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चार साल में बीस फिट गिरा भूगर्भ जलस्तर

Unnao Updated Mon, 18 Jun 2012 12:00 PM IST
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उन्नाव। नीचे गिरते भूगर्भीय जल स्तर को ऊपर उठाने के लिए अरबों रुपए खर्च कर जिले में हजारों तालाब खोदे गए। मगर यह कवायद बेकार साबित हुई। हालत यह है कि नवनिर्मित तालाबों में धूल उड़ रही है। वहीं पुराने तालाब और पोखर जीर्णोद्धार के अभाव में अस्तित्व खो रहे हैं। जिसका खामियाजा ग्रामीण इलाकों में पशु पक्षियों को भुगतना पड़ रहा है।
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दिनोदिन नीचे गिरता जलस्तर खतरे का संकेत दे रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू हैंडपंप पानी छोड़ चुके हैं। ट्यूबवेल भी बमुश्किल आधा ही पानी दे पा रहे हैं। यह हाल तब है जब भूगर्भीय जल स्तर को ऊपर उठाने के लिए जिला प्रशासन ने पानी की तरह पैसा बहा कर मनेरगा के तहत जिले में हजारों नए तालाब खुदवाए हैं। बावजूद इसके जल स्तर में कोई सुधार नहीं हुआ। वित्तीय वर्ष 2006-07 तक जिले में कुल 25827 तालाब थे। इसके बाद वर्ष 2006-07 से 2008-09 तक मनरेगा के तहत कुल 2862 नए तालाबों का निर्माण कराया गया। यही नहीं वित्तीय वर्ष 2009-10 में जिले की सभी 954 ग्राम पंचायतों में एक एक तालाब को माडल तालाब बनाने पर 55 करोड़ रुपए खर्च किए गए। 2010-11 में भी 150 नए तालाब खोदे गए। इस सबके बाद भी मौजूदा समय में हालात यह है कि तालाबों में पानी बूंद तक नजर नहीं आ रहा है। तालाबों के सूखे होने से पशु पक्षियों के लिए भी पानी का सहारा नहीं रहा।
भूगर्भ जल स्तर की स्थिति (गहराई फिट में)
वर्ष पहला दूसरा तीसरा
2009 40-45 70-80 115-125
2010 45-55 80-95 130-150
2011 52-60 90-100 135-165
2012 60-65 100-110 160-170

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