराती या स्वयं हमें बताती एक हैंडपंप यहां लगवाया जाता। शिक्षक विधायक ने एक हैंडपंप लगवाने को भी कहा।
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