पेंशन और छात्रवृत्ति अब समय पर

Unnao Updated Wed, 16 May 2012 12:00 PM IST
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उन्नाव। शहर के कांशीराम कालोनी निवासी वृद्ध बाबूराम छह माह से पेंशन के लिए बैंक के चक्कर काट रहे थे। खाते में नाम दूसरा होने के कारण उसे पेंशन न आने की बात कह लौटा दिया जाता था। जिले में इस तरह बैंकों के चक्कर लगाने वाले हजारों पेंशन धारकों को अब परेशान नहीं होना पड़ेगा। पेंशन और छात्रवृत्ति प्रक्रिया को और सरल बनाते हुए विभाग से सीधे लाभार्थी के खाते में धनराशि ट्रांसफर करने की कवायद शुरू की गई है। प्रदेश में यह पायलट योजना समाज कल्याण विभाग ने शुरू की है।
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लाभार्थियों की पेंशन बैंक खाते में पहुंचने मेें अक्सर कई दिन का विलंब हो जाता है। इसको लेकर मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी विवेक ने बैंकर्स और समाज कल्याण अधिकारी के साथ बैठक की। बैठक में सामने आया कि पेंशन की राशि लाभार्थी के खातें में कई पड़ाव पार कर पहुंचती है। किसी स्तर पर नाम, पता, खाता संख्या या अन्य कमियां होने के कारण पेंशन खाते में नहीं पहुंच पाती है। कभी कभी लाभार्थी को चार महीने तक भटकना पड़ता है। इन समस्याओं को दूर करने के लिए कई निर्णय लिए गए। इसके तहत पहले चरण में बैंक और समाज कल्याण विभाग में दर्ज लाभार्थियों के खातों का मिलान किया जाएगा। सभी बैंकोें की शाखाओं को ब्र्रांचवार लाभार्थियों की हार्ड कापी भेजी जाएगी। लाभार्थियों की इस लिस्ट में बैंक अपने यहां मौजूद खाता धारकों को चेक करके आईएफएससी कोड और सीबीएस आवंटित करेंगे। इसी समय हार्ड कापी में खाता धारकों के नाम, पता या फिर खाता नंबर की गलतियों को स्पष्ट संकेतों और कारणों का उल्लेख करते हुए विभाग को वापस भेजा जाएगा। इन गलतियों को सुधार कर एरर फ्री लिस्ट बनाई जाएगी। अभी तक प्रशासन से धनराशि बैंक की मुख्य शाखा को भेजी जाती थी। इसके बाद बैंक राशि अपनी शाखाओं में भेजते थे। इसमें देर के साथ त्रुटि होने पर लाभार्थी को चक्कर लगाने पड़ते थे। अब आरटीजीएस (रियल टाइम ग्रॉस सेटेलमेंट) और एनईएफटी (नेशनल इलेक्ट्रानिक फंड ट्रांसफर) से लाभार्थियों के खाते में सीधे ही 15 मिनट में धनराशि पहुंचा दी जाएगी। पहले चरण का काम एक सप्ताह के भीतर और दूसरा चरण 30 मई तक पूरा हो जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी विवेक ने बताया कि यह कार्यक्रम जिले में पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू किया गया है। यहां सफलता मिलने के बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। बताया कि पायलट प्रोजेक्ट तैयार करने की जिम्मेदारी एनआईसी के जिला सूचना विज्ञान प्रभारी एसके निगम और पंजाब नेशनल बैंक के चीफ मैनेजर आरके चोपड़ा को साैंपी गई है।
नहीं बंद होगा पेंशन खाता
उन्नाव। बैठक में बैंकर्स ने सीडीओ को बताया कि पेंशनधारकों का जीरो बैलेंस पर खाता खोला जाता है। इस खाते में यदि दस हजार रुपया जमा हो तो फिर खाता बंद हो जाता है। यानी कि जीरो बैलेंस खाते में दस हजार से अधिक धनराशि नहीं रखी जा सकती। इस पर सीडीओ विवेक ने ऐसे खातों को पेंशन खाते में तब्दील करने के निर्देश दिए। पेंशन खाता पांच रुपये से खुलता है और इसमें जमा धनराशि की सीमा नहीं होती है।


शामिल होंगे एमडीएम, एआईवाई व अन्य खाते
उन्नाव। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विवेक ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद इसमें अन्य विभागों के लाभार्थियों को शामिल किया जाएगा। मध्यान्ह भोजन बनाने वाले रसोईयों का मानदेय, इंदिरा आवास योजना के लाभार्थियों की किस्तें आदि भी इसी प्रक्रिया से सीधे उनके खाते में पहुंचेंगी।
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