जिले के 675 गांव बिजली विहीन

Unnao Updated Thu, 07 Jun 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
उन्नाव। ग्रामीण विद्युतीकरण के लिए जिले में शुरू हुई हर योजना दम तोड़ गई। आलम यह है कि जिले के 675 गांव अब तक विद्युतीकरण की बाट जोह रहे हैं। 300 गांव ऐसे भी हैं जिनमें बिजली तो पहुंची मगर काम पूरा होते ही तार और ट्रांसफारमर चोरी हो गए। नतीजतन यह 300 गांव कागजों पर ही रोशन हो पाए। इन गांवों में रहने वाले ग्रामीण डिबरी के सहारे अपने घरों को रोशन कर रहे हैं। घरेलू विद्युत उपकरण, उद्योग और कारखानों की उम्मीद करना इन गांव वालों के लिए आज भी सपना है।
विद्युतीकरण के सहारे गांवों में समृद्धि लाने का सपना जिले में साकार नहीं हो सका। जिले के 1798 गांवों में आबाद गांव 1693 हैं। पंचायतराज विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 1693 आबाद गांवों में से सिर्फ 1018 गांव ही ऐसे हैं जिनमें अब तक बिजली पहुंची है। ग्रामीण विद्युतीकरण के कागजी आंकड़ों और जमीनी हकीकत में भी बड़ा अंतर है। विभाग के अभिलेखों में जिन गांवों को विद्युतीकृत दर्शाया जा रहा है उनमें से सैकड़ों ऐसे हैं जिनका विद्युतीकरण होते ही चोर रातोंरात तार और ट्रांसफारमर उड़ा ले गए।


65 करोड़ खर्च फिर भी 620 गांव अंधेरे में
उन्नाव। जिले के गैर विद्युतीकृत गांवों की तस्वीर बदलने के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई अति महत्वाकांक्षी राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना भी फ्लाप साबित हुई।
वर्ष 2005 में शुरू हुई राजीव गांधी ग्राम विद्युतीकरण योजना के तहत 65 करोड़ रुपए से जिले के 620 गांवों तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य था। तमाम कवायदों के बावजूद 2009 तक सिर्फ 350 गांवों का विद्युतीकरण हो पाया। हैरानी की बात यह है कि 350 में से सिर्फ 192 गांव ही ऐसे रहे जिनमें बिछाई गईं लाइनों में करेंट दौड़ पाया। शेष लाइन चालू की जाती, इससे पहले ही तार चोरी हो गए। गांव में बिजली आने की बाट जोह रहे ग्रामीणों को सपना साकार होने की उम्मीद तो नजर आई लेकिन समय बीतने के साथ निराशा में बदल गई। बेतहाशा तार चोरी ने ठेका लेने वाली कंपनी का भट्ठा बैठा दिया। कंपनी आगे आगे विद्युतीकरण कराती रही औैर पीछे तार और उपकरण चोरी होते गए। पूरा बजट खर्च होने के बाद भी जब गांवों के विद्युतीकरण का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया तो कंपनी काम छोड़ कर भाग गई। विद्युत विभाग इसके लिए लगातार कार्रवाई कर रहा है मगर अब तक सारी कवायद बेनतीजा ही साबित हुई।


मिली भगत से चोरी
उन्नाव। विभाग के सूत्रों के मुताबिक तार चोरी में विभाग के ही कुछ कर्मचारी और ठेकेदारों का हाथ रहा। सूत्रों का दावा है कि योजना के तहत ठेका लेने वाली कंपनी एक ओर गांवों का विद्युतीकरण करती और आपूर्ति चालू होने से पहले ही चोर तार काट ले जाते। मौजूदा समय में एक सैकड़ा से अधिक गांव ऐसे हैं जिनमें लगाए गए पोल तक चोरी हो चुके हैं।


आरएपीडीआरपी बदलेगी तस्वीर
उन्नाव। अधिशासी अभियंता एसके सिंह नें बताया कि योजना के तहत गांवों के विद्युतीकरण का काम लेने वाली कंपनी के खिलाफ कार्रवाई चल रही है। कंपनी के गोदाम को कई साल पहले ही सील कर दिया गया था। उन्होंने माना कि ग्रामीण विद्युतीकरण की हालत काफी खराब है। उन्होंने बताया कि आरएपीडीआरपी योजना के तहत बिजली आपूर्ति व्यवस्था का आधारभूत ढांचा सुधारा जाएगा।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Rajasthan

भाजपा विधायक बोले, विश्व के पहले आदिवासी थे हनुमान

विधायक ने 2016 में कहा था कि जेएनयू में हर दिन 3 हजार कॉन्डोम और 2 हजार शराब की बोतलें पाई जाती हैं।

28 मई 2018

Related Videos

VIDEO: उन्नाव में गंगा स्नान करने गई मासूम के साथ रेप

उन्नाव जनपद में एक बार फिर हैवानियत की घटना सामने आई है। यहां एक नौ साल की मासूम के साथ बलात्कार किया गया। यूपी पुलिस मामला दर्ज कराने के बजाय सीमा विवाद में उलझी रही। पीड़िता और उसकी मां को रातभर थाने में ही बैठाकर रखी रही। देखिए रिपोर्ट।

25 मई 2018

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे कि कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स और सोशल मीडिया साइट्स के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज़ नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज़ हटा सकते हैं और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डेटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy और Privacy Policy के बारे में और पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen