बिजली चोरी नहीं रोक पा रहे अफसर

Unnao Updated Fri, 08 Jun 2012 12:00 PM IST
उन्नाव। विद्युत अफसरों के लाख प्रयासों के बाद भी बिजली चोरी नहीं रुक पा रही है। शहरी क्षेत्र व कस्बों में धड़ल्ले से खुले तारों में कटिया डालकर बिजली चोरी की जा रही है। कटिया धारक बिजली विभाग को राजस्व का तगड़ा नुकसान पहुंचा रहे हैं। मजे की बात यह है कि विद्युत अधिकारी लगातार कटियाधारकों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं लेकिन, नतीजा सिफर है। इसका खामियाजा अधिकृत उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
शहर में दर्जनों ऐसे मोहल्ले हैं जहां कटिया से घर रोशन हो रहे हैं। कासिम नगर, शिवनगर, आदर्श नगर, गांधी नगर, पूरन नगर, कब्बाखेड़ा, तालिबसराय, किला, डीएसएन कालेज रोड, पीताम्बर नगर, हिरन नगर सहित अन्य मोहल्लों में खुले तारों में कटिया का संजाल आसानी से देखा जा सकता है। कासिम नगर में तो बाकायदा मुख्य सड़क से निकलने पर ऊपरी से गुजरे तारों पर भारी संख्या में कटिया दिख जाती है। विद्युत अधिकारियों की आंख में धूल झोंकने के लिए कटियाधारक दिन में तार खींच लेते हैं। अंधेरा होते ही फिर तारों पर कटिया नजर आने लगती हैं। मजे की बात यह है कि विद्युत विभाग के अधिकारी दिन और रात में चेकिंग अभियान चलाते हैं लेकिन कटियाधारक उनकी पकड़ में नहीं आते हैं। सूत्रों की मानें तो कटियाधारक क्षेत्र के विभागीय अधिकारी व कर्मचारियों से सेटिंग रखते हैं। हर माह एक निश्चित रकम पहुंचाई जाती है। जिस कारण छापे की खबर पहले ही पहुंच जाती है। अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही कटियाधारक इसकी भनक लगते ही कटिया उतार लेते हैं। कटिया के चलते आए दिन ट्रांसफार्मर ओवरलोड होकर फुंकते हैं और तार टूटते हैं। इसकी खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ता है। कटिया से लाइन लॉस की भी समस्या से जूझना पड़ता है। बताया जाता है कि वर्तमान में लाइन लॉस करीब बीस प्रतिशत है। जानकारों की मानेें जब तक कटियाधारकों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाएगी तब तक विद्युत व्यवस्था नहीं सुधरेगी।

इंसेट
ग्रामीण क्षेत्रों में तो सेटिंग पर होता है काम
उन्नाव। ग्रामीण अंचलों में तो सालों में एकाध बार चेकिंग होती है। उसमें भी अधिकारी केवल औपचारिकता निपटाते हैं। कुछ गांवों में टीमें जाती ही नहीं हैं। अवर अभियंता निचले कर्मचारियों को भेजकर कटिया की चेकिंग के नाम पर खानापूर्ति करते हैं। नवाबगंज, गंजमुरादाबाद, बांगरमऊ, पुरवा, अजगैन, सफीपुर, बीघापुर, सिकन्दरपुर सरोसी सहित अधिकांश ग्रामीण अंचलों में अधिकांश गांव कटिया के सहारे रोशन हो रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, सेटिंग के सहारे गांवों में बिजली जलती है। हर गांव मेें कनेक्शन यदि 10 होंगे तो कटियाधारक बीस। यह कटियाधारक अवर अभियंता व लाइनमैनों की कृपा व चढ़ावे पर बिजली जलाते हैं। हर माह एकमुश्त रकम क्षेत्रीय विद्युत अधिकारी को पहुंचाई जाती है जिसके बदले कटियाधारक मौज करते हैं।

इंसेट
क्या कहते हैं जिम्मेदार
कटियाधारकों के खिलाफ चेकिंग अभियान लगातार चलाया जा रहा है। यदि बिजली चोरी मिलती है तो चोरी करने वालों पर कार्रवाई की जाती है। ग्रामीण अंचलों में भी कटियाधारकों के खिलाफ टीमें बनाकर चेकिंग कराई जाएगी।
संजय सिंह अधिशाषी अभियंता

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