विज्ञापन

पुरवा एसडीएम बने असोहा ब्लाक के प्रशासक

Unnao Updated Fri, 11 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
ब्लाक प्रमुख के इस्तीफा देने के कारण खाली हुई कुर्सी
विज्ञापन
उन्नाव। असोहा ब्लाक प्रमुख अरविंद उर्फ नीटू बाजपेयी के इस्तीफा देने केे बाद पुरवा उपजिलाधिकारी बीपी पाल ने प्रशासक का पद संभाला है। अगले ब्लाक प्रमुख का चुनाव होने तक एसडीएम ही ब्लाक के कार्य संपन्न कराएंगे।
बसपा सरकार में सत्ता के दम पर ब्लाक प्रमुख की कुर्सी निर्विरोध हथियाने वाले अरविंद बाजपेयी उर्फ नीटू का बीडीसी सदस्यों ने सत्ता बदलते ही विरोध शुरू कर दिया था। अप्रैल के प्रथम सप्ताह में 58 बीडीसी सदस्योें ने डीएम अनामिका सिंह को शपथपत्र सौंपकर नीटू के खिलाफ अविश्वास जताया था। डीएम के निर्देश पर डीपीआरओ नंदनी जैन ने अविश्वास प्रस्ताव पर बहस और मतविभाजन के लिए 10 अप्रैल का दिन निश्चित किया था। नीटू बाजपेयी ने अविश्वास प्रस्ताव का सामना करने से पहले ही 8 अप्रैल को प्रमुख पद से इस्तीफा देने का पत्र जिलाधिकारी अनामिका सिंह को सौंप दिया था। जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति रावत ने ब्लाक प्रमुख का इस्तीफा स्वीकार करने के बाद इसकी सूचना विकास खंड कार्यालय, मुख्य विकास अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिलाधिकारी और प्रमुख सचिव पंचायती राज अधिकारी को लिखित रूप से की थी। प्रमुख के इस्तीफे के बाद ब्लाक के प्रशासनिक कार्य संपन्न कराने के लिए प्रशासक की नियुक्ति की तैयारियां शुरू हो गई थीं। गुरुवार को जिलाधिकारी अनामिका सिंह ने पुरवा एसडीएम बीपी पाल को असोहा ब्लाक का प्रशासक नियुक्त कर दिया। जिला पंचायत राज अधिकारी नंदनी जैन ने बताया कि एसडीएम पुरवा और असोहा ब्लाक प्रमुख बीके यादव के संयुक्त हस्ताक्षर से ब्लाक के कार्यों का संचालन और संपादन होगा। यह व्यवस्था अगले जिला पंचायत अध्यक्ष के चुने जाने तक जारी रहेगी।
इनसेट
क्या हैं प्राविधान
उन्नाव। ब्लाक प्रमुख की कुर्सी खाली होने पर उ.प्र. क्षेत्र पंचायत एंव जिला पंचायत एक्ट की धारा 9 (2) के तहत जिलाधिकारी अपने विवेक से किसी प्रशासक की नियुक्ति कर सकता है या फिर तीन क्षेत्र पंचायत सदस्यों की समिति बना सकता है। असोहा में जिलाधिकारी अनामिका सिंह ने एसडीएम पुरवा को ब्लाक का प्रशासक नियुक्त किया है।
वोटिंग भले न हुई, पर
ब्लाक में गहमागहमी
अविश्वास प्रस्ताव पर दस मई को होनी थी चर्चा
दो दिन पहले ही प्रमुख नीटू ने दे दिया इस्तीफा
असोहा (उन्नाव)। पूर्व निर्धारित तिथि के अनुसार असोहा ब्लाक में ब्लाक प्रमुख के खिलाफ सदस्यों द्वारा दिए गए शपथ पत्रों की जांच आज होनी थी। लेकिन दो दिन पहले ही ब्लाक प्रमुख नीटू बाजपेई ने इस्तीफा दे दिया, इससे गुरुवार को शपथ पत्रों की जांच भी नहीं की गई। इसके बावजूद ब्लाक में बीडीसी और क्षेत्रीय नेताओं का मजमा लगा रहा।
अरविंद बाजपेई (नीटू) के इस्तीफा दे देने के बाद सपाइयों ने ब्लाक परिसर में जमकर मिठाई बांटकर व एक दूसरे को गले लगाकर जश्न मनाया। लगभग एक वर्ष पूर्व हुए ब्लाक प्रमुख के चुनाव में नीटू बाजपेई सत्ता के दबाव के चलते निर्विरोध चुने गए थे। एक वर्ष तो कार्यकाल ठीक चला लेकिन जैसे ही सपा की सरकार सूबे में बनी तो ब्लाक प्रमुख संघ के अध्यक्ष के खिलाफ ताना-बाना बुना जाने लगा और एक माह पूर्व ब्लाक के 68 क्षेत्र पंचायत सदस्यों में से 58 सदस्यों ने ब्लाक प्रमुख के खिलाफ राजकुमार रावत की अगुवाई में जिलाधिकारी को शपथ पत्र के रूप में अपना-अपना अविश्वास प्रस्ताव दिया। जिसको स्वीकार करते हुए जिलाधिकारी ने आज की तारीख देते हुए जांच के आदेश दिए थे। लेकिन दो दिन पूर्व ही ब्लाक प्रमुख के इस्तीफा देे देने के चलते जांच नहीं हुई। पूर्व प्रमुख राजकुमार रावत के फिर ब्लाक प्रमुख बनने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। क्षेत्रीय विधायक उदयराज यादव के पहुंचने के बाद ब्लाक में चेहरा दिखाने वालों की होड़ सी लग गई। मुख्य रूप से अब्दुलबारी पूर्व चेयरमैन पुरवा, भगौती रावत जिला पंचायत सदस्य सतीश त्रिपाठी सुरेश बाजपेई, रमेश यादव, जवाहर यादव, हरिकेश यादव, सुरेश यादव, बंशराज सिंह, शीतल प्रसाद सहित सैकड़ों की संख्या में सपा के कार्यकर्ता मौजूद रहे।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Kanpur

आरोप दुष्कर्म का 'न जांच न कार्रवाई', पुलिस बोली- 'दोनों पति-पत्नी की तरह रह रहे हैं'

यूपी के उन्नाव जिले में सफीपुर कोतवाली कोतवाली क्षेत्र के अटवा गांव के पास जंगल में बंधक बनाकर रखी गई युवती के साथ दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने बिना किसी जांच के युवती को युवक के साथ भेज दिया। पुलिस के मुताबिक दोनों पति-पत्नी की तरह रह रहे हैं। 

24 सितंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

उन्नाव: घर में घुसकर चार लोगों ने लड़की को जिंदा जलाया, अस्पताल में मौत

उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार भले ही कितने भी दावे कर ले पर महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। ऐसा इसलिए कहना पड़ रहा है क्योंकि एक बार फिर उन्नाव में एक लड़की को जिंदा जला दिया गया, अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

13 सितंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree