बांगरमऊ में नहीं लगे मां-शिशुओं को टीके

Unnao Updated Thu, 07 Jun 2012 12:00 PM IST
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उन्नाव। मातृ शिशु मृत्युदर कम करने की सरकारों की कवायद बांगरमऊ की बाल विकास परियोजना अधिकारियों की लापरवाही की भेंट चढ़ गई है। टीकाकरण अभियान से लेकर पोषाहार वितरण तक की परियोजनाएं परिणाम से कोसोें दूर हैं। पिछले दिनों जिला कार्यक्रम अधिकारी ने अपनी जांच में बाल विकास परियोजना बांगरमऊ में कई खामियां पाईं। उन्होंने सीडीपीओ सहित कई कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने के साथ ही रिपोर्ट आलाधिकारियों को भेज कर दी है।
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स्वास्थ्य सेवाओं के लिए माडल जिला घोषित किए जाने के बाद से शासन और प्रशासन यहां मातृ-शिशु मृत्युदर कम करने मेें जुटा है। इसके तहत जिले भर में टीकाकरण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसमें बाल विकास परियोजना के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी लगाया गया है। 19 मई को जिला कार्यक्रम अधिकारी पल्लवी मिश्रा ने बांगरमऊ बाल विकास परियोजना का दौरा किया। निरीक्षण में पाया कि परियोजना कार्यालय में बहुत अधिक संख्या में मातृ एवं शिशु रक्षा कार्ड, ग्रोथ चार्ट, 5 वजन मशीनें और 8 कंटेनर बांटे ही नहीं गए थे। डीपीओ के मुताबिक जिले पर होने वाली साप्ताहिक समीक्षा बैठक में सभी सीडीपीओ को लगातार यह निर्देश दिए जाते हैं कि मातृ शिशु रक्षा संबंधित सभी सामग्री जल्द से जल्द वितरित की जाए। कार्ड, चार्ट, वजन मशीन और कंटेनर न बांटे जाने को जिला कार्यक्रम अधिकारी ने गंभीरता से लिया है। निरीक्षण में सीडीपीओ रंजना मिश्रा, मुख्य सेविका अनारकली, आशा देवी और शैलबाला अनुपस्थित पाई गई थीं। कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों ने मुख्य सेविकाओं के भ्रमण पर जाने की बात बताई लेकिन उनका भ्रमण रजिस्टर भी नहीं दिखा सके। इ पर डीपीओ ने निष्कर्ष निकाला कि कोई भी अधिकारी व कर्मचारी कार्यालय में बैठता ही नहीं है। यहां तक कि सीडीपीओ रंजना मिश्रा बिना किसी छुट्टी की सूचना के दो दिन कार्यालय नहीं पहुुंची थीं। उपस्थिति रजिस्टर में 18 व 19 मई को उनके हस्ताक्षर दर्ज नहीं थे। पोषाहार वितरण के कागजात में भी दिनांक के साथ स्टाक का सत्यापन कराए जाने की बात सामने आई। डीपीओ पल्लवी मिश्रा ने सीडीपीओ बांगरमऊ रंजना मिश्रा, मुख्य सेविका अनारकली, आशा देवी, शैलबाला आदि का एक दिन का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने के साथ ही सभी से स्पष्टीकरण तलब किया है।
बिना सत्यापन बांट दिया पुष्टाहार
उन्नाव। बाल विकास परियोजना को जिले से मिला पुष्टाहार उपजिलाधिकारी या उसके प्रतिनिधि द्वारा सत्यापित कराया जाता है। बांगरमऊ बाल विकास परियोजना कार्यालय का निरीक्षण में डीपीओ पल्लवी मिश्रा ने पाया कि एसडीएम से सत्यापन कराए बिना ही आंगनवाड़ी कार्यत्रियों को पुष्टाहार बांटा गया। उन्होंने इसे प्रभारी अधिकारी की शिथिलता माना है।
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