फर्जी दस्तावेजों से बन रहे प्रमाण पत्र

Unnao Updated Wed, 02 May 2012 12:00 PM IST
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उन्नाव। प्रदेश सरकार ने आय, जाति, निवासी प्रमाण पत्र बनाने के लिए सिटीजन चार्टर में समय सीमा तय कर दी है लेकिन किसी भी तहसील में फिलहाल उसका पालन नहीं हो रहा है। हालांकि यदि आप इन प्रमाण पत्रों के बनवाने में दलालों की सेवाएं लेते है तो कुछ घंटों में यह प्रमाण पत्र आपके हाथो में होंगे। यह सारा खेल बगैर तहसील कर्मियों की मिलीभगत के संभव नहीं है। इस खेल का खुलासा मंगलवार को खुद तहसीलदार ने फर्जी प्रमाण पत्रों से बनवाए जा रहे एक प्रमाण पत्र को पकड़कर किया।
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सदर तहसील में सक्रिय दलाल ठेका लेकर आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र बनवाने का काम करते हैं। सरकारी फीस से कई गुना ज्यादा रकम लेकर यह निर्धारित समय सीमा में ही अपने ग्राहक को प्रमाण पत्र बनवाकर दे देते है। जबकि सामान्य तरीके से प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लोगों को तमाम दस्तावेज लगाने पड़ते है। मंगलवार को फर्जी कागजातों के आधार पर निवास प्रमाण पत्र बनाने का मामला तहसीलदार ने खुद पकड़ा। सरांय निवासी शमीम का निवास प्रमाण पत्र के आवेदन में हलफनामे की जगह स्टांप पेपर की कापी लगी हुई थी। शपथपत्र भी स्टांप पेपर की फोटो स्टेट कापी में टाइप किया गया था। मजे की बात यह कि इस आवेदन को लेखपाल और नायब तहसीलदार ने प्रमाणित भी कर दिया। तहसीलदार की टेबल पर पहुंचा तो गड़बड़ी पकड़ ली गई। उन्होंने खिड़की पर फार्म जमा करने वाले कर्मचारियों के साथ ही प्रमाणित करने वाले अधिकारियों को फटकार भी लगाई।
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