दस साल में नहीं बदला फुंका ट्रांसफार्मर

Unnao Updated Tue, 05 Jun 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
उन्नाव। विकासखंड मियागंज के दो गांवों में ट्रांसफार्मर खराब होने से पिछले 10 सालों से लोग अंधेरे में जीवन यापन कर रहे हैं। लाइन खिंची होने के बाद भी ग्रामीणों को आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। हालात यह हैं कि खंभे व तार शोपीस बने हुए हैं। खराब ट्रांसफार्मर भी जस का तस रखा है।
विज्ञापन

विकासखंड के गांव दीपागढ़ी व धौकलखेड़ा में कहने को तो बीते दस वर्षों से बिजली है लेकिन हर घर मे अंधेरा पसरा रहता है। एक बार ट्रांसफार्मर फुंका तो उसे बदला ही नहीं गया। इन दस वर्षों में सिर्फ सन् 2009 में दिसंबर में ही बिजली आई। बाकी वर्ष दोनों गांव अंधेरे में ही डूबे रहे। इन गांवों में खंभे लगे हैं, उनमें तार भी खिंचे हैं लेकिन खराब ट्रांसफार्मर के कारण आपूर्ति नहीं दी जा रही है। यही नहीं ट्रांसफार्मर जमीन पर पड़ा है। गांव वालों का कहना है कि कई बार अवर अभियंता व बिजली विभाग के आला अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन कोई भी अफसर समस्या के निस्तारण पर गंभीर नहीं दिखा। इन गांवों मे रहने वाले ग्रामीण बताते हैं कि इस भीषण गर्मी में बिजली न आने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दीपागढ़ी निवासी राकेश कुमार, शारदा सिंह व सुरेश कुमार बताते हैं कि गांव में बिजली आए दस साल हो गए हैं। खंभे तार भी लगे हैं लेकिन ट्रांसफार्मर खराब होने से सप्लाई बंद पड़ी है। उनका कहना था कि इन दोनाें गांवों कुल 160 कनेक्शन हैं। भीषण गर्मी में बिजली न होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना था कि दिसंबर 09 में जब एक दिन लाइट आई तो यह आशा बंधी कि अब लाइट मिला करेगी। कुछ घंटे सप्लाई मिलने के बाद ट्रांसफार्मर धुआं देने लगा और बिजली गुल हो गई। उसके बाद से तीन साल बीत गए लाइट नहीं आई। वहीं धौकलखेड़ा में रहने वाले लवकुश, रामबालक व सुरेश बताते हैं कि इस गांव में लगे खंभे केवल देखने के लिए ही लगे हुए हैं। कहने को तो इस गांव में बत्ती है लेकिन न होने के बराबर है। बिजली कर्मचारी कभी यहां देखने नहीं आते। चुनाव के समय नेता बड़े बड़े वादे करके जाते हैं लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद भूल जाते हैं। उनका कहना था कि इतने वर्ष हो गए कुछ पोल तो टूट भी गए हैं। जिससे तार लटके हैं। मजे की बात यह है कि ग्रामीणों ने अवर अभियंता को मामले की जानकारी दी लेकिन जेई ने उच्चाधिकारियों के संज्ञान में मामले को लाना मुनासिब नहीं समझा।
मामले की जानकारी नहीं है। फिर भी दिखवाया जाएगा। पहले यह पता कराया जाएगा कि गांव में कनेक्शन हैं या नहीं। ग्रामीण एक बार हमें आकर शिकायतीपत्र दें। आपूर्ति दुरुस्त कराई जाएगी।
राजाबाबू कटियार अधिशाषी अभियंता द्वितीय
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X
  • Downloads

Follow Us