बिजली विभाग को देना होगा जुर्माना

Unnao Updated Tue, 12 Jun 2012 12:00 PM IST
उन्नाव। बकाया जमा करने व कनेक्शन कटवाने के बाद भी बिल भेजने पर उपभोक्ता फोरम ने बिजली विभाग पर जुर्माना ठोंका है। फोरम ने विभाग को उपभोक्ता को 20 हजार रुपए क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा दो हजार रुपए परिवाद व्यय भी देना होगा। साथ ही निर्देश दिए हैं कि विभाग जल्द ही उपभोक्ता को पीडी जारी करे और अधिभार रहित बिल दे।
हसनगंज तहसील के औरास के ग्राम नंदौली के रामाधीन ने घरेलू कनेक्शन करवाया था। उनकी कनेक्शन संख्या बदल गई। इसके चलते उन्होंने दो बार में क्रमश: 125 व 175 रुपए जमानत राशि जमा कर दी थी। कुछ दिन बाद उसने कनेक्शन कटवाना चाहा। इस पर बकाया बिलरुपए 571 और विच्छेदन शुल्क रुपए 100 क्रमश: 26 व 30 सितंबर 2000 को जमा कर दिए। इसके बाद उसका कनेक्शन विद्युत वितरण खंड मियागंज के लाइनमैन व कर्मचारियोें के माध्यम से कटवा दिया गया। बकौल रामाधीन, कनेक्शन कटने के 8 साल बाद अक्टूबर 2008 में विभाग से उनको 18 हजार 516 रुपए का बिल मिला। इस पर वह संबंधित अधिकारी से मिले लेकिन सुनवाई नहीं हुई बल्कि बिल जमा करने के लिए कहा गया। पता चला कि जेई मियागंज ने पीडी बनाकर नहीं दी इसलिए बिल आए हैं। इस पर उन्होंने फोरम की शरण लेते हुए अधिशाषी अधियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय व मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के खिलाफ केस दायर किया। फोरम अध्यक्ष पीयूष कुमार व सदस्या मनीषा सक्सेना ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पाया कि पीड़ित ने जो जमा बिल की रसीदें लगाई हैं वह सही हैं। जेई को एक सप्ताह में रिपोर्ट देनी थी लेकिन अवर अभियंता ने अपनी ड्यूटी नहीं निभाई। विभागीय अधिकारियों ने सेवा में कमी की है। अध्यक्ष पीयूष कुमार ने विभाग को 20 हजार रुपए क्षतिपूर्ति और दो हजार रुपए परिवाद व्यय देने के आदेश दिए।


जेई व बिल भेजने वाले कर्मचारी ने की गंभीर लापरवाही
उन्नाव। फोरम ने पाया कि एक्सईएन ने 3 अक्टूबर 2000 को संबंधित जेई को यह आदेश दिया था कि वह एक सप्ताह के अंदर आख्या प्रस्तुत करें लेकिन उन्होंने रिपोर्ट नहीं दी। फोरम के अनुसार, जेई और बिल भेजने वाले कर्मचारी ने गंभीर लापरवाही की है। फोरम का तो यहां तक कहना था कि वास्तव मेें जेई के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही जो भी हानि विभाग को उठानी पड़ रही है कि वह वास्तव में संबंधित जेई और बिल भेजने वाले कर्मचारी से वसूल की जानी चाहिए।


सरचार्ज तभी वसूलें जब धनराशि की सही हो डिमांड
उन्नाव। फोरम ने आदेश दिया कि विपक्षी 10 अक्टूबर 2010 तक जो भी बिल की राशि होती है वह जमा कराएं। विभाग सरचार्ज तभी ले सकते हैं जब उनके द्वारा सही धनराशि की डिमांड की गई हो और उपभोक्ता ने अदा न की हो। इस मामले में विभाग द्वारा सही राशि की डिमांड नहीं की गई। इसलिए विभाग सरचार्ज नहीं वसूल सकता।

Spotlight

Most Read

Dehradun

आरटीओ में गोलमाल, जांच शुरू

आरटीओ में गोलमाल, जांच शुरू

21 जनवरी 2018

Related Videos

यूपी में कोहरे का कहर जारी, ट्रक और कार की टक्कर में तीन की मौत

कन्नौज के तालग्राम में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर कोहरे के चलते एक भीषण सड़क हादसा हो गया। कोहरे की वजह से पीछे से आ रही कार के चालक को सड़क पर खड़ा ट्रक  नजर नहीं आया और उनमें कार जा टकराई। हादसे में तीन की मौत हो गई।

10 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper