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सड़कों की पैचिंग को मिले महज 30 लाख

Unnao Updated Thu, 14 Jun 2012 12:00 PM IST
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उन्नाव। पांच विधायकों वाले जिले के बत्तीस लाख नागरिकों को फिलहाल हिचकोले देने वाली सड़क यात्रा से मुक्ति मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे है। खस्ताहाल सड़कों सहित जिले की आठ सौ से अधिक छोटी-बड़ी सड़काें को गड्ढामुक्त बनाने और उनकी मरम्मत करने के लिए राज्य सरकार ने केवल तीस लाख रुपए जारी किए हैं। इतनी कम राशि से सड़कों को कैसे गड्ढा मुक्त किया जाएगा लोक निर्माण विभाग के अधिकारी इसी उधेड़बुन में लगे हुए हैं।
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जिले की करीब 2900 किलोमीटर सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने और उनकी मरम्मत के लिए राज्य सरकार ने वर्तमान वित्त वर्ष में मात्र तीस लाख रुपया जारी किया है। इसमें से पंद्रह लाख रुपया खस्ताहाल ग्रामीण सड़काें और पंद्रह लाख रुपया राज्य राजमार्ग, मुख्य जिला मार्ग और अन्य जिला मार्गों की मरम्मत पर खर्च किया जाना है। जिले में दो राज्य राजमार्ग हैं। जिले में लखनऊ-मोहान-बांगरमऊ-बिल्हौर राजमार्ग का फैलाव 60.465 किलोमीटर है। इसके अलावा बिलग्राम-उन्नाव- इलाहाबाद राज्य राजमार्ग का 66 किलोमीटर हिस्सा जिले में पड़ता है। जिले के मुख्य मार्गों कीे पचास किलोमीटर लंबे रसूलाबाद-चकलवंशी सहित 130 किलोमीटर लंबाई है। 30 अन्य जिला मार्गाें की लंबाई 626.10 किलोमीटर है। इसके अलावा जिले की आठ सौ ग्रामीण सड़कों की लंबाई 2031 किलोमीटर है। लोक निर्माण विभाग के सूत्रों के मुताबिक प्रत्येक सड़क का पांच से दस प्रतिशत भाग प्रतिवर्ष मरम्मत योग्य हो जाता है। यदि लोक निमार्ण विभाग के मानकों को माना जाए तो प्रतिवर्ष जिले में करीब 145 से 290 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत की जाती है। लोक निर्माण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2011-12 में एक किलोमीटर सड़क की मरम्मत के लिए छह लाख रुपया खर्च किया था। इस आधार पर जिले की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए कम से कम आठ करोड़ सत्तर लाख रुपए की दरकार है। उन्नाव शुक्लागंज राजमार्ग खस्ताहाल है। अकेला यही मार्ग पांच किलोमीटर से अधिक क्षतिग्रस्त और खराब हालत में है। राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए तीस लाख रुपए तो सिर्फ इस मार्ग की मरम्मत में ही खर्च हो जाएंगे। लखनऊ-बिल्हौर मार्ग भी कई जगह काफी खराब हो चुका है। ग्रामीण मार्गों की हालत तो कई जगह बहुत ही खराब है। मरम्मत के लिए आई तीस लाख रुपये की धनराशि से किस सड़क की मरम्मत की जाए लोक निर्माण विभाग के अधिकारी यह तय नहीं कर पा रहे हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक यह धनराशि सबसे पहले लखनऊ-मोहान-बांगरमऊ-बिल्हौर मार्ग पर खर्च की जाएगी क्योंकि इस मार्ग से होकर ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का इटावा और कन्नौज आना जाना होता रहता है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता जीडी सूत्रकार अपने कार्यालय में नहीं मिले और न उन्होंने इस संबंध में संपर्क किए जाने पर फोन ही उठाया।
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